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US-Iran Peace Deal: ईरान डील पर ट्रंप को घेर रहे डेमोक्रेट्स, सांसद क्रिस मर्फी बोले- ये ‘सरेंडर’ जैसा समझौता

Mon, 15 Jun 2026 12:45 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, वाशिंगटन

सार

ईरान के साथ ही हुए शांति समझौते पर कुछ अमेरिकी सांसदों ने स्वागत किया। वहीं,  डेमोक्रेट सांसद ने इसे ईरान के सामने आत्मसमर्पण जैसा बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता युद्ध से पहले की स्थिति में लौटने जैसा है। पढ़ें पूरी खबर 

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पश्चिम एशिया शांति समझौता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रुथ सोशल पर ईरान संग पीस डील होने का एलान किया। ईरान ने भी एमओयू को अंतिम रूप दिए जाने पर बयान जारी किया। दुनिया ने राहत की सांस ली है। इस बीच अमेरिकी सांसद स्वागत तो कर रहे हैं लेकिन तंज भी कस रहे हैं। सांसद क्रिस मर्फी ने इसे 'आत्मसमर्पण' करार दिया है।

अमेरिकी सांसद ने क्या कहा?

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डेमोक्रेट्स ईरान के साथ हुए समझौते का स्वागत तो कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि यह युद्ध अनावश्यक था और यह समझौता केवल स्थिति को वहीं वापस ले जाता है जहां से शुरुआत हुई थी। डेमोक्रेट सांसद क्रिस मर्फी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा। जिसमें दो अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा, 'अगर ईरान के साथ कोई अंतिम समझौता होता है, तो वह तेहरान के सामने ‘सरेंडर’ जैसा लगेगा। हालांकि, ऐसे समझौते का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि युद्ध जारी रहने से अमेरिका और कमजोर होगा।'

जंग से अमेरिका को नुकसान
मर्फी ने कहा कि मौजूदा हालात में लंबी जंग अमेरिका के हितों को ज्यादा नुकसान पहुंचाएगी। इसलिए अगर समझौते के जरिए संघर्ष खत्म होता है, तो यह विकल्प युद्ध जारी रखने से बेहतर होगा। मर्फी ने यह भी कहा कि ईरान की ओर से एकमात्र रियायत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की थी। जबकि यह जलडमरूमध्य संघर्ष से पहले भी खुला हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि ईरान पहले से ही जेसीपीओए के तहत परमाणु हथियार विकसित न करने के लिए प्रतिबद्ध था, जो एक ऐसा समझौता था जिसे बाद में ट्रंप ने छोड़ दिया था।

समझौता स्थिति को 'सही दिशा' में ले जाता

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दरअसल, ट्रंप ने अपनी पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की बात कही थी। उन्होंने लिखा, ‘दुनिया के जहाजों, अपने इंजन चालू कर लो। तेल को बहने दो।’ वहीं, डेलावेयर के सीनेटर क्रिस कून्स ने कहा कि यह समझौता स्थिति को 'सही दिशा' में ले जाता है, लेकिन अभी भी कई सवाल बाकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समझौते की अलग-अलग व्याख्या जोखिम पैदा कर सकती हैं। कून्स ने एक्स पर कहा, 'यह तथ्य कि हमने अभी तक समझौते का कोई लिखित पाठ नहीं देखा है। वहीं, ट्रंप और ईरानी नेता एक बार फिर इस बात पर अलग-अलग दावे कर रहे हैं कि क्या सहमति बनी है। इस बात को रेखांकित करता है कि हमें यह समझौता तुरंत देखना चाहिए।'

उन्होंने आगे कहा, 'युद्धविराम और वार्ता एक सकारात्मक विकास हैं, लेकिन अब तक इस पसंद के युद्ध ने केवल अमेरिकी सैनिकों और नागरिकों को असुरक्षित किया है। इसके साथ कई महत्वपूर्ण सवालों को अनुत्तरित या अनसुलझा छोड़ दिया है।'

 

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