2030 तक 2,000 अरब डॉलर से ज्यादा होगा भारत का वस्तु-सेवा निर्यात
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को पेरिस में भारत-फ्रांस व्यापार शिखर सम्मेलन और सीईओ गोलमेज सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 2030 तक भारत का वस्तु व सेवा निर्यात मौजूदा 765 अबर डॉलर से तीन गुना बढ़कर 2,000 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगा। भारत को अवसरों का संगम बताते हुए उन्होंने फ्रांस के कारोबारियों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
भारत में निवेश और व्यापार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, भारत के वस्तु और सेवा निर्यात में हो रही 50 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि आने वाले कई वर्षों तक जारी रहेगी। इसके साथ बताया कि बीते छह-सात वर्ष में वैश्विक निर्यात 28 फीसदी बढ़ा है, जबकि भारत के निर्यात में 75 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई है।
सम्मेलन में फ्रांस के विदेश व्यापार मंत्री ओलिवियर बेख्त के अलावा फ्रांस की 50 शीर्ष कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। इसमें आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से एक साझा भविष्य सुरक्षित करना जैसे विषयों पर सत्रों का आयोजन किया गया।
भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर हुई चर्चा
पीयूष गोयल ने बेख्त के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को 2,000 से ज्यादा व्यावसायिक हवाई जहाजों की जरूरत होगी।
लिहाजा, भारत में हवाई जहाज बनाना स्थानीय मांग और निर्यात दोनों के लिहाज से फायदे का सौदा है। इसपर फ्रांस के मंत्री बेख्त ने कहा कि फ्रांस की कंपनियां भारत में सक्रिय हैं और परस्पर सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। पिछले वित्त वर्ष में दोनों देशों ने 15.1 अरब डॉलर का कारोबार हुआ।