बहस की संचालक सुजैन पेज ने पहले मुद्दे के तौर पर कोरोना वायरस महामारी को रखा। उन्होंने पूछा कि बिडेन प्रशासन इस महामारी से निपटने के लिए ऐसा क्या करेगा जो ट्रंप नहीं कर पाए? इसके जवाब में कमला हैरिस ने कहा, राष्ट्रपति की तरफ से कोरोना को अफवाह बताया गया। महामारी को लेकर जानकारियां छिपाई गईं और अब उनके पास इससे निपटने के लिए ठोस योजना नहीं है।
हैरिस ने कहा, अमेरिकी लोगों ने देखा है कि हमारे देश के इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति प्रशासन की सबसे बड़ी विफलता क्या है। फ्रंटलाइन वर्कर्स को श्रमिकों की तरह माना गया। ट्रंप ने लगातार वायरस की गंभीरता को कम किया और लोगों को मास्क पहनने के लिए हतोत्साहित किया।
वहीं, पेंस ने प्रशासन की प्रतिक्रिया का बचाव किया और कहा कि महामारी के शुरुआती दिनों में राष्ट्रपति के कदमों ने लोगों की जान बचाई है। उपराष्ट्रपति ने कहा, जब आप कहते हैं कि पिछले आठ महीनों में अमेरिकी लोगों ने जो काम किया है, उसका कोई फायदा नहीं हुआ, तो यह अमेरिकी लोगों द्वारा किए गए बलिदानों के प्रति असंतोष है।
उन्होंने कहा, वास्तविकता यह है कि डॉक्टर फौसी ने ओवल कार्यालय में राष्ट्रपति से जो कहा वही उन्होंने अमेरिकी लोगों को बताया। ट्रंप सरकार ने टास्क फोर्स बनाया और सभी जरूरी कदम उठाए। उस समय चीन-अमेरिका के बीच सभी उड़ाने रद्द कर दी गईं, जबकि देश में सिर्फ संक्रमण के पांच मामले थे।
कमला हैरिस ने इन दावों को झूठा करार दिया और कहा कि ट्रंप प्रशासन के सभी प्लान विफल हो गए, इस कारण दो लाख अमेरिकियों ने अपनी जान गंवाई है। वहीं, पेंस ने कहा कि ये ऐसा कहना कि अमेरिका में कुछ काम नहीं हुआ है, अमरीका के उन सभी लोगों का अपमान है जिन्होंने इससे निपटने के लिए बहुत मेहनत की। उन्होंने कहा कि अगर ठोस कदम नहीं उठाए होते हो 20 लाख अमरीकी लोगों की जान चली जाती।
सुजैन पेज ने दोनों उम्मीदवारों से कोरोना वैक्सीन को लेकर सवाल किया। इस पर कमला हैरिस ने कहा, वैक्सीन के आने पर राष्ट्रपति ट्रंप इसे लगवाने के लिए कहें तो भी मैं नहीं लगवाऊंगी। लेकिन अगर डॉक्टरों द्वारा यह परामर्श दिया जाता है तो मैं वैक्सीन लगवाऊंगी। मैं ट्रंप की बात पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं कर सकती हूं। उन्होंने कहा, ट्रंप प्रशासन पर से लोगों का भरोसा उठ गया है। यही कारण है कि लोगों के बीच वैक्सीन को लेकर हिचकिचाहट है।
वहीं, पेंस ने कहा, आप वैक्सीन के मुद्दे पर भी सियासत कर रही हैं। हम लोगों को क्या मैसेज दे रहे हैं। राजनीति बंद कीजिए। यह लोगों की जिंदगी से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा, लोगों की जिंदगी को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए और वैक्सीन पर भरोसा न करना गलत है। अमरीका 'रिकॉर्ड समय' में वैक्सीन लोगों तक पहुंचा देगा।
सुजैन पेज ने दोनों उम्मीदवारों से पूछा कि क्या दोनों लोग स्वास्थ्य से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करेंगे? इसके जवाब में कमला हैरिस ने कहा कि वह स्वास्थ्य और टैक्स से जुड़े सभी दस्तावेजों को लोगों के सामने सार्वजनिक करने के पक्ष में हैं। उन्होंने ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा कि इतिहास में ट्रंप ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने टैक्स रिटर्न से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया।
उन्होंने कहा कि जब मुझे पता चला कि ट्रंप ने 750 डॉलर टैक्स दिया है, तो मुझे लगा कि उन्होंने 7.5 लाख डॉलर का टैक्स दिया है, लेकिन बाद में बताया गया कि टैक्स के रूप में सिर्फ 750 डॉलर दिए गए हैं।
वहीं, माइक पेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हजारों लोगों को नौकरियां दी हैं और उनकी आमदनी से जुड़ी सभी जानकारियां लोगों के देखने के लिए मौजूद हैं। इस बात को लेकर ट्रंप पर आरोप लगाना सरासर नाइंसाफी है।
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर कमला हैरिस ने कहा, बराक ओबामा कार्यकाल के दौरान हम ओबामा केयर बिल को लेकर आए। इससे दो करोड़ अमेरिकी नागरिकों को लाभ पहुंचा। अमेरिका का हेल्थ इंडेक्स सुधरा। अब आपकी सरकार इसे बंद करने जा रही है। आपके इस कदम से अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा। इस बात की जिम्मेदारी कौन लेगा?
इस पर पेंस ने कहा कि बिडेन के पास अर्थव्यवस्था को लेकर जो प्लान है, वो चीन के आगे सरेंडर करने वाला है। आपके पास चीन के आगे घुटने टेकने का प्लान है। ट्रंप ने कहा है कि वे टैक्स को कम करेंगे। 4 लोगों वाली फैमिली की एवरेज इनकम 4 हजार डॉलर सालाना हो चुकी है। यह इसलिए हो सका क्योंकि हमने टैक्स कम किए।
दोनों उम्मीदवारों से सुजैन ने चीन को लेकर सवाल किया और पूछा कि उनकी चीन को लेकर क्या राय है? इसके जवाब में माइक पेंस ने कहा, कोरोना वायरस महामारी के लिए चीन पूरी तरह से जिम्मेदार है, क्योंकि उसने इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं।
उन्होंने कहा, ट्रंप चीन के सामने खड़े हुए। चीन से आने वाले लोगों की यात्रा पर रोक लगाई गई और बिडेन ने इस फैसले का विरोध किया। हैरिस की पार्टी इसके विरोध में आई। क्या डेमोक्रेटिक पार्टी नहीं मानती कि कोरोना वायरस फैलाने के पीछे सिर्फ चीन का हाथ है।
वहीं, कमला हैरिस ने कहा, चीन से बिगड़ते रिश्तों के कारण ही अमेरिका में कई लोगों की जान गई। आपके दौर में अमेरिका चीन के साथ ट्रेड वॉर हार चुका है। किसान दिवालिया हो रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग के लिहाज से हम मंदी के दौर में पहुंच चुके हैं। देश में नौकरियों की कमी हो गई।
उन्होंने कहा, राष्ट्रपति चीन के साथ ट्रेड वॉर हार चुके हैं। ऐसा अनुमान है कि ट्रंप के प्रशासन का कार्यकाल खत्म होने तक उतनी नौकरियां जा चुकी होंगी, जितनी पहले किसी राष्ट्रपति के रहते नहीं गईं। अमेरिका के बहुत से लोग ये नहीं समझ पा रहे हैं कि वो अपना किराया कैसे भरेंगे।
कमला हैरिस ने कहा, हमारे सहयोगी देशों के नेताओं का कहना है कि उन्हें ट्रंप से ज्यादा भरोसा शी जिनपिंग पर है। माइक पेंस ने इसके जवाब में कहा कि जो बिडेन 'कम्युनिस्ट चीन के चियरलीडर की तरह' काम कर रहे थे और उन्होंने नौकरियों को लेकर कुछ नहीं किया।
कमला हैरिस ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने मित्र देशों को छोड़कर 'दुनिया के तानाशाहों' का साथ दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने 'इंटेलिजेंस के मामले में सहयोगी देशों से अधिक तरजीह रूसी राष्ट्रपति पुतिन को दी है। हैरिस ने कहा ट्रंप न्यूक्लियर डील से हाथ खींचकर अमेरिका को कम सुरक्षित बना दिया है।
वहीं, पेंस ने कहा कि अमेरिका ने इस्राइल के मुद्दे पर अपना वादा पूरा किया और दूतावास को तेल अवीव से येरूशलम शिफ्ट किया। उन्होंने कहा, अमेरिका ने नाटो में भी पहले से अधिक योगदान दिया है। ट्रंप प्रशासन आईएस जैसे चरमपंथी गुटों से भी बेहतर तरीके से निपटने में कामयाब रहा है। ईरान में हमने जनरल सुलेमानी को मार गिराया। वो हमारे लिए खतरा था।
सुजैन पेज ने पूछा कि अगर ट्रंप ने चुनाव हारने के बाद शांतिपूर्ण ढंग से पद छोड़ने से इनकार कर दिया तो उस स्थिति में क्या किया जाएगा? इसके जवाब में पेंस ने कहा, मुझे लगता है कि हम चुनाव जीत जाएंगे। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि अगर ट्रंप अपनी हार स्वीकार करने से इनकार कर देते हैं तो उनकी क्या भूमिका रहेगी? पेंस ने इस पर कहा कि जहां तक चुनाव नतीजों को मानने की बात है, तो मैं आपको बता देता हूं कि आपकी पार्टी साढ़े तीन सालों से पिछले चुनावी नतीजों को पलटने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं, कमला हैरिस ने कहा, उन पर और बिडेन पर अमेरिकी जनता को भरोसा है। उन्होंने कहा कि जो बिडेन के चुनाव लड़ने के पीछे की मुख्य वजहों में एक यही थी कि वो पिछले चार सालों में फैलाए गए नफरत और अलगाव से दुखी थे। हैरिस ने लोगों से कहा कि प्लीज वोट करिए।
वहीं, बहस के दौरान माइक पेंस के सिर पर एक मक्खी आकर बैठ गई। पेंस को इसके बारे में पता नहीं चला और उन्होंने बोलना जारी रखा। मक्खी एक मिनट से ज्यादा समय तक पेंस के सिर पर बैठी रही और इस दौरान टीवी कैमरे उनकी ओर ही थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जमकर चुटकी ली। यूजर्स ने कमेंट किया के पेंस के बेहद सफेद बालों में मक्खी इतनी हाइलाइट हो रही है कि उनकी बातों से ध्यान हट रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने इतने बड़े कार्यक्रम के लिए पेस्ट कंट्रोल नहीं करवाने की निंदा भी की।
उपराष्ट्रपति माइक पेंस का कहना है कि ओबामा प्रशासन की हिचकिचाहट मानवतावादी कार्यकर्ता कायला मूलर की मौत के लिए जिम्मेदार है। मूलर को इस्लामिक स्टेट के नेता अबू बक्र अल-बगदादी ने प्रताड़ित किया और फिर मार दिया था। बहस में कायला मूलर के रिश्तेदार पेंस के मेहमानों में से थे।
इससे पहले 29 सितंबर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बिडेन एक बहस में आमने सामने आए थे। ट्रंप लगातार बिडेन को टोक कर रहे थे, बहस के नियमों की अवहेलना कर रहे थे और इस दौरान उनकी मध्यस्थ के साथ बहस भी हुई थी।