संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की पचासवीं वर्षगांठ को मनाने ने लिए पांचवीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के विशेष सत्र में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ये अवसर प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ काम करने के लिए है।
नैरोबी में आयोजित संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के विशेष सत्र में भारत ने नवीनतम विज्ञान और डिजिटल उपकरणों की आवश्यकता पर बल दिया है। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (यूएनईए) में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट से निपटने के लिए नवीनतम विज्ञान और डिजिटल उपकरणों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए वैश्विक ज्ञान और टेक्नॉलॉजी को बिना किसी बाधा के आदान-प्रदान करने पर बल देना महत्वपूर्ण है।
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संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की पचासवीं वर्षगांठ को मनाने ने लिए पांचवीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के विशेष सत्र में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि ये अवसर प्रमुख पर्यावरणीय मुद्दों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ काम करने के लिए है।
उन्होंने कहा कि यूएनईपी की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने, पर्यावरण संबंधी चुनौतियों जिसमें जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के क्षेत्रों और प्रदूषण आदि से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने की जरूरत है।
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इस मौके पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के 50 साल पूरे होने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस काल में यूएनईपी ने वैश्विक समुदाय की असाधारण सेवा की है। उन्होंने बताया कि गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए भारत 1972 में यूएनसीपी के साथ जुड़ा था।
गौरतलब है कि पांचवीं संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा का 28 फरवरी को नैरोबी में शुभारंभ हुआ था। जो शुक्रवार को एक विशेष सत्र के साथ समाप्त होगी। इस विशेष सत्र में शामिल होने के लिए भूपेंद्र यादव बुधवार को नैरोबी पहुंच गए थे।