अमेरिका में एक 27 साल की स्कूल टीचर को नाबालिग छात्र का यौन शोषण करने का दोषी पाए जाने के बाद 4 से 15 साल की सजा सुनाई गई है। दोषी अध्यापिका ने खुद नाबालिग छात्र का यौन शोषण करने की बात स्वीकार की थी। महिला टीचर ने स्वीकार किया कि नाबालिग छात्र को उसके घर पर ट्यूशन पढ़ाते समय उसका शोषण किया। मिशिगन के पोंटियाक की निवासी दोषी अध्यापिका जोसेलिन सेनरोमन को 28 अप्रैल को सजा सुनाई गई। सेनरोमन को बीते मार्च में अपराध का दोषी पाया गया था।
जज ने भी अपराध पर जताई हैरानी
महिला अध्यापिका ने साल 2023 में नाबालिग छात्र का यौन शोषण उस समय किया, जब आरोपी अध्यापिका सेनरोमन वॉटरफोर्ड टाउनशिप में ओकसाइड प्रेप एकेडमी में पढ़ा रही थीं। इस अवैध संबंध का खुलासा तब हुआ, जब सेनरोमन ने ही एक सहकर्मी को इसके बारे में बताया। सहकर्मी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सेनरोमन को गिरफ्तार कर लिया गया और फिर अदालत की कार्यवाही शुरू हुई। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले की सुनवाई कर रहीं जज चेरिल मैथ्यूज ने हैरानी जताई कि सेनरोमन ने न केवल छात्र के साथ यौन संबंध बनाए, बल्कि अपने घर पर इस अवैध कृत्य का वीडियो भी बनाया।
जज ने सेनरोमन से सवाल पूछा, 'एक नाबालिग का फायदा उठाना और उसका वीडियो बनाना बहुत ही खतरनाक व्यवहार है। आप एक नाबालिग के साथ उसके घर पर यौन संबंध बना रही थीं। यह बेहद घिनौना है।' इस पर आरोपी शिक्षिका ने अपने किए पर पछतावा जाहिर किया।
आरोपी शिक्षिका मानसिक समस्याओं से जूझ रही
आरोपी शिक्षिका सेनरोमन की वकील ने सुनवाई के दौरान जज को बताया कि आरोपी को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कुछ ऐसी समस्याएं थीं, जिनका इलाज नहीं हुआ था, और इन समस्याओं ने उनके फैसले लेने की क्षमता को प्रभावित किया। ओकलैंड काउंटी की अभियोजक कैरेन मैकडॉनल्ड ने अन्य छात्रों की सुरक्षा करने के लिए उस सहकर्मी की सराहना की, जिसने सेनरोमन की शिकायत की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सेनरोमन का अपने पद-स्थिति का दुरुपयोग करके एक नाबालिग पीड़िता का शोषण करने का आरोप है, जो विश्वास का सबसे बड़ा उल्लंघन है।