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US: ट्रंप प्रशासन के निशाने पर न्याय विभाग; 10 राज्यों के 17 आव्रजन न्यायालयों के जजों को किया बर्खास्त

Wed, 16 Jul 2025 04:51 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ प्रोफेशनल एंड टेक्निकल इंजीनियर्स, जो जजों और दूसरे पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करता है, ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को 15 और सोमवार को दो न्यायाधीशों को बिना किसी कारण बर्खास्त कर दिया। संघ ने कहा कि ये जज अमेरिका के 10 राज्यों- कैलिफोर्निया, इलिनॉय, लुइसियाना, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, न्यूयॉर्क, ओहायो, टेक्सास, यूटा और वर्जीनिया की अदालतों में कार्यरत थे। 
 
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI
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विस्तार
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ट्रंप प्रशासन के निशाने पर अब न्याय विभाग है। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में 10 राज्यों के 17 आव्रजन न्यायालयों के न्यायाधीशों को बर्खास्त कर दिया है। ये कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब ट्रंप प्रशासन ने देश से प्रवासियों को बड़े पैमाने पर निर्वासित करने की प्रक्रिया को तेज किया है। न्यायाधीशों की बर्खास्तगी के बारे में जजों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ ने जानकारी दी है। 

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इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ प्रोफेशनल एंड टेक्निकल इंजीनियर्स, जो जजों और दूसरे पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करता है, ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को 15 और सोमवार को दो न्यायाधीशों को बिना किसी कारण बर्खास्त कर दिया। संघ ने कहा कि ये जज अमेरिका के 10 राज्यों- कैलिफोर्निया, इलिनॉय, लुइसियाना, मैरीलैंड, मैसाचुसेट्स, न्यूयॉर्क, ओहायो, टेक्सास, यूटा और वर्जीनिया की अदालतों में कार्यरत थे। 

संघ अध्यक्ष ने न्यायाधीशों की बर्खास्तगी को बेतुका बताया
संघ अध्यक्ष मैट बिग्स ने कहा, 'यह अपमानजनक और जनहित के खिलाफ है कि जब कांग्रेस ने 800 नए आव्रजन न्यायाधीशों को नियुक्त करने की अनुमति दी है, तब ट्रंप प्रशासन मौजूदा न्यायाधीशों को बिना कारण हटा रहा है। यह बेतुका है। इसका समाधान बर्खास्तगी बंद करके नियुक्ति शुरू करना है।'
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न्याय विभाग ने बर्खास्तगी पर टिप्पणी करने से इनकार किया
न्यायाधीशों की बर्खास्तगी ऐसे समय में हुई है, जब ट्रंप प्रशासन आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू कर रहा है। आव्रजन न्यायालयों में पेश होने वाले प्रवासियों को अब कोर्ट के बाहर गिरफ्तार किया जा रहा है, जिससे डर का माहौल बन गया है। न्याय विभाग के अंतर्गत आने वाले आव्रजन समीक्षा कार्यकारी कार्यालय की एक प्रवक्ता, जो अदालतों की देखरेख करती है, ने एक ईमेल में कहा कि कार्यालय इन बर्खास्तगी पर कोई टिप्पणी नहीं करेगा।

आव्रजन न्यायालयों में 35 लाख केस लंबित
आव्रजन न्यायालयों में करीब 35 लाख केस लंबित हैं। किसी केस का फैसला आने में कई साल लग सकते हैं, क्योंकि न्यायाधीश और वकील अक्सर किसी मामले के गुण-दोष के आधार पर अंतिम सुनवाई एक साल से भी ज्यादा समय के लिए निर्धारित करते हैं। आपराधिक न्यायालयों के विपरीत, आव्रजन अदालतों में प्रवासियों को सरकार की तरफ से वकील नहीं दिया जाता है। अगर वे वकील नहीं रख सकते, तो खुद ही अपना केस लड़ते हैं, और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए अक्सर दुभाषिए की जरूरत होती है। 

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आव्रजन व्यवस्था को सुधारने के लिए पारित हुआ नया कानून
हाल ही में अमेरिका में एक नया कानून पारित हुआ है, जिसमें आव्रजन व्यवस्था को सुधारने के लिए 170 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे। इसमें से 3.3 अरब डॉलर आव्रजन न्यायालयों को दिए जाएंगे, ताकि 800 जजों की नियुक्ति और स्टाफ की भर्ती हो सके। लेकिन यूनियन का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के आने के बाद से अब तक 103 से ज्यादा न्यायाधीशों को या तो बर्खास्त कर दिया गया है या उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है। 

वर्तमान में 600 आव्रजन न्यायाधीश कार्यरत 
यूनियन का मानना है कि इन बर्खास्तगियों से अदालतों में काम की रफ्तार तेज नहीं होगी, बल्कि और भी केस लंबित हो जाएंगे। यूनियन ने कहा कि नए आव्रजन अदालती जजों की भर्ती, नियुक्ति और प्रशिक्षण में एक साल तक का समय लग सकता है। यूनियन के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 600 आव्रजन न्यायाधीश कार्यरत हैं, और आव्रजन अदालतें न्याय विभाग के अधीन आती हैं। 

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