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यूक्रेन संकट: संयुक्त राष्ट्र ने रूस के फैसले को बताया चार्टर का उल्लंघन, सुरक्षा परिषद ने बुलाई आपात बैठक

Tue, 22 Feb 2022 06:12 AM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को।

सार

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे ब्लिंकन ने एक बयान जारी कर रूसी राष्ट्रपति के एलान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों का दायित्व है कि वे खतरा दिखाकर या बल प्रयोग के माध्यम से बनाए गए एक नए "देश" को मान्यता न दें, साथ ही किसी अन्य देश की सीमाओं को बाधित न करने का दायित्व भी निभाएं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के लिए उनके घोर अनादर का एक और उदाहरण है।
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संयुक्त राष्ट्र संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पूर्वी यूक्रेन के दो शहरों-डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र क्षेत्र घोषित करने के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के फैसले को यूएन महासचिव एंटोनिया गुतेरस ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। उन्होंने रूस के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि यह यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता व संप्रभुता का भी हनन है। पुतिन के एलान के बाद तनावपूर्ण हालात को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। इसमें भारत की ओर से भी रूस के कदम को लेकर बयान दिया जाएगा।

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यूएन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका-फ्रांस और उसके सहयोगी देशों की ओर से सोमवार को यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। ताजा जानकारी के अनुसार, यह बैठक एक खुले सत्र वाली होगी। 

यूक्रेन संकट के बीच अमेरिका से राष्ट्रपति जो बाइडन का एक बयान में सामने आया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए संयुक्त राज्य की प्रतिबद्धता को लेकर फोन पर बात की।
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बाइडन बोले- रूस को रोकने के कदम उठाएंगे
राष्ट्रपति बाइडन ने यूक्रेन के तथाकथित डीएनआर और एलएनआर क्षेत्रों की "स्वतंत्रता" को कथित तौर पर मान्यता देने के रूसी राष्ट्रपति पुतिन के फैसले की कड़ी निंदा की। राष्ट्रपति बाइडन ने दोहराया कि संयुक्त राज्य अमेरिका यूक्रेन के खिलाफ रूसी आक्रमण को आगे बढ़ाने से रोकने के लिए अपने सहयोगियों और भागीदारों के साथ मिलकर तेजी से कदम उठाएगा और माकूल जवाब देगा।

बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति बाइडन ने हाल में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, यह आदेश "कुछ व्यक्तियों की संपत्ति को अवरुद्ध और यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने के लिए जारी रूसी प्रयासों के संबंध में कुछ लेनदेन को रोकता है।" 

आदेश में कहा गया है कि "यूक्रेन के तथाकथित डीएनआर या एलएनआर क्षेत्रों या यूक्रेन के ऐसे अन्य क्षेत्रों में नए निवेश को प्रतिबंधित किया जाता है, जैसा कि राज्य के सचिव (सामूहिक रूप से, कवर किए गए क्षेत्र) के परामर्श से ट्रेजरी के सचिव द्वारा निर्धारित किया जा सकता है। 

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका को अभी देखना और इंतजार करना होगा कि पुतिन के आदेश के बाद डोनबास में रूसी सैनिकों की क्या प्रतिक्रिया होती है। वह क्या और कैसे करते हैं। उन्होंने कहा कि रूसी वर्षों से वहां काम कर रहे हैं और इसलिए यह नया नहीं होगा।

अमेरिका: विदेश मंत्री ब्लिंकन ने की पुतिन के एलान की निंदा, यूक्रेन की संप्रभुता पर हमला बताया
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी जे ब्लिंकन ने एक बयान जारी कर रूसी राष्ट्रपति के एलान की निंदा की है। ब्लिंकन ने अपने बयान में कहा कि हम तथाकथित "डोनेट्स्क और लुहान्स्क" को "स्वतंत्र" के रूप में मान्यता देने के राष्ट्रपति पुतिन के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि जैसा कि हमने कहा था जब ड्यूमा ने पहली बार अपना अनुरोध किया था, यह निर्णय मिंस्क समझौतों के तहत रूस की प्रतिबद्धताओं की पूर्ण अस्वीकृति का प्रतिनिधित्व करता है, सीधे तौर पर कूटनीति के लिए रूस की प्रतिबद्धता का खंडन करता है और यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर एक स्पष्ट हमला है।

उन्होंने कहा कि अन्य देशों का दायित्व है कि वे खतरे या बल प्रयोग के माध्यम से बनाए गए एक नए "देश" को मान्यता न दें, साथ ही किसी अन्य देश की सीमाओं को बाधित न करने का दायित्व भी निभाएं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों के लिए उनके घोर अनादर का एक और उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने यूक्रेन के तथाकथित डीएनआर और एलएनआर क्षेत्रों को "स्वतंत्र" के रूप में मान्यता देने के राष्ट्रपति पुतिन के फैसले की कड़ी निंदा की है। साथ ही चर्चा की है कि वह आगे अपनी प्रतिक्रिया के लिए किस तरह समन्वय कैसे जारी रखेंगे।

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