लंदन में बढ़ रहा आतंकी हमले का खतरा
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ब्रिटेन में आतंकी खतरे का स्तर सब्स्टैंशल से बढ़ाकर सीवियर कर दिया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि देश में आतंकी हमला होने की संभावना अब काफी अधिक मानी जा रही है। यह फैसला उत्तर-पश्चिम लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए यहूदी विरोधी चाकूबाजी हमले के बाद सामने आया है। हालांकि ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी से जुड़े संयुक्त आतंकवाद विश्लेषण केंद्र (JTAC) ने स्पष्ट किया है कि खतरे का स्तर बढ़ाने का निर्णय केवल इसी घटना के आधार पर नहीं लिया गया, बल्कि पिछले कुछ समय से देश में आतंकी खतरे में लगातार वृद्धि देखी जा रही थी।
जेएटीसी ने क्या बताया?
जेएटीसी के अनुसार, यह बढ़ता खतरा मुख्य रूप से इस्लामी कट्टरपंथ और चरम दक्षिणपंथी विचारधाराओं से प्रेरित छोटे समूहों और अकेले हमलावरों से जुड़ा हुआ है, जो देश के भीतर सक्रिय हैं।
गृह मंत्री ने सुरक्षा का दिया आश्वासन
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने कहा कि सीवियर स्तर का मतलब है कि आतंकी हमला अत्यधिक संभावित है और यह स्थिति कई लोगों, खासकर यहूदी समुदाय के लिए चिंता का कारण बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार यहूदी समुदाय की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है, जिसमें सिनेगॉग, स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों की सुरक्षा के लिए रिकॉर्ड स्तर पर फंडिंग और पुलिस व्यवस्था बढ़ाना शामिल है।
आतंकी खतरे का पांच स्तर
ब्रिटेन में आतंकी खतरे का स्तर पांच चरणों में तय किया जाता है, जिसमें सीवियर स्तर सबसे ऊंचे क्रिटिकल से ठीक एक स्तर नीचे है। क्रिटिकल का अर्थ होता है कि हमला निकट भविष्य में होने की आशंका है। ऐसे में सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पिछले दिनों हुआ था चाकू से हमला
यह निर्णय उस हमले के बाद आया है जिसमें दो यहूदी पुरुषों एक 76 वर्षीय और दूसरा 34 वर्षीय को सड़क पर चाकू मार दिया गया। इस मामले में 45 वर्षीय सोमालिया मूल के एक ब्रिटिश नागरिक को मौके से गिरफ्तार किया गया है और वह फिलहाल पुलिस हिरासत में है।
हाल के महीनों में हुई ऐसी कई घटनाएं
हाल के महीनों में लंदन में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 23 मार्च को गोल्डर्स ग्रीन में स्वयंसेवकों द्वारा संचालित चार एंबुलेंसों में आग लगा दी गई थी, जिससे धमाके भी हुए थे। इस मामले में तीन लोगों पर आरोप तय किए गए हैं।
इसके अलावा, हाल ही में उसी इलाके में एक मेमोरियल वॉल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जिसकी जांच फिलहाल काउंटर-टेररिज्म पुलिस कर रही है। 21 अप्रैल को पुलिस ने यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर आगजनी की साजिश रचने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी दिन एक 17 वर्षीय किशोर ने केंटन स्थित एक सिनेगॉग पर पेट्रोल बम से हमला करने की बात स्वीकार की थी।