अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल 2002 में पाकिस्तान गए थे, वहां आतंकी संगठन अल-कायदा और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संबंधों पर स्टोरी के लिए जानकारी जुटा रहे थे। इस दौरान उन्हें आतंकी संगठन और खुफिया एजेंसी के संबंधों के सबूत मिल भी गए थे। तभी पर्ल को अगवा कर लिया गया और कई टॉर्चर करने के बाद सिर काटकर हत्या कर दी गई। पर्ल की हत्या पर अमेरिका ने कड़ा विरोध जताया था। दबाव में आकर पाकिस्तान सरकार ने चार लोगों को की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया, जिनमें मुख्य आरोपी अहमद उमर सईद शेख भी शामिल था।
वर्ष 2002 में जब पर्ल के हत्यारे शेख को गिरफ्तार किया गया था, तो उसे डेथ सेल में रखा गया था। इस बैरक में उन लोगों को रखा जाता है, जिन्हें सजा-ए-मौत मिली होती है। कुछ ही दिन में सईद और उसके चार साथियों को जनरल बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। अब उसे सभी सहूलियतों वाले सेफ हाउस में रखा जाएगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने शेख और बाकी आरोपियों को फैमिली से मिलने की मंजूरी भी दे दी है।