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US Election 2020: बराबरी रही तो सीनेट-हाउस के सदस्य करेंगे राष्ट्रपति का फैसला

Thu, 05 Nov 2020 08:28 AM IST
Kuldeep Singh वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
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अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जिस तरह पेचीदा पैदा होता जा रहा है उससे यह संभावना भी नकारी नहीं जा रही है कि नतीजे टाई हो सकते हैं। यहां कुल 538 इलेक्टोरल वोट में से जीत के लिए 270 इलेक्टोरल वोट प्रत्याशी को हासिल करने हैं। अगर कोई प्रत्याशी इतने वोट हासिल नहीं कर पाता है तो प्रतिनिधि सभा और सीनेट में राज्यों के सदस्य राष्ट्रपति चुनेंगे। इन सदस्यों का शपथग्रहण तीन जनवरी को होना है।

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हाउस में हर राज्य की ओर से एक वोट माना जाता है, यानी कुल 50 वोट। यहां आबादी के अनुपात में वोट नहीं होते हैं, जैसा इलेक्टरल कॉलेज वोट से करते समय होता है। इस समय रिपब्लिकन पार्टी का 26 राज्यों पर नियंत्रण है और 22 पर डेमोक्रेटिक पार्टी काबिज है। लेकिन नए चुने जा रहे सदस्यों को यह निर्णय लेना है कि वह किस राष्ट्रपति चुनते हैं, ऐसे में समीकरण बदल सकते हैं।



राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति अलग-अलग दलों से
अगर हाउस में 50 राज्य सदस्यों के वोट की स्थिति बनती है तो राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति अलग-अलग दलों से भी चुने जा सकते हैं। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि सीनेट पहले ही बहुमत से उपराष्ट्रपति चुन चुकी होगी। यह राष्ट्रपति के लिए मतदान के समय बहुमत पाने वाले प्रत्याशी के दल से अलग दल का हो सकता है। 
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राष्ट्रपति चुने जाने तक उप-राष्ट्रपति को कमान
हाउस ऑफ रिप्रजेंजेटिव्स में भी ट्रप और बिडेन को 25-25 वोट मिलते हैं तो फिर राष्ट्रपति चुनाव नए कार्यकाल के पहले दिन यानी शपथ तक के लिए टलेगा। इस बार शपथ 20 जनवरी 2021 को होनी है। इस बीच सीनेट के सदस्य उप-राष्ट्रपति का चुनाव सामान्य बहुमत से करेंगे। किसी प्रत्याशी के लिए 26 वोट मिलने तक हाउस में मतदान जारी रहेगा। इस बीच उप-राष्ट्रपति राष्ट्रपति के तौर पर काम करता रहेगा।

नैंसी पेलोसी भी बन सकती हैं कार्यकारी राष्ट्रपति!
अमेरिका की राजनीति में यह भी संभव है। दरअसल, अगर सीनेट में उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान के समय सीनेटर स्वतंत्र होते हैं। यहां अगर टाई होता है तो हाउस की अध्यक्ष को उपराष्ट्रपति बनाया जाता है। इस समय नैंसी पेलोसी हाउस की अध्यक्ष हैं। ऐसे में वह न केवल उपराष्ट्रपति बन सकती हैं बल्कि नए राष्ट्रपति के चुनाव तक कार्यकारी राष्ट्रपति भी मानी जाएंगी।

करीब दो सौ साल में हाउस ने दो बार चुने राष्ट्रपति
इलेक्टोरल कॉलेज वोट टाई होने के बाद अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति का चुनाव हाउस द्वारा दो बार किया गया-

  • वर्षों में थॉमस जैफरसन ने एरोन बर को हराया उस समय दोनों एक ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक पार्टी के सदस्य थे। दोनों को इलेक्टोरल कॉलेज वोट में से 73-73 वोट मिले। ऐसे में हाउस ने मतदान किया जहां जैफरसन अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति चुने गए। 
  • वर्ष 1824 में दूसरी बार फिर से इलेक्टोरल कॉलेज वोट डेमोक्रेटिक रिपब्लिकन के दो प्रत्याशियों जॉन क्विंसी एडम्स और एंड्रयू जैक्सन के बीच टाई हुआ। यहां हाउस ने एडम्स को बहुमत देकर राष्ट्रपति बनाया।
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