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US: अमेरिका ने सऊदी अरब को एयर-टू-एयर मिसाइल बेचने की दी मंजूरी, डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा से पहले बड़ा सौदा

Sat, 03 May 2025 09:34 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

अमेरिका ने सऊदी अरब को 3.5 अरब डॉलर की एयर-टू-एयर मिसाइलें बेचने की मंजूरी दी है। यह सौदा ट्रंप की आगामी सऊदी यात्रा से पहले हुआ है। डील में 1,000 AIM-120C-8 मिसाइलें शामिल हैं। हालांकि मामला अभी अमेरिकी कांग्रेस के पास जाएगा, जहां इसपर विचार किया जाएगा। 

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने सऊदी अरब की प्रस्तावित यात्रा करने वाले है। ट्रंप की इस यात्रा से पहले ही अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ अपने संबंधों को लेकर अपना रुख साफ करते हुए सऊदी अरब को 3.5 अरब डॉलर (करीब 29 हजार करोड़ रुपये) की एयर-टू-एयर मिसाइलें बेचने की शुरुआती मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि अमेरिका द्वारा सऊदी अरब को एयर-टू-एयर मिसाइलें बेचने की मंजूरी ट्रंप की सऊदी यात्रा के दौरान घोषित होने वाले कई समझौतों में से एक हो सकता है।

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अमेरिका रक्षा सुरक्षा एजेंसी ने दी जानकारी
मामले में अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) ने बयान जारी कर बताया कि यह प्रस्तावित बिक्री अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा लक्ष्यों का समर्थन करती है। यह खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति में मददगार एक साझेदार देश की सुरक्षा को बेहतर बनाएगी।

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बता दें कि इस सौदे के तहत सऊदी अरब को 1,000 AIM-120C-8 एडवांस्ड एयर-टू-एयर मिसाइलें, उनके गाइडेंस सिस्टम और तकनीकी सपोर्ट मिलेगा। ये मिसाइलें अमेरिका की कंपनी RTX Corp, टक्सन (एरिज़ोना) में बनाएगी। सऊदी रॉयल एयरफोर्स के पास अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा F-15 लड़ाकू विमान बेड़ा है। हालांकि ट्रंप प्रशासन के मंजूरी के बाद अब यह प्रस्ताव अमेरिकी कांग्रेस के पास जाएगा, जहां सांसद इस पर चर्चा करेंगे और चाहें तो इसे रोक भी सकते हैं।

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सऊदी अरब को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में नाराजगी
सऊदी अरब को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में पहले भी नाराजगी रही है। कारण है कि 2015 में यमन युद्ध के दौरान सऊदी हमलों में नागरिकों की मौत हुई थी। 2018 में वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खशोगी की इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में हत्या के बाद विवाद और बढ़ गया। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह हत्या क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेश पर हुई, हालांकि सऊदी सरकार इससे इनकार करती है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन का ये फैसला रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। 

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ट्रंप के सऊदी से रिश्ते
राष्ट्रपति रहते हुए भी और बाद में भी ट्रंप के खाड़ी देशों से नजदीकी रिश्ते रहे हैं। उनकी रियल एस्टेट कंपनी ने भी इस क्षेत्र में सौदे किए हैं। 2017 में ट्रंप ने परंपरा तोड़ते हुए अपनी पहली विदेश यात्रा सऊदी अरब से शुरू की थी। अब 2025 में भी वे पहले सऊदी ही जा रहे हैं, जबकि वो पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के लिए इटली जरूर गए थे।

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