अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में व्यापार और तकनीक को लेकर चल रही खींचतान के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस में मुलाकात की। इस बातचीत में ताइवान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई जैसे अहम मुद्दे सामने आए। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, शी ने अमेरिका से ‘ताइवान की आजादी’ का विरोध करने और ताइवान के मुद्दे को सावधानी से संभालने की अपील की। साथ ही उन्होंने दोनों देशों से एआई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग बढ़ाने को कहा।
दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता को लेकर शी ने क्या कहा?
शी ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक रचनात्मक और रणनीतिक रूप से स्थिर संबंध बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को मुख्य आधार बनाने, प्रतिस्पर्धा को उचित सीमा में रखने और मतभेदों को संभालने की बात कही। उन्होंने हाल की आर्थिक और व्यापारिक बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि सहयोग के क्षेत्रों को बढ़ाने तथा विवाद के मुद्दों को कम करने की जरूरत है। शी के मुताबिक, समानता, एक-दूसरे के सम्मान और पारस्परिक लाभ की भावना से मतभेदों का समाधान तलाशा जा सकता है।
ट्रंप-शी ने किन दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात की?
दोनों नेताओं ने ताइवान और एआई के अलावा मध्य पूर्व की स्थिति, यूक्रेन संकट और कोरियाई प्रायद्वीप के घटनाक्रम पर भी विचार साझा किए। दोनों ने 2026 में होने वाली एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग यानी एपीईसी की आर्थिक नेताओं की बैठक और जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के दौरान एक-दूसरे का समर्थन करने पर सहमति जताई। शी की यह यात्रा तीन दिन की है और दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक तथा दूसरे रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत के बीच हुई है।
ताइवान और एआई पर चर्चा से अमेरिका-चीन रिश्तों का क्या संकेत मिलता है?
ट्रंप और शी की बातचीत में एक तरफ ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चीन की स्पष्ट मांग सामने आई, वहीं दूसरी तरफ एआई जैसे नए क्षेत्र में सहयोग की बात भी हुई। इसका मतलब यह है कि दोनों देशों के बीच कई बड़े मतभेद बने रहने के बावजूद संवाद के रास्ते खुले हैं। व्यापार और तकनीक पर बातचीत जारी रखने के साथ दोनों पक्ष अपने रणनीतिक हितों को भी सामने रख रहे हैं। ऐसे में ट्रंप-शी वार्ता में ताइवान, एआई और व्यापार तीनों मुद्दे अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा के लिए अहम बने हुए हैं।
ट्रंप के साथ नेशनल आर्काइव्स गए जिनपिंग