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अमेरिका-ईरान तनाव: खत्म हुआ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी? बलिदानियों के आंकड़े पर उठे सवाल, जानें पेंटागन का नया खेल

Wed, 29 Jul 2026 08:10 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, वाशिंगटन।

सार

पेंटागन ने अमेरिका-ईरान जंग में मारे गए सैनिकों की गिनती का तरीका बदल दिया है। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के खत्म होने का हवाला देकर चार मृत जवानों को नई 'ओवरसीज ऑपरेशंस' श्रेणी में डाला गया है। इस कदम से अमेरिका पर युद्ध में हुए नुकसान को कम करके दिखाने के आरोप लग रहे हैं।
 
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पेंटागन ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी समाप्त होने का हवाला देकर सैनिकों के रिकॉर्ड का नया वर्गीकरण किया है। - फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा भड़की जंग में एक नया प्रशासनिक मोड़ आ गया है। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने आधिकारिक कैजुअल्टी सिस्टम में मौतों का हिसाब रखने का तरीका बदल दिया है। पेंटागन का कहना है कि ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है। इसीलिए नए हताहतों को पुराने युद्ध के आंकड़े से अलग रखा जा रहा है।
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क्या आंकड़े छिपाने की कोशिश है यह?
डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम (डीसीएएस) ने हालिया हमले में मारे गए चार सैनिकों और दर्जनों घायलों के नाम ईरान युद्ध की पुरानी लिस्ट से हटा दिए हैं। अब इन्हें 'ओवरसीज ऑपरेशंस' नाम की नई कैटेगरी में डाला गया है।

इस कदम से अब अमेरिकी सेना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि अमेरिका युद्ध में अपने सैनिकों के नुकसान को कम करके दिखाने की कोशिश कर रहा है। पेंटागन के इस नए कदम के बाद अब 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और नई कैटेगरी को मिलाकर कुल घायल सैनिकों की संख्या 642 तक पहुंच गई है।
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इस बड़े फैसले से जुड़ी पांच मुख्य बातें

1.चार जवान हटाए गए

जुलाई में मारे गए चार अमरीकी जवानों को ईरान युद्ध की मुख्य लिस्ट से हटाकर 'ओवरसीज ऑपरेशंस' में डाला गया।

2.तनाव में अचानक बढ़ोतरी
जॉर्डन में 17 जुलाई को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में तीन जवान मारे गए, जबकि 18 जुलाई को इराक में एक जवान की मौत हुई।

3.होर्मुज जलडमरूमध्य पर जंग
यह पूरी हिंसा अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा बनाए रखने के लिए की गई दो सप्ताह की एयरस्ट्राइक के बाद भड़की।

4.अधिकारियों के अलग-अलग दावे
देश मंत्री मार्को रूबियो ने मई में ही कहा था कि यह ऑपरेशन पूरा हो चुका है। वहीं रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संसद में सितंबर तक के खर्च का अनुमान पेश किया था।
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5.तकनीकी खराबी का बहाना
पेंटागन ने पहले लिस्ट से नाम हटने को 'डाटा खराबी' बताया था, लेकिन अब उन्हें नई कैटेगरी में आधिकारिक रूप से दर्ज कर दिया गया है।

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क्यों बढ़ा अमेरिका और ईरान के बीच विवाद?
अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था। इसके बाद जून के मध्य में एक अंतरिम समझौते पर दस्तखत भी किए गए थे।

लेकिन इसी महीने जब ईरान ने समुद्री व्यापारिक मार्ग में जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका ने दोबारा एयरस्ट्राइक शुरू कर दी। जवाब में ईरान ने अमरीकी ठिकानों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दाग दीं। अमेरिका की सेंट्रल कमांड के मुताबिक, मंगलवार को भी उसने अमरीकी सैनिकों की तरफ आ रही कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया।
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