ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक इस घटनाक्रम के बाद यूरोपियन यूनियन के साथ ऑस्ट्रेलिया का संभावित मुक्त व्यापार समझौता खटाई में पड़ गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उरसुला वॉन डेर लियेन ने ऑस्ट्रेलिया से कहा है कि पहले वह अपने व्यवहार के बारे में फ्रांस के सामने स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा- ‘ईयू के एक सदस्य देश के साथ ऐसा व्यवहार किया गया है, जो स्वीकार्य नहीं हो सकता। इसलिए हम जानना चाहते हैं कि क्या हुआ और ऐसा क्यों किया गया? इसलिए इसके पहले की संबंध फिर से सामान्य हों, उनको पहले स्पष्टीकरण देना होगा।’
खबरों के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया ऑकुस करार के बाद से दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान से जुड़े देशों के सामने लगातार सफाई दे रहा है। इस सिलसिले में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को फोन किया। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अब तक ऑस्ट्रेलिया सकारात्मक जवाब सिर्फ फिलीपींस से मिला है। फिलीपींस ने ऑकुस करार का स्वागत किया है।
वाशिंगटन स्थित विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाइडन प्रशासन ने काबुल हवाई अड्डे पर हमले के बाद संयम का परिचय दिया होता और ऑकुस को अंजाम देने को लेकर बेसब्री नहीं दिखाई होती, तो अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया को आज जैसी आलोचना झेलनी पड़ रही है, उससे बचा जा सकता था।