अमेरिका के छह सांसदों ने देश में भारत के राजदूत हर्षवर्द्धन शृंगला को पत्र लिखकर कश्मीर में विदेशी पत्रकारों और सांसदों को पहुंच देने की मांग की है। इन सांसदों ने अपने पत्र में दावा किया है कि भारत द्वारा पेश की जा रही घाटी की तस्वीर उनके सूत्रों से मेल नहीं खाती है।
अमेरिकी सांसदों ने भारतीय राजदूत से कहा, कश्मीर में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता का रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। पत्र में सभी राजनीतिक बंदियों को तत्काल रिहा करने की मांग की गई है। शृंगला ने 16 अक्तूबर को अमेरिकी सांसदों से जम्मू कश्मीर की स्थिति के बारे में बात की थी। सांसदों ने इन्हीं संदर्भों के हवाले से यह पत्र लिखा है।
दक्षिण-मध्य एशिया की कार्यकारी सहायक विदेश मंत्री एलिस जी. वेल्स ने कहा, पत्रकारों ने जम्मू-कश्मीर पर गहराई से खबरें कवर की हैं। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टर महत्वपूर्ण हैं। लेकिन, सुरक्षा कारणों से कश्मीर जाने में वे चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हम मानते हैं कि सही मायने में पारदर्शिता तब होगी जब पत्रकारों और कांग्रेस सदस्यों को इस क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से जाने दिया जाएगा।
छह सांसदों के नाम
पत्र लिखने वाले सांसदों में डेविड एन सिसिलिन, डिना टिटस, क्रिसी हॉलाहन, एंडी लेविन, जेम्स पी. मैकगॉवर्न और सूसन शामिल हैं। सांसदों ने शृंगला को लिखा कि जम्मू-कश्मीर में भारत को घरेलू, विदेशी पत्रकारों और आगंतुकों को जाने की अनुमति देनी चाहिए। पत्र में अमेरिकी सांसदों ने अपने सहयोगियों के जम्मू कश्मीर में कर्फ्यू लगाने पर भी चिंता जताई।