भारतीय राजदूत ने कहा 'जब साल 2016 में हमारे प्रधानमंत्री यहां आए थे तो मुझे याद है कि उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा था कि 'हम झिझक के इतिहास को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुके हैं।'
अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू जल्द ही भारतीय विदेश सेवा से रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में अमेरिका से लौटने से पहले भारतीय दूतावास में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में संधू ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों में अपार संभावनाएं हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के दोनों देशों के संबंधों में योगदान की भी तारीफ की।
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'झिझक के इतिहास के आगे बढ़े दोनों देश'
भारतीय राजदूत ने कहा 'जब साल 2016 में हमारे प्रधानमंत्री यहां आए थे तो मुझे याद है कि उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा था कि 'हम झिझक के इतिहास को पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुके हैं।' इस बात के गहरे अर्थ हैं। यह संबंध (भारत-अमेरिका) मजबूत, विकसित और फले-फूले हैं।'
'बीते साल भी जब प्रधानमंत्री अमेरिका आए थे तो उन्होंने कहा था कि 'दोनों देशों के रिश्तों में अपार संभावनाएं हैं। साथ ही दोनों देशों के रिश्तों में अनंत सहयोग और तालमेल भी बेहतरीन है।' जब मैं इस कमरे में नजरें घुमाकर देखता हूं तो मुझे बहुत से ऐसे लोग दिख रहे हैं, जिन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को मबजूत बनाने में भूमिका निभाई है।'
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भारत-अमेरिका संबंध पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद
हाल ही में एक अन्य कार्यक्रम में भी भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने कहा था कि भारत और अमेरिका के संबंध ना सिर्फ दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद हैं। भारतीय राजदूत ने अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से अपील भी की कि वह अपने बच्चों को भारत से जोड़े रखें और उन्हें समय-समय पर भारत भेजें ताकि वह अपनी जड़ों से जुड़े रहें।