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US: भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार ने शुरू किया नया कॉकस, हिंदू-बौद्ध-सिख और जैन के हितों की रक्षा करना मकसद

Sat, 30 Sep 2023 05:49 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

भारतीय मूल के अमेरिकी संसद के सदस्यों के समूह को कॉकस कहा जाता है, जो संसद में भारतीय समुदाय के हितों के लिए काम करते हैं और उस पर चर्चा करते हैं।
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US Congressman Shri Thanedar - फोटो : ANI
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भारतीय मूल के सांसद श्री थानेदार ने अमेरिका में हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन के हितों की रक्षा के लिए नए कॉकस की शुरुआत की है। 'हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन यूएस कांग्रेसनल कॉकस' में दो दर्जन से अधिक सांसद शामिल हो चुके हैं। थानेदार ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के द्विदलीय कॉकस की शुरुआत की, जिसका मकसद धार्मिक भेदभाव से निपटना और हिंदू, बौद्ध, सिख तथा जैन धर्मावलंबियों के लिए धार्मिक आजादी को बढ़ावा देना है। यूएस कांग्रेसनल कॉकस अमेरिकी संसद के सदस्यों का एक समूह है, जो सदन में साझा विधायी उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलते हैं और उस पर चर्चा करते हैं। वॉशिंगटन में मीडिया को संबोधित करते हुए थानेदार ने कहा, हम सिर्फ एक और कॉकस शुरू करने के लिए एकसाथ नहीं आ रहे हैं; हमारा उद्देश्य एक ऐसे आंदोलन को आगे बढ़ाना है जो समावेश और सकारात्मक नीतिगत कार्यों के लिए प्रयास करता है। उन्होंने कहा, इस आंदोलन का उद्देश्य यह दिखाना है कि अमेरिका में हर धर्म, हर संस्कृति और हर समुदाय के लिए स्थान है। मेरा नाम श्री थानेदार है। मैं कांग्रेस (संसद) में अमेरिका की विविधता का प्रमाण हूं। अमेरिकी सांसद ने आगे कहा कि कॉकस की शुरुआत धार्मिक भेदभाव के खिलाफ खड़े होने और एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करने की प्रतिबद्धता है, जहां विविधता की न केवल जगह हो, बल्कि उसे सब मिलजुल कर स्वीकार भी करें।

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नए कॉकस का हिस्सा बने 27 द्विदलीय सांसद
थानेदार ने कहा कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों पार्टियों के लगभग 27 अमेरिकी सांसद नए कॉकस में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा, यह कॉकस विचार-विमर्श करने, कार्रवाई करने, हमारी संस्कृति व समाज में गलत सूचना-दुष्प्रचार को खत्म करने, धार्मिक स्वतंत्रता अभिव्यक्त करने, हमारे अस्तित्व की रक्षा करने और नफरत तथा कट्टरता को पीछे धकेलकर हम कौन हैं, इसके बारे में सच बोलने का एक मंच तैयार करेगा।

अमेरिका में कई मंदिर-गुरुद्वारे
श्री थानेदार ने कहा कि अमेरिका में करीब 1,000 हिंदू मंदिर, 1,000 बौद्ध मंदिर, 800 गुरुद्वारे और 100 जैन मंदिर हैं, जो समुदाय के विकास, परमार्थ और आध्यात्मिक कल्याण के केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तकरीबन 30 लाख हिंदू, 12 लाख बौद्ध, पांच लाख सिख और दो लाख जैन हमारे देश की संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध करते हैं।
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