अमेरिका की शीर्ष पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने कोरोना वायरस से पीड़ित गंभीर मरीजों की सूची की एक बार फिर समीक्षा की है और उम्र घटक को हटाकर सूची में गर्भवती महिलाओं को शामिल किया है। सूची में उन अमेरिकी लोगों को शामिल किया गया है जिनमें संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है।
लेकिन नए बदलावों में सीडीसी ने कुछ वर्ग तैयार किए हैं जिसमें उन लोगों कोे शामिल किया गया है जिनमें संक्रमण का खतरा ज्यादा या ज्यादा हो सकता है। सीडीसी ने कहा कि किसी व्यक्ति की उम्र जितनी ज्यादा होगी वो उतना से खतरे के समीप रहेगा लेकिन नए बदलाव में सीडीसी ने 65 साल वाले वर्ग को हटा दिया है।
सीडीसी की ओर ये जो नई सूची जारी की गई है उसमें गर्भवती महिला, धूम्रपान करने वाले लोग, अस्थमा के मरीज, दिमाग तक खून का बहाव रोकने वाली बीमारी, श्वास अवयव में संक्रमण, हाई ब्लड प्रेशर, पागलपन, गुर्दे की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी, टाइप-1 मधुमेह, थेलेसिमिया और जिन लोगों का इम्यून सिस्टम एचआईवी वायरस की वजह से कमजोर हो गया है, को शामिल किया गया है।
सीडीसी ने गर्भवती महिलाओं को उसी दिन नई सूची में शामिल कर लिया था जब एक रिपोर्ट के हवाले से पता चला था कि लगभग नौ फीसदी प्रसव वाली महिलाओ में कोरोना का संक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कोरोना वायरस के संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं को है।