टाइप-2 मधुमेह के उपचार में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन पेप्टाइड इडियोपैथिक इंट्राक्रेनियल हाइपरटेंशन (आईआईएच) के मरीजों के उपचार में उपयोगी हो सकता है। आईआईएच एक सिरदर्द है, जो लंबे समय तक बना रहे तो मरीज को अंधा भी बना सकता है।
मेडिकल जर्नल ब्रेन में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधार्थियों ने एक जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट यानी एक्सैनाटाइड नामक दवा पर परीक्षण किया है, जिसके दूसरे क्लिनिकल ट्रायल की परीक्षण रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है। बर्मिंघम विश्वविद्यालय और उसके अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट की टीम ने यह अध्ययन किया, जिसमें पाया कि जिन रोगियों को इस दवा के नियमित इंजेक्शन दिए गए तो उनमें सिरदर्द में कमी आई। टीम ने यह बदलाव 24 घंटे में सबसे कम 2.5 घंटे तक दर्ज किया है, जबकि दीर्घकालीन असर में 12 सप्ताह तक सिरदर्द रोकने में लाभकारी रहा।
परीक्षण के दौरान 12 सप्ताह के दौरान बार-बार होने वाले सिरदर्द में कमी देखी गई। बर्मिंघम विश्वविद्यालय में मेटाबॉलिज्म एंड सिस्टम्स रिसर्च संस्थान के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रोफेसर एलेक्स सिंक्लेयर ने कहा, यह आईआईएच की दुर्बल करने वाली स्थिति के लिए एक प्रमुख परीक्षण है जो लोगों को, आमतौर पर महिलाओं को अंधा बना सकता है। मरीजों को रोजाना होने वाले इस सिरदर्द के इलाज के लिए कोई अनुमति प्राप्त दवा नहीं है। इसलिए यह परिणाम भविष्य में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हमें खुशी है कि दूसरे चरण के परीक्षण के नतीजे काफी संतोषजनक हैं। हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया भर में आईआईएच पीड़ित रोगियों को जल्द ही उपचार उपलब्ध होगा।