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UNSC: भारत ने पाकिस्तान-तुर्किये जैसे देशों के UfC मॉडल का विरोध किया; कहा- 21वीं सदी में UN 2.0 की सख्त जरूरत

Wed, 20 Mar 2024 08:23 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में सुधार की वकालत की है। पाकिस्तान, इटली, कनाडा, स्पेन और तुर्किये जैसे देशों के समर्थन से तैयार UfC मॉडल का विरोध करते हुए भारत ने कहा कि 21वीं सदी में संयुक्त राष्ट्र 2.0 की जरूरत है।
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भारत में संयुक्त राष्ट्र में सुधार का आह्वान किया - फोटो : amar ujala graphics
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विस्तार
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी वैश्विक संस्था में सुधार का आह्वान किया है। यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस (UfC) की तरफ से पेश किए गए मॉडल की आलोचना करते हुए भारत ने कहा कि 21वीं सदी की दुनिया को यूएन 2.0 की सख्त जरूरत है। गौरतलब है कि यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस समूह में पाकिस्तान, इटली, स्पेन और तुर्किये जैसे देश शामिल हैं। पाकिस्तान समर्थित समूह- यूएफसी का विरोध करते हुए भारत ने कहा कि UNSC में स्थायी और गैर-स्थायी सीटों के विस्तार का अधिकांश सदस्य देश समर्थन कर रहे हैं, लेकिन वह इस विचार के खिलाफ है।
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किन देशों को मिलाकर बना है यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस (UfC) समूह
बता दें कि यूएफसी में अर्जेंटीना, कनाडा, कोलंबिया, कोस्टा रिका, इटली, माल्टा, मैक्सिको, पाकिस्तान, कोरिया गणराज्य, सैन मैरिनो, स्पेन और तुर्किये शामिल हैं। इस समूह में चीन एक स्थायी सदस्य है। इंडोनेशिया पर्यवेक्षक के रूप में भाग ले रहा है।

क्या है पाकिस्तान, तुर्किये जैसे देशों का प्रस्ताव
गौरतलब है कि यूएफसी समूह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में नए स्थायी सदस्यों का विरोध करता है। यूएफसी मॉडल में 26 सीटों वाली सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें केवल अस्थायी, निर्वाचित सदस्यों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। समूह ने तत्काल दोबारा चुने जाने की संभावनाओं के साथ 9 नई दीर्घकालिक सीटें बनाने का प्रस्ताव भी रखा है।
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यूएफसी मॉडल के जवाब में रुचिरा कंबोज ने दिया दो टूक संदेश
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मोर्चे पर खतरे अधिक जटिल, अप्रत्याशित और अपरिभाषित हो गए हैं। 21वीं सदी की दुनिया को संयुक्त राष्ट्र 2.0 की सख्त जरूरत है। ऐसे संयुक्त राष्ट्र में सदस्य देशों की जरूरतों और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाले विश्वसनीय प्रतिनिधि होने चाहिए। ऐसे देशों को शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए। कंबोज ने यह बयान सोमवार को यूएनएससी सुधारों पर अंतर सरकारी वार्ता (आईजीएन) की बैठक में इटली की तरफ से प्रस्तुत यूएफसी मॉडल के जवाब में दिया।
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