ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए घातक हमले को लेकर अमेरिकी सेना जांच कर रही है। प्रारंभिक आकलन में अमेरिकी सैन्य जांचकर्ताओं को आशंका है कि इस हमले में संभवतः अमेरिकी बल शामिल हो सकते हैं, हालांकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा गया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और यह भी संभव है कि आगे सामने आने वाले सबूत अमेरिका को इस हमले की जिम्मेदारी से मुक्त कर दें और किसी अन्य पक्ष की भूमिका सामने आए।
यह हमला शनिवार को उस समय हुआ जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी। ईरान के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अली बहरेनी ने दावा किया है कि इस हमले में 150 छात्राओं की मौत हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को स्वीकार किया कि अमेरिकी सेना इस घटना की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कभी भी नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाता, लेकिन घटना की पूरी जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक ईरान में सैन्य अभियानों के दौरान अमेरिका और इस्राइल ने अपने हमलों को भौगोलिक क्षेत्रों और लक्ष्यों के आधार पर बांट रखा था। जहां इस्राइल पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बना रहा था, वहीं अमेरिका दक्षिणी ईरान में मिसाइल और नौसैनिक ठिकानों पर हमले कर रहा था।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने भी इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है। प्रवक्ता रविना शमदासानी ने कहा कि जिस भी पक्ष ने यह हमला किया है, उस पर इसकी जांच की जिम्मेदारी है।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत स्कूल, अस्पताल या अन्य नागरिक ढांचे पर जानबूझकर हमला करना युद्ध अपराध माना जा सकता है। अगर जांच में अमेरिकी भूमिका की पुष्टि होती है तो यह पश्चिम एशिया में अमेरिकी अभियानों के दौरान नागरिक हताहतों की सबसे गंभीर घटनाओं में से एक मानी जा सकती है।