Israel Attacks Iran News Live: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला किया। ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले हुए, दूसरे दिन भी जारी हैं। जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई बड़े अधिकारी मारे गए हैं। होर्मुज की खाड़ी के पास एक तेल वाले जहाज पर हमला किए जाने की खबर है।इसमें टैंकर वाले इस जहाज पर 15 भारतीय भी सवार थे। अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में पढ़िए तनाव से जुड़े पल-पल के अपडेट्स..
ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध से जुड़े पहले दिन का अपडेट यहां पढ़ें-
ईरान की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान जहरा गनबरी ने ऑस्ट्रेलिया में दी गई शरण की अर्जी वापस ले ली है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक वह जल्द ही मलेशिया से ईरान लौटेंगी। रिपोर्ट के अनुसार टीम के तीन खिलाड़ियों और एक सहयोगी स्टाफ सदस्य ने भी पहले अपनी शरण याचिका वापस ले ली थी और मलेशिया पहुंच गए थे। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि विदेशों में खेलने वाले खिलाड़ियों पर ईरानी अधिकारियों की ओर से दबाव डाला जाता है। उनका कहना है कि अगर खिलाड़ी सरकार के खिलाफ बयान दें या देश छोड़ने की कोशिश करें तो उनके परिवारों को धमकी या संपत्ति जब्त करने जैसी चेतावनी दी जाती है।
दुबई सरकार ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि दुबई के अलग-अलग इलाकों में जो तेज आवाजें सुनी गईं, वे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा की गई सफल कार्रवाई का परिणाम थीं। सरकार के अनुसार, हवाई सुरक्षा प्रणाली ने संभावित खतरे को सफलतापूर्वक रोक दिया। संबंधित टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, हालिया हवाई हमलों में सात ईरानी सैन्य कमांडरों की मौत हो गई है। रिपोर्ट में बेसिज के मेजर जनरल शाहिद मोहम्मद शिराजी का नाम शामिल है, जो सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर के कार्यालय के प्रमुख थे। इसके अलावा, हवाई हमलों में जनरल शाहिद सालेह असदी, जो जनरल स्टाफ ऑफ़ द आर्म्ड फोर्सेज में इंटेलिजेंस के डिप्टी थे, वो भी मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमले ईरानी सैन्य ढांचे पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
इस्राइली सेना की होम फ्रंट कमांड ने कहा है कि अब इस्राइली नागरिक बम शेल्टर से बाहर आ सकते हैं। यह निर्देश उन हालिया ईरानी मिसाइल हमलों के दौरान हवाई चेतावनी बजने के बाद जारी किया गया। हालांकि, उन्होंने नागरिकों से यह भी कहा कि वे अभी भी शेल्टर के पास ही रहें ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत वापस जा सकें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि लोग सुरक्षित रहें और अचानक हमले की स्थिति में नुकसान से बचें।
पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और भारत की चिंताओं को साझा किया। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और कहा कि संघर्ष को जल्द रोकने की जरूरत है। भारत ने दोहराया कि सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति स्थापित करनी चाहिए।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईएसएनए ने दावा किया है कि राजधानी तेहरान के उत्तरी हिस्से में स्थित गांधी अस्पताल पर अमेरिका और इस्राइल ने हवाई हमला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान के गांधी अस्पताल को जायोनी-अमेरिकी हवाई हमलों का निशाना बनाया गया।
ईरान की अन्य समाचार एजेंसियों ने भी इस घटना से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अस्पताल के अंदर का है। वीडियो में फर्श पर मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है और खाली व्हीलचेयर भी नजर आ रही हैं।
यूएई ने ईरानी मिसाइल हमलों के बाद एहतियात के तौर पर सोमवार और मंगलवार को अपने शेयर बाजार बंद रखने का फैसला किया है। यूएई की कैपिटल मार्केट्स अथॉरिटी ने बताया कि अबू धाबी सिक्योरिटीज एक्सचेंज और दुबई फाइनेंशियल मार्केट 2 और 3 मार्च को बंद रहेंगे। प्राधिकरण ने कहा कि वह क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कदम उठाए जाएंगे। यूएई के ये दोनों शेयर बाजार मध्य पूर्व के सबसे बड़े पांच बाजारों में गिने जाते हैं और यहां कई बड़ी कंपनियां सूचीबद्ध हैं। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र के जिन बाजारों में रविवार को कारोबार हुआ, वहां भारी गिरावट देखी गई।
अमेरिकी चैनल एनहबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान के दौरान जिन तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है, वे कुवैत में तैनात थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये सैनिक उस समय कुवैत में मौजूद थे, जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ था। कुवैत उन खाड़ी देशों में शामिल है, जहां अमेरिका के सैन्य अड्डे हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर बमबारी अभियान शुरू किया था। इसके बाद से ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए। इन्हीं हमलों के बीच तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई। हालांकि हमले की पूरी परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
यूएई ने ईरान में अपना दूतावास बंद करने और अपने राजदूत को वापस बुलाने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम यूएई की जमीन पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद उठाया गया है। यूएई के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि तेहरान स्थित दूतावास को बंद किया जा रहा है। साथ ही राजदूत और वहां तैनात सभी राजनयिक अधिकारियों को भी वापस बुलाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय की रणनीतिक संचार निदेशक ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की।
बयान में कहा गया कि ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमले खुलेआम आक्रामक कार्रवाई हैं। इन हमलों में रिहायशी इलाकों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया। इससे आम नागरिकों की जान को खतरा पैदा हुआ। यूएई ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि अपने देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए यह कदम जरूरी था। इस फैसले के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों में और तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया में हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। अमेरिका और इस्राइल ने ईरान में हो रहे हमलों को और तेज किए जाने की चेतावनी दी है। वर्तमान हालात पर नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (NATO) की भी नजर है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका समेत कई बड़े देशों की सदस्यता वाले इस सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता ने कहा, NATO ईरान और उसके आस-पास के इलाके में तेजी से बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहा है। NATO के सुप्रीम एलाइड कमांडर जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने कहा कि अटलांटिक के दोनों तरफ बसे देशों के मिलिट्री लीडर्स और NATO महासचिव के बीच लगातार संवाद होता है। एक अन्य नाटो अधिकारी कर्नल मार्टिन ओ'डॉनेल ने कहा, शीर्ष सैन्य कमांडर NATO की ठोस सैन्य क्षमता में जरूरी बदलाव करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि नाटो सभी 32 सदस्य देशों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरे इलाकों से आने वाले बैलिस्टिक मिसाइलों या अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) जैसे खतरों से बचाव के लिए हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं।
इस्राइल-अमेरिका की तरफ से ईरान के दक्षिणी इलाके में की गई बमबारी में 160 से अधिक लोगों की मौत हुई है। सरकारी मीडिया की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि लड़कियों के स्कूल पर हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। इस्राइली सेना ने ऐसे किसी भी इलाके में हमले की जानकारी होने से इनकार किया है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि वह रिपोर्ट की जांच कर रही है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी- IRNA ने एक स्थानीय शख्स के बयान के हवाले से कहा कि हमले में 96 लोग घायल भी हुए हैं।
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की कार्रवाई में ईरान के नौ युद्धपोतों को नष्ट कर दिया गया है। हमलों को बाद ये जहाज समुद्र में डूब गए हैं। उन्होंने कहा कि निर्णायक कार्रवाई के दौरान ईरान की नौसेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच रविवार को भी विमानन कंपनियों को उड़ानें रद्द करनी पड़ी। दुबई समेत पश्चिम एशिया के कई एयरपोर्ट्स पर संचालन प्रभावित हुए हैं। UAE में दुबई और अबू धाबी और कतर में दोहा जैसे बड़े ट्रांजिट हब बंद किए गए। एयरस्पेस बंद रखे जाने के कारण कई जगहों पर पाबंदियों की वजह से भी विमानों का परिचालन प्रभावित हुआ। हजारों यात्री बाली, काठमांडू और फ्रैंकफर्ट जैसी दूर-दराज की जगहों पर फंसे हुए हैं।
टकराव बढ़ने के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को और तेज हमलों की धमकी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नेतन्याहू ने इस्राइल के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक के बाद कहा, सैनिकों को अगले चरण के ऑपरेशन की तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ईरान के खिलाफ हमले और तेज किए जाएंगे।
ईरानी सेना ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार के दौरान 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं। रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक अब तक 560 अमेरिकी सैनिक या तो मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। अमेरिका ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए आंकड़े को भ्रामक बताया है।
अमेरिकी सेना ने ईरान पर बमबारी के लिए बी-2 स्टील्थ बॉम्बर का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की तरफ से जारी वीडियो संदेश के मुताबिक 2000 पाउंड के बमों से लैस विमानों से ईरान के मिसाइल ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और ऑनलाइन अपराध पर नजर रखने वाले जानकारों के हवाले से समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि बमबारी के बीच अब साइबर अपराध भी अपने पैर पसार रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार सुबह-सुबह ईरान में साइबर-इनेबल्ड ऑपरेशन्स की एक लहर देखी गई। इन ऑपरेशन्स में कई न्यूज़ वेबसाइट्स को हैक करके अलग-अलग मैसेज दिखाए गए।
बादे सबा (BadeSaba) को भी हैक किया गया। ये एक धार्मिक कैलेंडर एप है जिसे 5 मिलियन से अधिक यूजर्स डाउनलोड कर चुके हैं। इस एप पर ऐसे मैसेज दिखाए गए थे जिनमें यूजर्स को 'हिसाब-किताब का समय आ गया है' जैसे संदेश दिखाए गए। सेना से हथियार छोड़कर लोगों के साथ आने की अपील भी की गई।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि ईरानी सैन्य हमलों में मामूली रूप से घायल हुए 58 लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने कहा, उसे भारतीय नागरिक के घायल होने की जानकारी है और वह अस्पताल के अधिकारियों के संपर्क में है। भारतीय नागरिक खतरे से बाहर है। हर संभव मदद मुहैया कराई जा रही है। UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरानी हमलों में तीन लोग मारे गए और 58 लोग मामूली रूप से घायल हुए।
ईरान पर बमबारी और देश के शीर्ष नेता खामेनेई की मौत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नई लीडरशिप और वहां का प्रशासन अमेरिका से बात करना चाहता है। उन्होंने कहा कि वे वार्ता की योजना बना रहे हैं। द अटलांटिक मैगजीन में ट्रंप के हवाले से छपे बयान में लिखा गया, 'वे बात करना चाहते हैं और मैं बात करने के लिए राजी हो गया हूं, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा। उन्हें (ईरान को) यह पहले कर लेना चाहिए था। उन्हें वह देना चाहिए था जो बहुत व्यावहारिक और आसान था, लेकिन उन्होंने बहुत देर कर दी।' फिलहाल इस रिपोर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के समय को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
पश्चिम एशिया में चिंताजनक हालात पर भारत की भी पैनी नजर है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने अब से थोड़ी ही देर पहले ओमान के विदेश मंत्री अल बुसैदी से फोन पर बात की। विदेश मंत्रालय ने इस संबंध सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया। इसके मुताबिक विदेश मंत्री जयशंकर ने हिंसक संघर्ष और तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान और अमेरिका-इस्राइल संघर्ष को लेकर बुसैदी के आकलन और समझ की तारीफ़ की।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान के अपने समकक्ष ने बद्र बिन हमद अल बुसैदी से बात की है। अराघची ने कहा है कि तेहरान 'तनाव कम करने की किसी भी गंभीर कोशिश' के लिए तैयार है। ओमान के विदेश मंत्रालय से जारी बयान के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में परमाणु मुद्दे पर बातचीत हुई थी। ओमान इसमें मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है। अल बुसैदी ने हमले से ठीक पहले शुक्रवार को वाशिंगटन जाकर जेडी वेंस से मुलाकात की थी। ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी बमबारी के बीच रविवार को ओमान के विदेश मंत्रालय ने कहा, अराघची ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि अमेरिका-इस्राइल के हमलों के कारण ही 'इलाके में तनाव और घबराहट बढ़ी है।
इस्राइल के बेत शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हमले में नौ लोगों की मौत के अलावा कई इमारतें भी जमींदोज हुई हैं। बचावकर्मी मलबे के नीचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। हमले से पहले इस्राइल के आयरन डोम सिस्टम की मदद से बजने वाला सायरन नहीं बजा। इस्राइली सेना और अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। बेत शेमेश में एयर डिफेंस सिस्टम को भेदकर गिरी मिसाइल के बाद सवाल उठ रहे हैं कि सिस्टम क्यों फेल हो गए? क्या इस्राइल के मल्टीलेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम फुलप्रूफ नहीं हैं? क्या इसकी मदद से हर मिसाइल हमले को नहीं रोका जा सकता? दरअसल, ईरान बैलिस्टिक और दूसरी तरह की मिसाइलें लॉन्च कर रहा है। इसकी मदद से इस्राइली शहरों के बीचों-बीच हमला करने की कोशिश में है।
सऊदी अरब ने रियाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट और प्रिंस सुल्तान एयरबेस को निशाना बनाने वाली ईरानी मिसाइलों के हमले को नाकाम करने का दावा किया है। यहां अमेरिकी मिलिट्री के लोग रहते हैं। समाचार एजेंसी एएफपी के हवाले से अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा गया कि यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने रविवार दोपहर को रियाद एयरपोर्ट और प्रिंस सुल्तान एयरबेस के पास ईरानी मिसाइलों को रोकने में सफलता पाई। एयरपोर्ट के पास मौजूद एक चश्मदीद ने कहा, उन्होंने 'एयर डिफेंस को आसमान में मिसाइल को रोकते हुए देखा और सुना।' बता दें कि दुबई, अबू धाबी, कुवैत और मनामा एयरपोर्ट भी ईरान ने मिसाइलों से हमले किए हैं।
इस्राइली सेना ने तेहरान पर नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं। सेना की तरफ से जारी एक अपडेट में कहा गया, ईरानी राजधानी पर नए हवाई हमले शुरू कर दिए गए हैं। एयर फोर्स अब तेहरान के बीचों-बीच हमले कर रही है। कल ईरान, लेबनान और गाजा पर एक साथ हमले किए गए थे।
UAE ने दावा किया है कि ईरानी मिसाइल हमले से फ्रांसीसी सेना वाले बेस पर आग लग गई। फ्रांसीसी सेना वाले अबू धाबी नेवल बेस पर ईरानी ड्रोन हमले का जिक्र करते हुए यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा, आग से कोई हताहत नहीं हुआ है। स्पेशल टीमों ने अबू धाबी में अल सलाम नेवल बेस पर एक वेयरहाउस में दो कंटेनरों में आग लगने के बाद तत्परता से कार्रवाई की। जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। इस बेस को कैंप डे ला पैक्स (पीस कैंप) के नाम से भी जाना जाता है। फ्रांस की सेना ने हमले की खबरों पर फिलहाल कोई बयान नहीं दिया है।
इराक में अमेरिकी दूतावास ने विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने की आशंका को लेकर नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा, इस देश में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिक खतरों से सतर्क रहें। परिसर के पास विरोध प्रदर्शन हिंसक हो सकते हैं। रेस्त्रां, बिज़नेस और इराक में अमेरिका के हितों का ध्यान रखने वाले लोगों पर मंडरा रहे खतरों पर पैनी नजर रखी जा रही है, लेकिन नागरिकों को अपने आस-पास के माहौल से भी अलर्ट रहना चाहिए। लोगों को भीड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी गई है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी मिसाइल हमले से अमेरिकी पोत- USS अब्राहम लिंकन पर कोई असर नहीं हुआ है। अमेरिका ने दावा किया कि ईरान के मिसाइल हमले से एयरक्राफ्ट कैरियर पर कोई असर नहीं पड़ा है। पोत अपना ऑपरेशन जारी रखे हुए है। ईरान की मिसाइल जहाज़ तक नहीं पहुंची, इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ।
इस्राइल में विपक्षी दल के नेता यायिर लैपिड ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या इस्राइल की सुरक्षा के लिए जरूरी थी। उन्होंने कहा, टहम ईरान में वही करते रहेंगे जो हम कर रहे हैं ताकि यह पक्का हो सके कि इस्राइली लोग सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि खामेनेई की मौत 35 साल देर से हुई है।
एक अन्य बयान में US सेंट्रल कमांड ने कहा, ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन की शुरुआत में ओमान में एक ईरानी जहाज पर भी हमला किया गया। CENTCOM ने एक्स हैंडल पर जारी एक संदेश में कहा कि दक्षिणी ईरान में जमारान-क्लास कॉर्वेट पर हमला कर नष्ट कर दिया गया। जहाज अभी चाबहार पियर पर ओमान की खाड़ी के नीचे डूब रहा है।
अमेरिकी मिलिट्री की तरफ से जारी बयान के मुताबिक ईरान के खिलाफ ऑपरेशन में तीन सर्विस मेंबर मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हैं। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान में कहा, “कई अन्य लोगों को छर्रे और कनकशन से मामूली चोट लगी हैं — उन्हें ड्यूटी पर वापस लाया जा रहा है। बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन और जवाबी कार्रवाई जारी है। सेना ने कहा, 'परिवारों के सम्मान में, हम अपने शहीद सैनिकों की पहचान सहित और जानकारी तब तक नहीं देंगे, जब तक कि उनके परिवार वालों को बता नहीं दिया जाता।'
पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए दुनिया की सबसे बड़ी कंटेनर शिपिंग कंपनी मार्सक ने सुरक्षा कारणों से होर्मुज जलडमरूमध्य से मालवाहक जहाजों की आवाजाही रोकने का फैसला लिया है। डेनमार्क की इस कंपनी ने ऑनलाइन एडवाइज़री में कहा, 'हम अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य में सभी जहाजों के आने-जाने पर रोक लगा रहे हैं। हमारे क्रू, जहाजों और ग्राहकों के माल की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।' बता दें कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का एलान किया है। हालांकि, देश के विदेश मंत्री अराघची ने फिलहाल, ऐसे किसी भी फैसले से इनकार किया है।
होर्मुज इसलिए भी अहम है क्योंकि कम चौड़ाई के बावजूद इस जलमार्ग से दुनिया के सबसे बड़े क्रूड कैरियर अपना समान भेजते हैं। पश्चिम एशिया के बड़े तेल और गैस निर्यातक इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई भेजने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। आयात करने वाले देश भी बड़ी संख्या में इस पर निर्भर हैं।
इस्राइल में ईरान ने जो मिसाइल हमले किए हैं, इसका असर एक शेल्टर होम पर भी पड़ने की आशंका है। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को बचाने का काम कर रहे हैं। इस्राइल के सामने सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि बेत शेमेश में मिसाइल इंटरसेप्ट करने वाले आयरन डोम के सायरन क्यों नहीं बजे। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस्राइल को जवाबी कार्रवाई में डिफेंसिव मिसाइलें दागनी पड़ रही हैं। बेत शेमेश और तेल अवीव की तरह ही अन्य इलाकों में भी सायरन न बजने के कारण मिसाइल इंटरसेप्ट न होने का खतरा मंडरा रहा है।
परमाणु के मुद्दे पर चल रही बातचीत के बीच हमले के लिए अमेरिका की आलोचना करते हुए अराघची ने कहा, ईरान ने डिप्लोमेसी का हमेशा समर्थन किया है। अमेरिका ने बातचीत के दौरान हम पर दूसरी बार हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान 'अपने भाइयों पर हमले नहीं कर रहा है, हम अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहे हैं।'
अल जजीरा के साथ इस इंटरव्यू के दौरान अराघची ने कहा, फारस की खाड़ी के दूसरी तरफ बसे देशों से हमें कोई दिक्कत नहीं है। उन सभी के साथ हमारे दोस्ताना बर्ताव कर रहे हैं। इनके साथ हमारे रिश्ते अच्छे पड़ोसी वाले हैं। हम इन रिश्तों को जारी रखने का पक्का इरादा रखते हैं। उन्होंने बमबारी और बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल को लेकर कहा, 'हम जो कर रहे हैं, वह असल में आत्मरक्षा और ईरान पर अमेरिकी हमले का बदला है।'
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का कोई इरादा नहीं रखता। बकौल अराघची, 'अभी होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल यहां से गुजरने वाले जहाजों को बाधित करने (नेविगेशन में रुकावट) जैसी योजनाएं भी नहीं हैं। ईरान केवल अमेरिकी मिलिट्री के लोगों और उनकी मदद करने वाली जगहों को टारगेट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना हमले कर रही है। हमारे पास खुद को बचाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, 'बेशक हम अमेरिकी इलाके में किसी भी टारगेट को हिट नहीं कर सकते, इसलिए हमें इस इलाके में अमेरिकी बेस और पश्चिम एशिया में अमेरिका द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगहों पर हमले करने होंगे। शुरुआत उनके मिलिट्री बेस पर हमले से की गई है। अमेरिकी सेना मिलिट्री बेस खाली कर चुकी है। वे होटलों में छिप कर अपने लिए ह्यूमन शील्ड बना रहे हैं। हम असल में केवल मिलिट्री के लोगों और उन जगहों को ही टारगेट करने की कोशिश कर रहे हैं जो ईरान के खिलाफ उनके ऑपरेशन में अमेरिका की मदद कर रही हैं।
अमेरिका और इस्राइल की तरफ से की गई भीषण बमबारी के बावजूद ईरान ने पलटवार जारी रखने की कसम खाई है। देश के राष्ट्रपति और विदेश मंत्री ने साफ किया है कि ईरान पर युद्ध थोपा गया है।अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते करीब 40 घंटे से अधिक समय की बमबारी में अब तक 215 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के अलावा इस्राइल और आसपास के अन्य देशों को मिलाकर 1000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अकेले ईरान में 201 लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि 740 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मिसाइल, गोलाबारी और बमबारी की चपेट में आने वाले अन्य लोग ईराक, कुवैत, कतर, बहरीन, ओमान और यूएई के हैं। हताहतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।
अराघची ने युद्ध के उन्माद के बीच पश्चिम एशिया और अन्य खाड़ी देशों की भूमिका को लेकर कहा, 'मैं इस इलाके में अपने सभी साथियों के संपर्क में रहा हूं। उन्हें ईरान का पक्ष अच्छे तरीके से समझाया गया है। उन्होंने कहा, 'हम जानते हैं कि इस इलाके में बसे अन्य देशों की पोजीशन क्या है। वे खुश नहीं हैं, उनमें से कुछ तो गुस्से में भी हैं, कुछ इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि इस इलाके में जो हो रहा है, वह हमारी गलती या मर्जी से नहीं हो रहा है, इस बात को अन्य देश अच्छे से समझें। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अमेरिका और इस्राइल ने थोपा है। इसलिए अगर इस क्षेत्र के देश अगर गुस्से में हैं, तो उन्हें इस्राइल और अमेरिका के खिलाफ क्रोधित होना चाहिए। इस युद्ध को रोकने के लिए दबाव ईरान पर नहीं, दूसरी तरफ डालना चाहिए।
ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की मौत का दावा किया गया है। यह दावा ईरान की लेबर न्यूज एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। उनकी मृत्यु कथित तौर पर रविवार को हुए एक हवाई हमले के कारण हुई है।
अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई का जवाब देने के लिए ईरान- ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 चला रहा है। इस संबंध में देश के सुरक्षाबलों की तरफ से चौथा बयान जारी किया गया है। ईरान रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि ईरान की सेना ने दुश्मनों के ठिकानों पर हमले के बाद, अमेरिकी सेना के एयरक्राफ्ट कैरियर- अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।
इस्राइल की तरफ से जारी बयान के हवाले से समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट में कहा गया कि इस्राइल ने सीरिया के ऊपर एक ईरानी मिसाइल को रोकने में कामयाबी पाई है। गृह मंत्रालय के सूत्र के हवाले से AFP ने बताया कि सीरिया में इंटरसेप्ट की गई मिसाइल में जोरदार धमाका हुआ जिसकी आवाज राजधानी दमिश्क तक सुनी गई।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इस्राइल के बेत शेमेश इलाके में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के हमले में मारे गए लोगों की संख्या नौ हो चुकी है।
शनिवार को ईरानी मिसाइल हमले शुरू होने के बाद से यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में कम से कम तीन लोग मारे गए हैं और 58 अन्य घायल हो गए हैं। अमेरिका और इस्राइली सेना के हमलों के जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 165 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगा। इनमें से 152 को नष्ट कर दिया गया। दो क्रूज मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट किया गया। कुल '541 ईरानी ड्रोन में 506 को इंटरसेप्ट करके नष्ट किया गया। ईरान के तरफ से किए गए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतक पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से थे।
कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक मिसाइल हमलों और बमबारी के बीच एक व्यक्ति की मौत हो गई है। 32 घायल भी हुए हैं। घायलों का इलाज अल-अदान अस्पताल में कराया जा रहा है।
राष्ट्रपति के अलावा विदेश मंत्री अराघची ने एक बार फिर दोहराया है कि ईरान अपनी सीमाओं की रक्षा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा, 'अपना बचाव करने में उन्हें कोई रोक नहीं सकता। उनके सामने सीमा जैसी कोई बाधा नहीं है।' अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री ने खामेनेई के उत्तराधिकारी से जुड़े सवाल पर कहा, देश में सांविधानिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। फैसले लेने के लिए ट्रांजिशनल काउंसिल बनाई गई है। यह अहम मामलों को संभालने का काम करेगी। सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या को 'बहुत ही गंभीर' बताते हुए अराघची ने कहा, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन किया गया है। सुप्रीम लीडर की हत्या के कारण टकराव और भी खतरनाक मोड़ लेगा।
उन्होंने खामेनेई के बाद सर्वोच्च नेता चुने जाने से जुड़े एक सवाल पर कहा, 'सब कुछ ठीक है', सांविधानिक प्रक्रिया चल रही है। अल जजीरा के साथ इस इंटरव्यू में अब्बास अराघची ने कहा, 'खामेनेई की जगह कौन लेगा? इसका जवाब तलाशने के लिए ईरान के संविधान में प्रक्रिया निर्धारित है। हमने वह प्रोसेस शुरू कर दिया है। आज गठित की गई ट्रांजिशन काउंसिल में राष्ट्रपति, न्यायपालिका के प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट शामिल हैं।
बकौल अराघची, 'नया लीडर चुने जाने से पहले तीन लोगों का ग्रुप (ट्रांजिशन काउंसिल) लीडरशिप के प्रभारी की तरह काम करेगा। इसके बाद असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स नए लीडर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी करेगी। मुझे लगता है कि इसमें थोड़ा समय लगेगा। शायद एक या दो दिन में देश के नए लीडर का चुनाव हो जाएगा।'
खामेनेई की मौत के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने आज देशवासियों के नाम अपने पहले संदेश में कहा, ईरान इस्राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 'सख्त हमले जारी रखेगा।' टीवी पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति ने कहा कि देश सख्त हमले जारी रखने के अलावा सुप्रीम लीडर के नक्शेकदम पर चलने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेनाएं सख्त हमले जारी रखेंगी। सेना दुश्मनों के मिलिट्री बेस को तबाह करती रहेंगी। क्रांति के लीडर की शहादत वर्षों की कुर्बानी का नतीजा है।'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया। उन्होंने अमेरिका-इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई के संबंध में एक्स हैंडल पर लिखा, पाकिस्तान की सरकार और लोग ईरान के लोगों के दुख और दुख की इस घड़ी में उनके साथ हैं। शरीफ ने खामेनेई की मौत को 'शहादत' बताते हुए गहरी संवेदनाएं भी जताई। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों के उल्लंघन से चिंतित है। हेड्स ऑफ़ स्टेट / सरकार को टारगेट नहीं किया जाना, पुरानी परंपरा है। हम दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना करते हैं।
खामेनेई के मारे जाने के बाद चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान का समर्थन किया। उन्होंने रविवार को कहा, ईरान पर अमेरिका और इस्राइली हमले मंज़ूर नहीं हैं। उन्होंने तुरंत सीजफ़ायर और बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा कि एक संप्रभु देश में नेता की खुलेआम हत्या सरासर गलत है। चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के हवाले से आई सूचना के मुताबिक, वांग ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी फोन पर बात की। चर्चा के दौरान वांग ने लावरोव से कहा, 'एक संप्रभु नेता की खुलेआम हत्या' और शासन बदलने के लिए देश के लोगों को उकसाना 'मंजूर नहीं है।' वांग के इस बयान को चीन का ईरान को समर्थन माना जा रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इस्राइल की तरफ से संयुक्त रूप से की गई बमबारी की निंदा की। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान खामेनेई के रास्ते पर चलना जारी रखेगा। बीबीसी की इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि हिंसा और बमबारी के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच डिप्लोमैटिक बातचीत हुई। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के दौरान विदेश मंत्रालय ने US और इस्राइली हमलों की निंदा की।
सऊदी अरब ने खाड़ी देशों तनाव और इस्राइल और ईरान के बीच जारी मिसाइल हमलों के कारण उपजी चिंताजनक स्थिति के बीच आज ईरान के राजदूत को तलब किया। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी के विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में कहा, ईरानी राजदूत को तलब कर चिंताओं से अवगत कराया गया। एक दिन पहले सऊदी अरब ने तेहरान पर अपने इलाके को निशाना बनाकर हमले करने का आरोप लगाया था।
ईरान के मिसाइल हमले के बाद इस्राइल के बेत शेमेश इलाके में कम से कम 4 लोगों के मारे जाने की खबर है। मैगन डेविड एडोम एम्बुलेंस सर्विस के मुताबिक, यरुशलम से 30 किलोमीटर (19 मील) पश्चिम में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल गिरी। इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए। इस्राइली सेना ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा, राहत और बचाव दल रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। मेडिकल की टीम को भेजने और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
कैसे नाकाम हो गया इस्राइल का आयरन डोम?
ईरानी मिसाइल के बेत शेमेश में गिरने से आठ लोगों की मौत होने के बाद इस्राइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा कि मिसाइल को रोकने में सिस्टम कैसे नाकाम रहा? इस पहलू की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इस्राइल में आयरन डोम सिस्टम से मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया जाता है, जिससे जान-माल का नुकसान कम होता है।
ईरान में बमबारी और जवाबी कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों से पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं। इसी बीच तेल का उत्पादन करने वाले देशों के समूह-
ओपेक (OPEC+) ने उत्पादन बढ़ाने का एलान किया है। ओपेक देशों के समूह में V8 (वॉलंटरी आठ) ग्रुप ने कहा है कि बदले हुए हालात में प्रतिदिन 2,06,000 बैरल प्रति दिन (bpd) के उत्पादन समायोजन ('प्रोडक्शन एडजस्टमेंट') पर सहमति बनी है। इन देशों के समूह में सऊदी अरब और रूस जैसे तेल उत्पादक देश भी शामिल हैं। बयान के मुताबिक 'यह एडजस्टमेंट अप्रैल में लागू किया जाएगा।'
पश्चिम एशिया में गहराते संकट को देखते हुए भारत समेत कई देशों की एयरलाइंस कंपनियों ने विमानों के संचालन पर सख्त फैसले लिए हैं। जर्मनी की सबसे बड़ी कंपनी- लुफ्थांसा ने क्षेत्रीय फ्लाइट्स को 8 मार्च तक रद्द रखने का एलान किया है। अब तेल अवीव, बेरूत, अम्मान, एरबिल, दम्माम और तेहरान जाने के लिए लुफ्थांसा के विमान 8 मार्च तक नहीं मिलेंगे। विमानन कंपनी ने अपडेट्स के लिए यात्रियों से लगातार संपर्क में बने रहने की अपील भी की है।
पश्चिम एशिया में जारी बमबारी, ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध का भारत समेत कई देशों में विरोध हो रहा है। विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण-पूर्वी यूरोपीय देश ग्रीस के एथेंस में भी अपनी आवाज उठाई। यहां लगभग 1000 लोगों ने अमेरिका और इस्राइल के दूतावासों के बाहर प्रदर्शन किए। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीक कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'ईरान से हाथ हटाओ' (Hands off Iran) और 'सौदा बेस बंद करो'(close Souda base) जैसे नारे लिखे बैनर और तख्तियां भी देखे गए। बता दें कि सौदा ग्रीस में अमेरिकी नौसेना का बेस है। पूर्वी भूमध्य सागर का ये नेवल बेस अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम जगह मानी जाती है।
ब्रिटेन ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनजर अपने देश के नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विदेश विभाग ने कहा कि बढ़ते टकराव को देखते हुए बहरीन, कुवैत, कतर और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले ब्रिटिश लोगों से सुरक्षित जगहों पर ही शरण लेने की अपील की गई है। बहरीन, कुवैत, कतर और UAE में जरूरी यात्राओं को छोड़कर घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। ब्रिटिश नागरिकों से सरकार की तरफ से जारी एडवाइजरी पर नजर रखने के अलावा अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की अपील भी की गई है।
इस्राइल में आपात सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों की वजह से रविवार को देश के मध्य क्षेत्र (सेंट्रप इस्राइल) में कई लोग मारे गए। हताहतों में एक बच्ची भी शामिल है। अल जजीरा की रिपोर्ट में रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े मैगन डेविड एडोम के हवाले से बताया गया कि 'मेडिकल टीम घायलों का इलाज कर रही है। बेत शेमेश इलाके में भी मिसाइल से हमला किया गया है।
जकार्ता में ईरान के दूतावास की तरफ से रविवार को जारी बयान में कहा गया, ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल हमले कर रहे हैं। ईरान इंडोनेशिया की तरफ से आए मध्यस्थता के ऑफर का स्वागत करता है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश के बाद दूतावास की तरफ से कहा गया, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की मध्यस्थता की तैयारी का ईरानी दूतावास स्वागत करता है। दूतावास ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल के हमले और अपराधों की निंदा करने में इंडोनेशियाई अधिकारियों को कड़ा रुख अपनाना चाहिए। ये बेहद महत्वपूर्ण है।
पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच वैश्विक ताकतों ने अलग-अलग खेमे का समर्थन या विरोध का रास्ता चुना है। भारत समेत कई देशों ने तटस्थ रहने की बात कही है। इसी बीच इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने कहा है कि वे अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने को तैयार हैं। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक अगर दोनों पक्ष सहमत हों तो राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो मध्यस्थता करने के लिए तेहरान जाने को तैयार हैं।
ईरान के अलग-अलग ठिकानों पर इस्राइली सुरक्षाबलों की आक्रामक बमबारी जारी है। इस्राइल डिफेंस फोर्सेज(IDF) की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक पश्चिमी ईरान के तबरीज एयरपोर्ट पर दो फाइटर जेट्स- F5 और एक F4 को निशाना बनाया गया। आईडीएफ ने एयरपोर्ट पर हमला उस समय किया जब दोनों लड़ाकू विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहे थे। आईडीएफ ने हमले का एक वीडियो भी जारी किया है। इस्राइल का कहना है कि एयरपोर्ट पर यह हमला ईरान की वायुसेना की गतिविधियों को कमजोर करने और एरियल डिफेंस की कमर तोड़ने के मकसद से किया गया।
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की तरफ से मिसाइल हमले लगातार जारी हैं। इस्राइल में तेल अवीव के ऊपर नए धमाके सुने गए हैं। दुबई, अबू धाबी, दोहा और मनामा में भी नए धमाके सुने गए हैं।
शिपिंग डेटा से पता चला है कि क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के जहाजों समेत सैकड़ों टैंकर होर्मुज की खाड़ी के पास फंस गए हैं। भीषण बमबारी के बीच जहाजों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल, खुले पानी में लंगर डाल लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दर्जनों और टैंकर चोकपॉइंट (होर्मुज के पास संकरा जलमार्ग) के दूसरी तरफ भी फंसे हैं।
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। हजारों प्रदर्शनकारी कड़ी सुरक्षा वाले रेड जोन इलाके के पास जमा हो गए, जहां दूतावास और सरकारी इमारतें स्थित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन करने वालों को गद्दार बताया। भीड़ को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग की। मौके पर कई लोग भावुक होकर रोते नजर आए, जबकि शिया नेताओं ने खामेनेई की बहादुरी और नेतृत्व की प्रशंसा की। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
ईरान के ताजा हमलों के बीच इस्राइल में सुरक्षा अलर्ट चरम पर पहुंच गया है। देश के दक्षिणी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन घुसपैठ की चेतावनी देने वाले सायरन लगातार बजते रहे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
रिपोर्टों के मुताबिक जॉर्डन सीमा के पास दक्षिणी इस्राइल में संदिग्ध ड्रोन घुसपैठ की चेतावनी जारी की गई। वहीं ईरान की ओर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के कारण केंद्रीय और उत्तरी इस्राइल के कई शहरों में भी अलर्ट जारी रहा। सेना ने लोगों को तुरंत सुरक्षित बंकरों और शेल्टर में जाने का निर्देश दिया।
इस्राइली सेना ने कहा कि वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय होकर मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने में लगी है। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और सुरक्षा एजेंसियां संभावित नए हमलों को लेकर हाई अलर्ट पर हैं।
ईरान ने दावा किया है कि उसने इराक और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला किया है। ईरानी सेना के बयान के अनुसार, यह कार्रवाई कई चरणों में चलाए गए सैन्य अभियान के तहत की गई। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की वायुसेना के पायलटों ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र और फारस की खाड़ी के देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने कहा कि यह हमला अमेरिका और इस्राइल के हालिया सैन्य हमलों के जवाब में किया गया है। क्षेत्र में पहले से तनाव बढ़ा हुआ है और कई देशों ने मिसाइल व ड्रोन हमलों को इंटरसेप्ट करने की पुष्टि भी की है।
बहरीन की राजधानी मनामा में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को तुरंत होटल छोड़ने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा कि संभावित ईरानी हमलों को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। दूतावास द्वारा जारी बयान में बताया गया कि अमेरिकी सरकारी कर्मियों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। मनामा स्थित क्राउन प्लाजा होटल पर हुए हमले की भी पुष्टि की गई, जिसमें कुछ लोग घायल हुए। अधिकारियों ने अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक अभियान के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि कार्रवाई जितनी जरूरत होगी उतनी देर तक चलेगी और बीच में नहीं रोकी जाएगी। आईडीएफ प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान काट्ज ने दावा किया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत क्षेत्रीय हालात में एक निर्णायक मोड़ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान की जनता खुद मौजूदा शासन के खिलाफ खड़ी होगी।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत को देश के इतिहास का निर्णायक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद ईरान के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन अब देश के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। कैलास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ईरानी जनता को अब अपने देश की दिशा तय करने के लिए अधिक अवसर मिल सकता है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ क्षेत्रीय साझेदार देशों के संपर्क में है और तनाव कम करने के व्यावहारिक कदमों पर चर्चा जारी है।
बहरीन की राजधानी मनामा में एक होटल को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि क्राउन प्लाजा होटल पर हुए हमले में इमारत को नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। इससे पहले बहरीन ने कहा था कि मिसाइल हमले में अमेरिका की नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया था। उस हमले में मनामा शहर की तीन इमारतों को नुकसान पहुंचा था। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
ईरान की राजधानी तेहरान में 57 लोगों की मौत हो गई है। तेहरान प्रोविंस रेड क्रिसेंट सोसाइटी के हवाले से ईरान की सरकारी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) का कहना है कि तेहरान में 24 घंटे में 60 हमले हुए हैं, जिसमें 57 लोग मारे गए हैं। इस्राइली सेना का कहना है कि वह राजधानी को निशाना बना रही है।
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के प्रमुख जसीम अल-बुदैवी ने ओमान में दुक्म पोर्ट पर ईरान के हमले और ओमान के तट पर एक तेल टैंकर को निशाना बनाने की निंदा की है। उन्होंने इसे गंभीर उल्लंघन और एक खतरनाक बढ़ोतरी बताया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने इन कार्रवाइयों को मंजूर नहीं किए जा सकने वाले उकसावा बताया, जो गल्फ में स्थिरता को कमजोर करते हैं और संयम और अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की जरूरत पर जोर दिया।
ईरान संकट के चलते भारत में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश की तेल आपूर्ति सुरक्षित है, लेकिन ब्रेंट क्रूड की बढ़ती कीमतें और बढ़े हुए परिवहन एवं बीमा खर्चों से महंगाई और मैक्रोइकोनॉमिक दबाव बढ़ सकता है। ये भी पढ़ें...
उत्तर कोरिया ने ईरान पर अमेरिकी-इस्राइली हमलों की निंदा करते हुए इसे ‘गैर-कानूनी हमला’ बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से सरकारी मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने कहा है कि ईरान पर गैर-कानूनी हमला है और देश की आजादी का उल्लंघन हैं। प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का शामिल होना उम्मीद के मुताबिक था। बयान में कहा गया है कि अमेरिका और इस्राइल का 'आक्रामक युद्ध' किसी भी हालत में मंजूर नहीं है।
अमेरिका और इस्राइल के हमले में अली खामेनई की मौत के बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन शुरू हो गया है। वरिष्ठ धर्मगुरु अली रेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर...
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सेना ईरानी शासन से जुड़ी जगहों को निशाना बनाकर जोरदार हमले कर रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि हम तेहरान में टारगेट पर जोरदार हमला करने के लिए लगातार हवाई हमले करेंगे।
ईरान पर इस्राइल की हमले की दूसरी लहर जारी है। तेहरान के एयरपोर्ट के आस-पास समेत सात जगहों पर हमले हुए हैं। हालांकि टारगेट के बारे में कोई खास जानकारी नहीं है कि वे मिलिट्री से जुड़े हैं या सरकार से। हमले बड़े होटलों और मॉल के पास हुए हैं। ऐसे में ईरानी अब पहले से कहीं अधिक डरे हुए हैं।
इस्राइली सेना आईडीएफ ने तेहरान में हमले का फुटेज जारी किया है। इसमें ईरान के रक्षा मुख्यालय समेत कई सरकारी इमारतों को निशाना बनाया गया था। इन्ही हमलों में खामेनेई समेत ईरान के कई शीर्ष अधिकारी मारे गए थे। पढ़ें पूरी खबर...
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने स्काई न्यूज ब्रॉडकास्टर से कहा कि साइप्रस की दिशा में दो मिसाइलें दागी गई हैं, जहां हजारों ब्रिटिश सैनिक तैनात हैं। उन्होंने शनिवार को दागी गई मिसाइलों के बारे में कहा,'हमें नहीं लगता कि उनका निशाना सीधे साइप्रस था, लेकिन इसके बावजूद यह दिखाता है कि उस शासन से एक वास्तविक और बढ़ता हुआ खतरा है, जो पूरे क्षेत्र में व्यापक रूप से हमला कर रहा है, और इसी वजह से हमें कार्रवाई करनी होगी।' डिफेंस सेक्रेटरी ने कहा कि शनिवार को ईरानी हमले बहरीन में ब्रिटिश सैनिकों के कुछ सौ यार्ड (कुछ सौ मीटर) के अंदर हुए।
पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के गेट पर धावा बोलने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें होने के बाद रविवार को कम से कम 10 लोग मारे गए और कई घायल हो गए। शनिवार को अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हवाई हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद झड़पें शुरू हुईं।
डॉ. सुमैय्या सैयद ने बताया कि अब तक सिविल अस्पताल में 10 शव लाए गए हैं, जिनमें से कुछ पर गोली के निशान हैं। ईरान पर इस्राइल और अमेरिका के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत की पुष्टि होते ही प्रदर्शनकारी दूतावास भवन की ओर जाने वाली सड़क पर जमा होने लगे। सैयद ने बताया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में करीब 30 घायल व्यक्तियों का इलाज चल रहा है।
इस्राइली रक्षा बलों ने ट्वीट किया करते हुए बताया कि हमने ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मूवी को मार गिराया है। इसके अलावा आईडीएफ ने तेहरान में शीर्ष ईरानी सुरक्षा नेतृत्व के 7 सदस्यों और 40 वरिष्ठ कमांडरों पर हमला कर उन्हें मार दिया है।
अमेरिकी-इस्राइल के हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद नए सर्वोच्च नेता के रूप में अली रेजा अराफी को बनाया गया है। अली रेजा अराफी फिलहाल ईरान के नए अस्थायी सुप्रीम लीडर होंगे।
इस्राइली प्रधानमंत्रीबेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर एक एआई वीडियो जारी किया है, जिसमें वह फारसी भाषा में ईरानी जनता से शासन के खिलाफ उठ खड़े होने की अपील करते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम आतंकवादी शासन के हजारों ठिकानों पर हमला करेंगे। फारसी में बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम ईरान के बहादुर लोगों को अत्याचार की जंजीरों से खुद को आजाद करने के लिए हालात तैयार करेंगे। उनसे अपील करते हुए कहा कि इस मौके को हाथ से जाने मत देना।
बहरीन के राष्ट्रीय संचार सेंटर का कहना है कि खाड़ी देश के ऊपर 'दुश्मन ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन' की नई लहर को मार गिराया है।
फलस्तीनी समूह हमास ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शोक जताया है। साथ ही इसे एक जघन्य अमेरिकी-इस्राइली हमले के रूप में बताया है। हमास ने एक बयान में कहा कि अमेरिका और इस्राइल इस खुली आक्रामकता और इस घिनौने अपराध के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं, जो इस्लामी गणराज्य ईरान की संप्रभुता के खिलाफ है और जिसका क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर असर पड़ेगा।
ईरान की राजधानी तेहरान में इस्राइल की एयर स्ट्राइक के बाद बड़े विस्फोट हुए और आसमान में धुएं के गुबार उठे। यह हमला 'तेहरान के दिल' को निशाना बनाकर किया गया। कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नागरिकों में भय का माहौल है। पढ़ें पूरी खबर...
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने एक कड़े बयान में कहा है कि अली खामेनेई की हत्या को 'मुसलमानों के खिलाफ युद्ध की घोषणा' के रूप में देखा जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान इस घटना का बदला लेना अपना 'वैध अधिकार और कर्तव्य' मानता है और इस कर्तव्य को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। स्टेट मीडिया ने बताया कि इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मदरेजा आरिफ ने मंत्रियों और राज्यपालों को निर्देश जारी किए हैं कि देश का प्रशासन युद्ध की स्थिति में भी निर्बाध रूप से कार्य करता रहे।
अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के पुलिस खुफिया प्रमुख की मौत हो गई। हमले में ईरान के पुलिस खुफिया प्रमुख गुलामरेजा रेजाइयन मारे गए। फार्स समाचार एजेंसी और अन्य मीडिया संस्थान ने बताया कि राष्ट्रीय पुलिस खुफिया प्रमुख जनरल गुलामरेजा रेजाइयन कल (शनिवार) दुश्मन हमलों के बाद मारे गए।
अल जजीरा की के मुताबिक सऊदी अरब की राजधानी रियाद में धमाकों की आवाज सुनाई देने की रिपोर्ट मिल रही है। पूर्वी रियाद के लोगों के हवाले से कहा गया है कि कई तेज धमाके सुने और धुआं उठते देखा। न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया कि उसके रिपोर्टर्स ने भी धमाके सुने।
हाइफा पोर्ट कंपनी ने पुष्टि की है कि उसके सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। पोर्ट की सभी संपत्तियां और इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से सुरक्षित हैं और चालू स्थिति में हैं। पोर्ट स्थिति पर नजर रखी जा रही है और परिवहन और सड़क सुरक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इस्राइली होम फ्रंट कमांड ने घोषणा की है कि तेल अवीव और उसके आसपास के बड़े इलाकों के साथ-साथ यरुशलम और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में सायरन बज रहे हैं। इस्राइली आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हाइफा शहर और उसकी खाड़ी के साथ-साथ एकर और उसके आसपास के इलाकों में भी सायरन बज चुके हैं।
इस्राइल और अमेरिका के संयुक्त अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद अब यह सवाल है कि आखिर इसका देश पर क्या असर होगा? इस देश में सर्वोच्च नेता चुने जाने की प्रक्रिया क्या है और खामनेई की गैरमौजूदगी की स्थिति में उनका उत्तराधिकारी कौन होगा? इस पद के लिए कितने दावेदार हैं और इनकी क्या खासियत है? पढ़िए पूरी खबर...
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक ओमान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर खासाब बंदरगाह के पास एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। इस हमले में 4 लोग घायल हो गए। वहीं 20 लोगों के पूरे दल को सुरक्षित निकाल लिया गया।
अमेरिका और इस्राइल के बीच गहरी खुफिया साझेदारी है। इसी की मदद से ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई और अन्य शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने महीनों तक खामेनेई की निगरानी की। जब तेहरान में एक बड़ी बैठक की खुफिया जानकारी मिली, तो अमेरिका और इस्राइल ने हमले का वक्त बदलकर इस मौके का फायदा उठाया। जानिए इस पूरे ऑपरेशन की कहानी...
ईरान के सरकारी मीडिया ने तेहरान में 'भयानक विस्फोट' की खबर दी है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने तेहरान में सैय्यद खानदान और कसर चौराहों, वनक स्क्वायर और मोताहारी स्ट्रीट के इलाके में मिसाइल और हवाई हमलों के कारण 'भयानक विस्फोटों' की आवाजें सुनने की रिपोर्ट दी है। यह हमले इस्राइली सेना के राजधानी के केंद्र पर व्यापक हवाई हमले की घोषणा के बाद किए गए हैं। इस्राइली सेना का कहना है कि वह शहर के 'दिल' को निशाना बना रही है।
इंटरनेट निगरानी समूह नेटब्लॉक्स के अनुसार ईरान में राष्ट्रव्यापी इंटरनेट बंद 24 घंटे से अधिक समय से जारी है। राष्ट्रीय कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के 1 प्रतिशत पर स्थिर हो गई है।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में हालात तनावपूर्ण हो गए। रविवार को माई कोलाची रोड स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और प्रदर्शनकारियों की कानून-व्यवस्था बलों से झड़प हो गई। इस प्रदर्शन में नौ लोगों की मौत और कई अन्य लोग घायल हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
ईरान के सरकारी मीडिया ने कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने ओमानी पोर्ट दुकम पर ड्रोन से हमला किया है। सूत्रों के हवाले से ओमान न्यूज एजेंसी ने कहा कि दो ड्रोन ने पोर्ट को निशाना बनाया, जिसमें एक विदेशी श्रमिक घायल हो गया। एक ड्रोन ने मोबाइल वर्कर के रहने की जगह पर हमला किया, जबकि दूसरे ड्रोन का मलबा फ्यूल टैंक के पास गिरा, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
इस्राइली मीडिया संस्थान हारेत्ज ने शहर की नगरपालिका के हवाले से बताया कि शनिवार को ईरानी हमलों में कम से कम 40 इमारतों को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 200 से अधिक लोगों को उनके घरों से निकालकर तेल अवीव के तीन होटलों में पहुंचाया गया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले में नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए। भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के दौरान कई लोग घायल हो गए।
ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमलों के जवाब में संयुक्त अरब अमीरात पर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन से हमला किया। मुख्य निशाना अबु धाबी के पास स्थित अल-धफरा एयर बेस था। यूएई की मिसाइल रक्षा प्रणालियों ने अधिकांश मिसाइलें और ड्रोन हवा में ही नष्ट कर दिए, लेकिन गिरते मलबे ने दुबई के पांच प्रमुख स्थानों हवाई अड्डा, बुर्ज अल अरब, पाम जुमेराह, बुर्ज खलीफा क्षेत्र और जेबल अली बंदरगाह को नुकसान पहुंचाया। इस हमले में कुल आठ लोग घायल हुए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
यमन के हूती विद्रोहियों के ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर ईरान के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति जताई है। बयान में कहा गया कि यह जघन्य अपराध सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का घोर उल्लंघन है और इस्लामी राष्ट्र पर अन्यायपूर्ण हमले की निरंतरता का प्रतीक है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ईरान ने शनिवार को देश पर 137 मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे। अबू धाबी के एयरपोर्ट पर हुई इस घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात घायल हो गए। दुनिया का सबसे व्यस्त इंटरनेशनल ट्रैफिक वाला दुबई एयरपोर्ट भी हमले का शिकार हुआ।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर के अलावा, लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...
इस्लाइल: तस्वीरें तेल अवीव से सामने आई है, जहां ईरान के हमलों के बाद इमारतों को नुकसान हुआ है।
दुबई के मीडिया ऑफिस के मुताबिक इंटरसेप्ट (अवरोधक) किए गए ड्रोन का मलबा दो घरों के आंगन में गिरने से दो लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने पुष्टि कि है कि एयर डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन का मलबा दुबई में दो घरों के आंगन में गिरा, जिससे दो लोग घायल हो गए। घायलों को जरूरी मेडिकल केयर मिल गई है। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि पूरे अमीरात में सुनाई देने वाली आवाजें सफल इंटरसेप्शन ऑपरेशन का नतीजा थीं।
कतर एयरलाइन ने कहा है कि कतर के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण उसकी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी। आगे बताया गया कि दो मार्च को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे एक और अपडेट प्रदान किया जाएगा।
इस्राइल की वायु सेना का कहना है कि उसने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले में पिछले एक दिन में ईरान पर 1200 से अधिक बम गिराए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में जिन स्थलों पर हमला हुआ है, उनमें दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय भी शामिल है, जहां कम से कम 148 लोगों के मारे जाने और दर्जनों अन्य के घायल होने की खबर है।
सुप्रीम नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद अमेरिका और इस्राइल ने ईरान की कमर तोड़ दी है। हवाई हमलों में ईरान का रक्षा नेतृत्व पूरी तरह से तबाह हो गया है। रक्षा मंत्री, कमांडर इन चीफ सहित सात अफसरों को हमलों में मार दिया गया है। इस बीच अब अमेरिका के ईरान पर हमले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि अमेरिका खुफिया एजेंसी इस हमले के पक्ष में नहीं थी, लेकिन एक मुस्लिम देश के दबाव में ट्रंप ने यह कदम उठाया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट....
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने रक्षा परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में ईरान के सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री के मारे जाने की पुष्टि की है।जनरल अब्दुल रहीम मुसावी और रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह की बैठक में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी के साथ जान चली गई, जिनकी मौत की घोषणा ईरान ने रविवार सुबह पहले ही कर दी थी।
पाकिस्तान के कराची के माई कोलाची रोड पर अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास प्रदर्शन हिंसक हो गए। कानून प्रवर्तन कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया, जिसके चलके कई लोगों के घायल हो गए।
ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान में आक्रोश फैल गया। विशेषकर कराची में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध जताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने दूतावास परिसर के बाहर नारेबाजी की और गुस्सा व्यक्त किया। हालात को काबू में रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, शनिवार को हुए अमेरिकी-इस्राइली हमलों में सशस्त्र बलों के प्रमुख अब्दुल रहीम मौसवी और रक्षा मंत्री अजीज नासिरजादेह की मौत हो गई है। इससे पहले ईरान ने सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई, उनके सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर के मारे जाने की पुष्टि की थी। आईआरएनए ने यह भी बताया कि हमले में सशस्त्र बलों के अन्य कई वरिष्ठ कमांडरों की भी जान गई है। उनके नामों की आधिकारिक घोषणा बाद में की जाएगी।
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने बताया है कि देश आज एक अंतरिम नेतृत्व परिषद का गठन करेगा, जो सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद शासन संभालेगी। इस कदम को अस्थायी व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है, ताकि खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन तक शासन कार्य सुचारू रूप से चल सके।
आधिकारिक खबरों के अनुसार, इस तीन सदस्यीय परिषद में इरान के राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्डियन काउंसिल के एक जेवरिस्ट (धार्मिक विद्वान) शामिल होंगे। यह परिषद खामेनेई के उत्तराधिकारी के चुने जाने तक देश के सभी नेतृत्व कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगी। ईरान के संविधान के तहत ऐसे संक्रमण काल में इस तरह की परिषद का गठन करना आवश्यक होता है, ताकि शासन में कोई वैधता का अंतर न आए और प्रशासनिक कार्य जारी रह सके।
दोहा के आकाश में कई जोरदार धमाके सुने गए, जिन्हें कुछ सबसे तेज धमाकों में से बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, कतर की वायु रक्षा प्रणाली ईरान से होने वाले हमलों को रोक रही है। इस दौरान मलबा जमीन पर गिरने की भी संभावना है।
यह पुष्टि करना मुश्किल है कि ईरान से कितने मिसाइल या ड्रोन कतर की ओर छोड़े गए और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही, दुबई और यूएई में भी धमाके हुए हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार आगे और हमले होने की संभावना है, क्योंकि ईरान ने कहा है कि और हमले जल्द होने वाले हैं।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हमले के बाद इस्राइल पर देश को विभाजित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। फार्स राज्य समाचार एजेंसी द्वारा जारी बयान में लारीजानी ने कहा कि इस्राइली शासन को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े देशों को विभाजित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
लारीजानी ने ट्रंप को लूट का आदर्श प्रतीक बताया और उन पर ईरान के संसाधनों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने आगे कहा अमेरिका शासन ने ईरानी जनता के दिलों को जला दिया और हम भी उनके दिलों को जला देंगे।
ईरान के ऐतिहासिक शहर इस्फहान में हजारों लोग एकत्रित हुए, सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खमेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए। ईरान के अंग्रेजी भाषा वाले सरकारी चैनल प्रेस टीवी द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में नक्श-ए-जहां चौक में बड़ी संख्या में लोगों को प्रदर्शन करते देखा गया। इससे पहले, रविवार को सरकार ने खमेनेई के निधन की पुष्टि की, जो शनिवार को राजधानी तेहरान में हुए संयुक्त अमेरिकी-इस्राइली हमले के बाद हुई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अगर ईरान आज हमला करता है तो अमेरिका उसे बेमिसाल ताकत से जवाब देगा। ट्रंप ने लिखा "ईरान ने अभी कहा कि वे आज बहुत ही जोरदार हमला करेंगे, इससे पहले जितना कभी हमला हुआ, उससे भी ज्यादा। वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर करेंगे तो हम उन्हें ऐसी ताकत से मारेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई।"
ईरान के दक्षिणी शहर मीनाब में एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर शनिवार को हुए मिसाइल हमले में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में अब तक 148 लोग मारे गए हैं। हमला अमेरिकी और इस्राइली सेनाओं द्वारा किए गए हवाई अभियान के दौरान हुआ, जिसमें कई शहरों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया था।
विदेश मंत्रालय ने कहा भारत में सभी विदेशी नागरिक, जिन्हें पश्चिम एशिया क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों के कारण अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना पड़ा है और जिन्हें वीजा बढ़ाने या अपनी प्रवास स्थिति नियमित करने में सहायता की आवश्यकता है, उनसे अनुरोध है कि वे अपने नजदीकी विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से संपर्क करें। संबंधित FRRO आवश्यक औपचारिकताओं में सहायता प्रदान करेगा।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के जवाब में पश्चिमी एशिया में 27 अमेरिकी बेसों और इस्राइल पर छठी लहर के हमलों की घोषणा की है। ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा कि इन हमलों में विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने दुनियाभर में सन्नाटा फैला दिया है। ईरान पर इस्राइल और अमेरिकी हवाई हमले के दौरान उन्हें मार दिया गया, जिसे कई रिपोर्टों में पुष्टि के रूप में बताया गया है। इस दुखद घटना के बीच दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने अपने झंडे को आधा झुका दिया है।
इराक के अर्बिल शहर के स्काईलाइन में हाल ही में एक बड़ी घटना के बाद धुआं उठता हुआ देखा गया। यह दृश्य इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच सामने आया है, जहां सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में तनाव को और तेज कर दिया है।
संयुक्त अरब अमीरात में शनिवार को हुए ईरानी मिसाइल हमलों के दौरान कम से कम एक व्यक्ति की मौत और सात लोग घायल हो गए। यूएई ने कई ईरानी मिसाइलों को रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन और मिसाइल हमलों की कई लहरों ने रात भर आम लोगों की नींद उड़ा दी।
एक ड्रोन इंटरसेप्शन घटना में जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और सात अन्य घायल हुए। दुबई के हवाई अड्डे और प्रसिद्ध बुर्ज अल अरब होटल भी ड्रोन हमलों की चपेट में आए। दुबई सरकार के मीडिया कार्यालय के बयान में कहा गया कि ड्रोन के मलबे से बुर्ज अल अरब होटल में आग लग गई, जिसे तुरंत काबू में कर लिया गया। वहीं, जिबेल अली पोर्ट के एक घाट पर एयर इंटरसेप्शन ऑपरेशन के मलबे से लगी आग में कोई हताहत नहीं हुआ।
IRNA न्यूज एजेंसी द्वारा जारी फुटेज में तेहरान के इन्घलाब चौक का दृश्य सामने आया है। यह फुटेज उस समय रिकॉर्ड किया गया जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की शहादत की खबर सार्वजनिक हुई। फुटेज में चौक में मौजूद लोग और माहौल स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
ईरान सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली शमखानी और IRGC के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर को तेहरान पर अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमलों में मार दिए जाने की रिपोर्ट्स सामने आई हैं। ईरानी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस्राइल की सेना ने ईरान के पश्चिमी और केंद्रीय हिस्सों में 30 से अधिक ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। सेना के बयान के अनुसार, "दर्जनों फाइटर जेट्स ने मिलिट्री इंटेलिजेंस के मार्गदर्शन में ईरानी आतंकवादी शासन के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाते हुए नए हमलों की श्रृंखला पूरी की।" इस्राइल ने कहा कि इन हमलों की श्रृंखला जारी रहेगी और उनका लक्ष्य ईरान के वायु रक्षा प्रतिष्ठान, मिसाइल स्थल, सैन्य मुख्यालय और अन्य शासन संबंधी ठिकानों को निशाना बनाना है।
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी का एक बयान प्रकाशित किया है, जिसमें ईरान के इस्लामी गणराज्य के इतिहास में सबसे विनाशकारी आक्रामक अभियान की शुरुआत की घोषणा की गई है। आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला 'कुछ ही क्षणों' में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
फार्स न्यूज एजेंसी के एक बयान के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खामेनेई की मौत पर कहा है कि हमने एक महान लीडर खो दिया है और हम उनके लिए दुख मनाते हैं। बयान में कहा गया कि IRGC घरेलू और विदेशी साजिशों का डटकर सामना करेगा।
एक दिन पहले 28 फरवरी को तेल अवीव पर ईरानी मिसाइल हमले के बाद की तस्वीरें...
अमेरिका द्वारा ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का दावा किए जाने के बाद ईरान के विभिन्न हिस्सों में जश्न की खबरें आईं। खामेनेई की मौत ने पूरे देश में राहत और खुशी की लहर दौड़ा दी है और बहुत से ईरानियों ने इसे एक नई शुरुआत का संकेत माना है। ईरानी एक्टिविस्ट और पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें ईरान में लोगों को जश्न मनाते हुए दिखाया गया। उन्होंने लिखा, "क्या मैं सपना देख रहा हूं? हैलो, नया दुनिया।" एक और पोस्ट में उन्होंने भावुक होते हुए कहा "हर सुबह मैं पढ़ता हूं कि मेरे लोग अली खामेनेई द्वारा मारे जा रहे हैं, लेकिन आज की सुबह मुझे जो खबर मिली, वह मेरे जीवन की सबसे अच्छी खबर है। मैं बस दौड़ना चाहती हूं और खुशी से चिल्लाना चाहती हूं।"
ईरानी न्यूज एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका-इस्राइल के हमले में मारे गए हैं। अल जजीरा के मुताबिक, ईरानी मीडिया फार्स और तस्नीम ने खामेनेई के मौत की पुष्टि की है।
ईरान द्वारा कई देशों में किए गए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, दुबई के अधिकारियों ने बताया कि बुर्ज अल अरब के पास एक ड्रोन को रोका गया, जिससे मलबा गिरा और होटल के बाहरी हिस्से में मामूली आग लग गई। नागरिक सुरक्षा टीमों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। यह घटना अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त मिसाइल हमलों के बाद हुई है, जिसमें शनिवार को तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में बड़े विस्फोटों की खबर है, जो मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में तनाव के विस्तार का संकेत देते हैं।
इस बीच, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई खाड़ी देशों में इस्राइल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की राजधानी तेहरान में कई विस्फोटों की आवाज सुनी गई है, जबकि देश भर में कई अन्य स्थानों पर भी धमाकों की सूचना मिली है। एक्स पर एक पोस्ट में, दुबई मीडिया कार्यालय ने बताया, "अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक ड्रोन को रोका गया था, और उसके मलबे के कारण बुर्ज अल अरब के बाहरी हिस्से में मामूली आग लग गई। नागरिक सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।"
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने ट्वीट किया, 'मैं अभी सुरक्षित हूं, अपनी टीम के साथ दुबई में फंसी हुई हूं, और ईरान के साथ युद्ध की स्थिति लगातार बदल रही है, ऐसे में हम ठीक हैं। हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी मची हुई है, कई परिवार फंसे हुए हैं और इंतजार कर रहे हैं, हम सभी बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि हम जल्द ही इस संकट से बाहर निकल जाएंगे।'
पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति के कारण उड़ानों में व्यवधान और रद्द होने से दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर यात्री फंसे हुए हैं। एक फंसे हुए यात्री ने बताया, 'मुझे दिल्ली से सऊदी अरब जाना था, लेकिन मेरी उड़ान रद्द हो गई। हम 14 घंटे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई खबर नहीं मिली है। स्थिति बहुत कठिन होती जा रही है।'
बहरीन साम्राज्य के आंतरिक मंत्रालय ने ट्वीट किया, 'बहरीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, ऐसे समय में जब संबंधित अधिकारी परिसर को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।'
इस्राइली वायु सेना ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि, 'उसके लड़ाकू विमानों ने ईरान भर में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें ईरानी रक्षा नेतृत्व के सात वरिष्ठ अधिकारी मारे गए हैं। इसमें अली शमखानी, मोहम्मद पाकपुर, सालेह असादी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजफ्फारी-निया। इनके बिना दुनिया बेहतर है।'
ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की बेटी, पोते, बहू और दामाद इस्राइल-अमेरिकी हमलों में मारे गए। खुद अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एक वरिष्ठ इस्राइली अधिकारी ने मृत घोषित कर दिया है।
सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान में धमाके की आवाज सुनी गई। वहीं, इस्राइल की सेना ने कहा है कि उसने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और वायु रक्षा प्रणालियों पर हमलों की एक और लहर शुरू की है।
पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा है कि ईरान अपने फैसले के परिणाम भुगत रहा है। हेगसेथ ने लिखा, 'ईरानी शासन को मौका मिला था, फिर भी उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया।' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने इस संघर्ष की शुरुआत नहीं की, लेकिन हम इसे समाप्त करेंगे।
दुबई सरकार के मीडिया कार्यालय ने बताया कि, 'दुबई हवाई अड्डे ने पुष्टि की है कि दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्सबी) के एक कॉनकोर्स में एक घटना के दौरान मामूली क्षति हुई, जिसे तुरंत नियंत्रण में कर लिया गया। आपातकालीन प्रतिक्रिया दल तुरंत तैनात किए गए और संबंधित अधिकारियों के समन्वय से स्थिति को संभाल रहे हैं। चार कर्मचारियों को चोटें आईं और उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। पहले से लागू आपातकालीन योजनाओं के कारण, अधिकांश टर्मिनलों को यात्रियों से खाली करा लिया गया था। जैसे ही और जानकारी उपलब्ध होगी, अपडेट दिए जाएंगे।'
अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर हमले के साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसके चलते क्षेत्रीय सुरक्षा एक बड़े संकट के दौर से गुजर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता आली खामेनेई अमेरिकी और इस्राइली हमलों में मारे गए हैं। इस दावे को ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है और खामेनेई के कार्यालय ने इसे मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिया।
इस्राइली और अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी समय में भी हमले जारी रखेंगे, जबकि क्षेत्रीय देश लगातार संघर्ष रोकने की अपील कर रहे हैं। ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत ने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों पर किए जाने वाले हमले ईरान की आत्मरक्षा का हिस्सा हैं और उनका कोई रुकने का इरादा नहीं है। हाल के घंटों में तनाव और बढ़ गया है। कतर, जॉर्डन, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में नए हमलों की खबरें आई हैं। अबू धाबी एयरपोर्ट ने जानकारी दी कि जेद्दाह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई। वहीं दक्षिण ईरान के मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 115 हो गई है।