अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ताइवान को 10 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के हथियारों का पैकेज देने की घोषणा की है। इस पैकेज में मध्यम दूरी के मिसाइल, हॉवित्जर (तोप) और ड्रोन शामिल हैं। इस कदम से चीन की नाराजगी देखने को मिल सकती है।
विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर रात इन हथियारों को वियतनाम को बेचने का एलान किया। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान की गई। अपने संबोधन में उन्होंने विदेश नीति के मुद्दों का संक्षिप्त जिक्र किया और चीन के साथ व्यापार या अन्य मुद्दों पर कुछ नहीं कहा।
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हथियारों की बिक्री के लिए आठ समझौतों में 82 हाई-मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (एचआईएमएआरएस) और 420 आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम (एटीएसीएमएस) शामिल हैं। यह वही प्रणाली है, जो बाइडन प्रशासन के दौरान यूक्रेन को रूस से बचाव के लिए दी गई थी और इनकी कीमत चार अरब डॉलर से अधिक है।
इस बिक्री में 60 सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर सिस्टम और अन्य उपकरण भी शामिल हैं, जिनकी कीमत भी चार अरब डॉलर से अधिक है और ड्रोन की कीमत एक अरब डॉलर से अधिक है। अन्य बिक्री में एक अरब डॉलर से अधिक का सैन्य सॉफ्टवेयर, 700 मिलियन डॉलर से अधिक के जैवेलिन और टॉ मिसाइल, 96 मिलियन डॉलर के हेलिकॉप्टर स्पेयर पार्ट्स और 91 मिलियन डॉलर के हार्पून मिसाइल रिफर्बिशमेंट किट शामिल हैं।
अमेरिका में हुआ 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश: ट्रंप
ट्रंप ने कहा, अमेरिका में पहले ही रिकॉर्ड 18 ट्रिलियन डॉलर का निवेश हुआ है, जिसका मतलब है रोजगार, वेतन में वृद्धि, विकास, कारखाने खुलना और राष्ट्रीय सुरक्षा में अभूतपूर्व वृद्धि। इस सफलता का अधिकांश हिस्सा टैरिफ के जरिए हासिल किया गया है। मेरा पसंदीदा शब्द, जिसका इस्तेमाल कई दशकों से अन्य देशों की ओर से सफलतापूर्वक हमारे खिलाफ किया जाता रहा है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा, कंपनियां जानती हैं कि अगर वे अमेरिका में निर्माण करती हैं, तो कोई टैरिफ नहीं लगता। इसीलिए वे रिकॉर्ड संख्या में अमेरिका लौट रही है। वे अभूतपूर्व स्तर पर कारखाने और संयंत्र खोल रही हैं।
'अमेरिका को वापस दिलाई उसकी ताकत'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मैंने अमेरिका को उसकी ताकत वापस दिलाई है। दस महीनों में आठ युद्धों का निपटारा किया। ईरान के परमाणु खतरे को खत्म किया और गाजा में युद्ध समाप्त किया, जिससे मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में तीन हजार वर्षों में पहली बार शांति आई और जीवित व मृत दोनों बंधकों की रिहाई सुनिश्चित हुई।
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क्रिसमस से पहले सैनिकों को बोनस का एलान
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिकी सैनिकों को क्रिसमस के लिए 1,776 डॉलर का बोनस भेजा जाएगा और यह भुगतान टैरिफ से प्राप्त राजस्व से किया जा रहा है। उन्होंने देश की जनता को आश्वस्त किया कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। ट्रंप ने कहा कि 1.45 मिलियन सैनिकों को क्रिसमस से पहले बोनस मिलेगा और चेक पहले ही भेज दिए गए हैं। हालांकि, सैनिकों के लिए बोनस भुगतान ऐसे समय में हो रहा है जब लाखों अमेरिकी खाने-पीने की चीजों, घर के खर्च, बिजली-पानी जैसी सुविधाओंऔर छुट्टियों पर दिए जाने वाले उपहारों की बढ़ रही कीमतों को लेकर चिंतित हैं। महंगाई उच्च स्तर पर बनी हुई है और हाल के महीनों में श्रम बाजार में गिरावट आई है।