इस्राइल-हमास के बीच पिछले नौ महीनों से जारी जंग के बीच इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका दौरे पर हैं। उन्होंने अमेरिका के संसद को संबोधित करते हुए इस्राइल के खिलाफ समूहों को फंडिंग और समर्थन देने के लिए ईरान की आलोचना की। नेतन्याहू ने ईरान को निशाने पर लेते हुए कहा कि अपने शत्रुओं को हराने के लिए साहस की जरूरत होती है।
अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमें मालूम है कि ईरान इस्राइल के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को फंडिंग कर रहा है। ज्यादा नहीं, लेकिन ऐसे कुछ यहां भी हैं और हर राज्य में हैं। मेरे पास इन प्रदर्शनकारियों के लिए एक संदेश है। इन प्रदर्शनकारियों के लिए मेरा संदेश है- जब तेहरान के तानाशाह, जो समलैंगिकों को फांसी देते हैं और अपने बाल न ढकने के लिए महिलाओं की हत्या कर देते हैं, वह आपकी तारीफ करें, आपको फंड दें, तो मतलब है कि आप आधिकारिक तौर पर ईरान के काम आने वाले बेवकूफ बन चुके हैं।"
नेतन्याहू ने आगे कहा, "शानदार, बहुत शानदार। इनमें से कुछ प्रदर्शनकारियों ने गाजा के लिए समलैंगिंग का नारा लगाते हुए तख्तियां ले रखी है। ये प्रदर्शनकारी नदियों से सागर तक नारे लगा रहे हैं। इनमें से अधिकांश लोगों को यह समझ नहीं आया होगा कि यहां नदी और सागर का क्या मतलब है। वे भूगोल में विफल नहीं होते, वे इतिहास में विफल होते हैं। वे इस्राइल को उपनिवेशवादी राज्य कहते हैं। क्या वे नहीं जानते कि इस्राइल की भूमि वह है जहां इब्राहिम, इसहाकऔर याकूब ने प्रार्थना की। यहां इसाइया और जेरेमिया ने उपदेश दिया था। यहां दाऊद और सुलैमान ने शासन किया।"
अमेरिका के कई शहरों में प्रदर्शन
बुधवार को कुछ फलस्तीनी समर्थकों ने संसद के पास अमेरिकी झंडे को उतार कर उसे जला दिया। उन्होंने उसके बदले फलस्तीन का झंडा फहरा दिया। यह घटना अमेरिकी संसद के पास यूनियन स्टेशन के पास घटी। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी मध्य पूर्व में अमेरिकी नीति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारियों को हमास के लिए और इस्राइल के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा गया। उन्होंने एक व्यस्त यूनियन स्टेशन के सामने बड़े से अमेरिकी झंडे को नीचे उतारकर उसे जला दिया। इसके बदले में उन्होंने एक छोड़ा सा फलस्तीनी झंडा फहरा दिया।
अमेरिका के कुछ अन्य शहरों में भी प्रदर्शन किए गए। कई लोगों ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भी नारेबाजी की। मौजूदा स्थिति को देखते हुए महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के सामने बैरिगेड लगाया गया। इसमें व्हाइट हाउस और अमेरिका का संसद भवन भी शामिल है। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस पेपर स्प्रे का इस्तेमाल कर रही है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, अमेरिकी झंडे को जलाने के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने नेतन्याहू के पुतले को भी जला दिया।