काबुल के रिहायशी इलाके में हुई ड्रोन स्ट्राइक में कई लोगों की मौत हुई।
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अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद से ही मचा अफरा-तफरी का माहौल अभी थमा नहीं है। चार दिन पहले काबुल के एयरपोर्ट पर हुए इस्लामिक स्टेट के आतंकी हमले में 170 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक दर्जन से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई थी। बदला लेने के लिए अमेरिका भी लगातार आईएस-खोरासान के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है। अमेरिका का सबसे ताजा निशाना काबुल के रिहायशी इलाके में खड़ी संदिग्ध आतंकियों की एक गाड़ी थी, जिसे ध्वस्त करने के लिए ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि, इस हमले में एक परिवार के नौ लोगों की मौत की बात सामने आई है। इसमें मारे गए लोगों में छह बच्चे थे, जिनमें सबसे छोटी बच्ची की उम्र दो साल थी।
आतंकियों के खात्मे में अमेरिकी सेना की तरफ से हुई लापरवाही पर चौतरफा सवाल पूछे जा रहे हैं। दरअसल, जिस घर पर यह हमला हुआ, वहां घटना के ठीक बाद ही पड़ोसी और परिजन जुट गए। हमले में मारी गई बच्ची के भाई ने बताया कि वे एक साधारण परिवार हैं। न कि कोई आतंकी। उसने कहा, "हम आईएस या दाएश के लोग नहीं है। यहां हमारा परिवार रहता था।"
इस घटना के कुछ और चश्मदीदों ने मीडिया ग्रुप सीएनएन को बताया कि इमारत पर हमले के बाद सभी पड़ोसी पानी लेकर पहुंच गए। उनका पहला मकसद आग बुझाना था, ताकि लोगों को बचाया जा सके। एक पड़ोसी ने कहा कि ध्वस्त हुई इमारत के पास पांच-छह लोगों की लाशें बिखरी पड़ी थीं। इनमें बच्चों के साथ उनके पिता का भी शव था। सभी की मौके पर मौत हो चुकी थी। उनके शव के टुकड़े हो चुके थे। इसके अलावा दो और घायल भी थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस जगह यह घटना हुई वहां पत्रकारों को जाने की इजाजत नहीं दी गई। लेकिन इस घटना को देखने वाले कुछ और पड़ोसियों ने बताया कि जब वे घर में पहुंचे, तब उन्हें कई लोग मृत दिखे। वहां एक कार भी दिखी थी। एक और व्यक्ति ने कहा कि उन्होंने रॉकेट की आवाज सुनीन और पड़ोसी के घर चले गए। वहां से उन्होंने एक 3-4 साल के बच्चे को मलबे से निकाला। इस दौरान आग और धुएं से पूरा इलाका घिर गया था। उन्होंने कहा कि तीन लोग कार के अंदर थे और तीन कार के बाहर थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
अमेरिकी सेना ने रविवार को नागरिकों के मारे जाने की बात कबूल की थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन के मुताबिक, "ड्रोन हमले में कार ध्वस्त होने के बाद भी एक ताकतवर धमाका हुआ था। इससे पता चलता है कि जिस कार को निशाना बनाया गया, उसमें काफी विस्फोटक लदे थे। हो सकता है कि इसी वजह से बाकी लोगों की मौत हुई हो। अभी तक पूरी घटना की जानकारी साफ नहीं है।"