जेफ्री एपस्टीन केस में अमेरिकी संघीय न्यायाधीश रिचर्ड बर्मन ने ग्रैंड जूरी की सुनवाई से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की ट्रंप सरकार की मांग को खारिज कर दिया। जज ने कहा कि ये दस्तावेज जनता की जिज्ञासा शांत नहीं कर सकते और सरकार असली तथ्यों को छिपा रही है।
अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने जेफ्री एपस्टीन की मौत के मामले में बुधवार को ट्रंप प्रशासन को एक बार फिर झटका दिया है। इसके तहत न्यायाधीश ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े देह व्यापार मामले की ग्रैंड जूरी की सुनवाई के दस्तावेज (ट्रांस्क्रिप्ट्स) सार्वजनिक करने की ट्रंप प्रशासन की मांग को खारिज कर दिया। इससे पहले दो अन्य जज भी इसी तरह की मांग को ठुकरा चुके हैं।
मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश रिचर्ड बर्मन ने कहा कि इन ट्रांस्क्रिप्ट्स में ऐसा कुछ नहीं है जो जनता की जिज्ञासा को संतुष्ट कर सके। उन्होंने इसे ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। साथ ही कहा कि असल में एपस्टीन से जुड़े करीब एक लाख पन्नों के दस्तावेज सरकार के पास हैं, लेकिन उन्हें अभी तक जारी नहीं किया गया है। न्यायाधीश ने ये भी कहा कि सरकार के पास असली और ठोस जानकारी है, लेकिन वह सिर्फ ग्रैंड जूरी की सीमित जानकारी जारी करवाना चाहती है, जो कि असल तथ्यों का एक बहुत ही छोटा हिस्सा है।
ट्रंप प्रशासन ने की थी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग
बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग की थी, ताकि यह दिखाया जा सके कि वे पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। ट्रंप खुद भी इस केस में नाम आने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं और उन्होंने चुनाव के दौरान सभी फाइलें जारी करने का वादा किया था। लेकिन जब उन्होंने कुछ दस्तावेज जारी किए, तो उनमें कुछ नया नहीं था, जिससे उनके समर्थकों में भी नाराजगी थी।