तालिबान का कब्जा बढ़ते देख दुनिया के तमाम देशों ने अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने की कवायद तेज कर दी है। अमेरिकी सेना के करीब हजार जवानों ने जहां सोमवार को काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मोर्चा संभालते हुए वहां मौजूद अपने राजनयिकों और नागरिकों को रवाना किया। वहीं ब्रिटेन का एक विमान भी राजनयिकों व उसके लोगों के लेकर लंदन लौटा।
जर्मनी और नीदरलैंड के बाद अमेरिका ने सोमवार को काबुल एयरस्पेस का जिम्मा अपने हाथों में लेते हुए अमेरिका ने वहां से लोगों को बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उधर, सऊदी अरब ने अपना काबुल स्थित दूतावास बंद कर दिया और अपने लोगों को वहां से स्वदेश वापस बुला लिया।
न्यूजीलैंड का विमान भी अपने राजनयिकों व नागरिकों को लेने के लिए सोमवार को काबुल पहुंच गया। इसी तरह चेक गणराज्य का एक विमान उसके राजनयिकों समेत 46 लोगों को लेकर सुरक्षित प्राग उतर चुका है।
स्विट्जरलैंड ने भी अपने विदेश मंत्रालय के तीन नागरिकों को अफगानिस्तान से सोमवार को सुरक्षित निकाला। ये तीनों वहां विदेश मंत्रालय की विकास एवं सहयोग एजेंसी के लिए काम कर रहे थे। फ्रांस ने भी अपने दूतावास के कर्मचारियों को निकालने की कवायद शुरू कर दी है।
इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने जेट विमान से 130 ऑस्ट्रेलियाई परिवारों की काबुल से घर वापसी कराई है। ऑस्ट्रेलिया की सेना ने बयान जारी किया है कि मध्य पूर्व से उसके लोगों को निकालने के लिए दो सी174 ग्लोबमास्टर विमानों को भेजा जाएगा। इटली ने भी संकटग्रस्त देश में तैनात उसके कर्मचारियों और लोगों को निकालना शुरू कर दिया है।
नेपाल ने अपने लोगों को निकालने के लिए मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद
नेपाल ने अफगानिस्तान में फंसे उसके नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी है। संयुक्त राष्ट्र को नेपाल ने पत्र लिखकर उसके लोगों को निकालने की गुहार लगाई है।
दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास के अधिकारियों ने भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिलकर उसके लोगों को वापस लाने पर चर्चा की है। नेपाल के 6000 लोग वहां विभिन्न देशों की परियोजनाओं मे काम कर रहे हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या महज 1500 है।
काबुल हवाई अड्डे पर लगा मेला
काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रविवार से ही अपने-अपने देश लौटने वालों का मेला लग गया और हर कोई जैसे तैसे विमान में घुसकर जान बचाते हुए वापस लौटने की फिराक में था। लोग एक दूसरे पर चढ़कर विमानों में घुसने की कोशिश करते रहे। कई बार भगदड़ भी मची।