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Covid19 vaccine: ऑक्सफोर्ड के टीके को लेकर डब्ल्यूएचओ टीम सक्रिय, खून के थक्के जमने के मामले की होगी जांच

अमर उजाला रिसर्च टीम, लंदन Published by: Amit Mandal Updated Wed, 17 Mar 2021 07:33 AM IST
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : पेक्सेल्स
दुनियाभर के 18 देशों में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके से खून का थक्का जमने के मामले को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सुरक्षा विशेषज्ञ  की टीम सक्रिय हो गई है। राहत ये है कि भारत में ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों की टीम खून के थक्के जमने के मामले की जांच की तैयारी में है।

डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, हम नहीं चाहते की लोग ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके से भयभीत हों। हमारी सलाह है, जिन देशों ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई है उसे हटाकर टीकाकरण कार्यक्रम जारी रखें। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ऑक्सफोर्ड, एस्ट्राजेनेका और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) के साथ डब्ल्यूएचओ ने प्राथमिक जांच में टीके से खून का थक्का जमने का कोई संकेत नहीं मिला है। टीके को लेकर पनपे गतिरोध को विराम देने के लिए डब्ल्यूएचओ और ईएमए ने मंगलवार को एस्ट्राजेनेका के टीके जुड़े आंकड़ों का अध्ययन भी किया है। ईएमए बृहस्पतिवार को एक विशेष बैठक करेगी जिसमें आगे की स्थिति को लेकर फैसला भी हो सकता है।

 
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कोरोना वायरस वैक्सीन - फोटो : पेक्सेल्स
दुनियाभर के 18 देशों में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके से खून का थक्का जमने के मामले को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सुरक्षा विशेषज्ञ  की टीम सक्रिय हो गई है। राहत ये है कि भारत में ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों की टीम खून के थक्के जमने के मामले की जांच की तैयारी में है।

डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, हम नहीं चाहते की लोग ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके से भयभीत हों। हमारी सलाह है, जिन देशों ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई है उसे हटाकर टीकाकरण कार्यक्रम जारी रखें। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि ऑक्सफोर्ड, एस्ट्राजेनेका और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (ईएमए) के साथ डब्ल्यूएचओ ने प्राथमिक जांच में टीके से खून का थक्का जमने का कोई संकेत नहीं मिला है। टीके को लेकर पनपे गतिरोध को विराम देने के लिए डब्ल्यूएचओ और ईएमए ने मंगलवार को एस्ट्राजेनेका के टीके जुड़े आंकड़ों का अध्ययन भी किया है। ईएमए बृहस्पतिवार को एक विशेष बैठक करेगी जिसमें आगे की स्थिति को लेकर फैसला भी हो सकता है।
 

डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक बोले, टीके को लेकर न हों भयभीत

खून का थक्का एक दुर्लभ स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि खून का थक्का जमना एक दुर्लभ स्थिति है। कुछ लोगों में पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स नहीं बनना भी इसका एक अहम कारण है। दुनियाभर में करोड़ों लोगों को टीका लगा है। कुछ चुनिंदा लोगों में ही ब्लड क्लॉट के मामले सामने आए हैं। ऐसे में टीके को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, इसके कई और कारण हो सकते हैं।


 

अब स्वीडन स्पेन और पुर्तगाल में भी रोक

स्वीडन पुर्तगाल और स्पेन ने भी ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके के इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब तक कुल 13 यूरोपीय देशों ने इस टीके का प्रयोग बंद कर दिया है। उधर डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर टीके के वितरण पर कोई फर्क ेनहीं पड़ रहा है। कोवाक्स कार्यक्रम के तहत भारत और द. कोरिया में तैयार हो रहा टीका कम और मध्यम आय वाले देशों को पहुंचाया जा रहा है।
 
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