अमेरिकी सीनेटर मिट रोमनी ने चीन के शिनजियांग प्रांत में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ मानवाधिकार हनन की रिपोर्ट को लेकर बीजिंग में आयोजित होने वाले 2022 शीतकालीन ओलंपिक खेलों के आंशिक बहिष्कार की अपील बाइडन प्रशासन से की है। उन्होंने कहा, इन खेलों में अमेरिकी एथलीटों को भाग लेने की अनुमति तो दी जाए लेकिन अमेरिकी दर्शकों को इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।
सहयोगियों-साझेदारों के साथ काम कर रहा अमेरिका
चीन के खिलाफ अपना हाथ मजबूत करने के लिए अमेरिका सहयोगियों और साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है और हाल ही में हुआ क्वाड शिखर सम्मेलन इस मकसद को पूरा करने के लिए सबसे अहम उदाहरण है। बाइडन प्रशासन के एक अधिकारी ने चीन के शीर्ष विदेश नीति अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की पूर्व संध्या पर यह बात कही। बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन और एनएसए जेक सुलिवन का चीन के विदेशी मामलों के प्रमुख यांग जिंची और विदेश मंत्री वांग यी से अलास्का में शुक्रवार (भारतीय समयानुसार) को मुलाकात का कार्यक्रम है।
जापान-अमेरिका ने की चीनी आक्रामकता की आलोचना
जापान-अमेरिका के शीर्ष मंत्रियों की बैठक में दोनों देशों ने एशिया में चीन की ‘जोर-जबरदस्ती और आक्रामकता’ की आलोचना की है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों में शीर्ष मंत्रियों के स्तर पर यह पहली वार्ता है। अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने जापानी रक्षामंत्री नोबुओ किशि और विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी के साथ ‘टू प्लस टू’ वार्ता की।
बातचीत के बाद ब्लिंकेन ने कहा कि क्षेत्र में लोकतंत्र और मानवाधिकार को चुनौती दी जा रही है और अमेरिका मुक्त व स्वतंत्र हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने कहा, चीन अगर जोर-जबरदस्ती और आक्रामकता करता है तो जरूरत पड़ने पर हम उसे पीछे धकेलेंगे।
वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में मंत्रियों ने चीन के शिनजियांग प्रांत में मानवाधिकारों के हनन, दक्षिण चीन सागर में समुद्री क्षेत्र के गैरकानूनी दावों और गतिविधियों और पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले द्वीपों पर यथा स्थिति को बदलने की एकतरफा कोशिशों पर गंभीर चिंता जताई। बयान में ताइवान जलडमरुमध्य में भी ‘शांति और स्थिरता’ के महत्व पर जोर दिया गया। इस टू प्लस टू वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच कोविड-19 महामारी और जलवायु परिवर्तन पर मिलकर काम करने की सहमति बनीं।
शांति से सोना चाहता है तो बखेड़ा खड़ा न करे : उ. कोरिया
अमेरिका के दोनों शीर्ष मंत्रियों के मंगलवार को जापान पहुंचने के तुरंत बाद उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह अगले चार साल तक ‘शांति से सोना चाहता है’ तो उसे कोई बखेड़ा खड़ा नहीं करना चाहिए। उन्होंने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य अभ्यासों की भी आलोचना की। किम यो जोंग का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन के लिए उत्तर कोरिया का पहला आधिकारिक बयान है।