अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में हुए राष्ट्रपति चुनाव को एक बार फिर धांधली बताया। बल्कि इस बाद उन्हाेंने एफबीआई से लेकर न्याय विभाग तक को धांधली के पीछे बता दिया है। उन्हाेंने एक प्रकार से देश की सुप्रीम कोर्ट और बाकी एजेंसियों पर पक्षपात के आरोप भी जड़ दिए।
हालांकि उन्हाेंने इन आरोपों के पीछे कोई आधार नहीं दिए। राष्ट्रपति चुनाव में हार के बाद फॉक्स बिजनेस को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि ‘पूरा चुनाव धांधली है, एफबीआई से लेकर न्याय विभाग तक इसमें शामिल हो सकते हैं। जिस तरह से धांधली के बाद भी संदिग्ध लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही वह अविश्वसनीय है। वे सब जानते हैं फिर भी इन दोनों विभागों ने कोई कार्रवाई नहीं की।’
उनका यह बयान जॉर्जिया में पांच जनवरी को प्रस्तावित दूसरे चरण के चुनाव के पहले आए हैं, जिनसे तय होगा कि अमेरिकी सीनेट पर कौन सा दल नियंत्रण पाएगा। करीब 45 मिनट के इस साक्षात्कार में ट्रंप क्रोधित भी नजर आए। हालांकि वे इस तथ्य पर भी समर्पण करते हुए भी दिखे कि अंतत: 20 जनवरी को बाइडन राष्ट्रपति पद ग्रहण कर लेंगे। ट्रंप ने आरोप लगाए कि हजारों मृत लोगों के नाम पर इस चुनाव में वोट डाले गए। उन्हाेंने दावा किया कि बाइडन को आठ करोड़ वोट किसी भी हालत में नहीं मिल सकते थे। साथ ही माना कि सुप्रीम कोर्ट में केस को ले जाना बेहद मुश्किल है।
हार नहीं मानूंगा
ट्रंप ने कहा कि चुनाव में धांधली को लेकर आज से छह महीने बाद भी उनका मत नहीं बदलेगा। वे इस चुनाव में अपनी हार को स्वीकार नहीं करते हैं , बल्कि अदालतों में लड़ाई के लिए अपनी 125 प्रतिशत ऊर्जा लगा देंगे।
विदेशी नेताओं ने जताई सहानुभूति
ट्रंप ने कहा कि कई देशों के नेताओं ने उन्हें फोन करके सहानुभूति जताई और राष्ट्रपति चुनावों को गड़बड़ी भरा कहा है। हालांकि अब तक किसी भी नेता ने ट्रंप की पराजय के बाद सार्वजनिक रूप से सहानुभूति नहीं दर्शाई है। बल्कि बड़ी संख्या में नेताओं ने बाइडन को ही शुभकामनाएं दी हैं।
खुद रिपब्लिकन भी नहीं मानते चुनावी धांधली
ट्रंप के बयानों को खुद उनके दल द्वारा गलत माना जा रहा है। रिपब्लिकन नेता रॉय ब्लंट ने सीएनएन से बातचीत में कहा कि हर चुनाव में कुछ स्तर पर वोटिंग में धांधली हो सकती है, जो इस चुनाव में भी हुई होगी। लेकिन इस वजह से पूरे चुनाव को धांधली नहीं कहा जा सकता।