अमेरिका के पांच शीर्ष व्यापार निकायों ने शेष वर्ष के लिए नए गैर-आव्रजन वीजा को स्थगित करने संबंधी राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश को अदालत में चुनौती दी है। इस चुनौती में एच-1 बी वीजा भी शामिल है जो भारतीयों में सर्वाधिक लोकप्रिय है। चुनौती देने वालों में अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने आदेश जारी कर एच-1 बी वीजा समेत कई गैर-आव्रजन श्रेणियों में पेशेवरों के अमेरिकी प्रवेश पर रोक लगा दी थी। ट्रंप ने कहा था कि विदेशी कर्मचारी कोविड-19 महामारी के बीच अमेरिकियों की नौकरी ‘हथिया’ लेंगे, जिसकी वजह से यह कदम उठाना जरूरी है।
इसमें अमेरिकी कंपनियों को विशेषज्ञता वाले स्थानों पर विदेशी पेशेवरों की नियुक्ति का अधिकार मिलता है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स, यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स, नेशनल रिटेल फेडरेशन, टेकनेट और इन्ट्रैक्स ने अदालत से कहा है कि गैर-आव्रजक कर्मचारियों को प्रवेश नहीं देने से वे अमेरिकी कंपनियां बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिन्हें प्रतिभाओं की जरूरत है।
यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थॉस डोनोह्यू ने कहा कि हम चाहते हैं कि इन गैरकानूनी आव्रजन अंकुशों को हटाया जाए।