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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट: इस्राइल पर फलस्तीनी नागरिकों के यौन उत्पीड़न का आरोप; पीएम नेतन्याहू ने किया खंडन

Fri, 14 Mar 2025 09:41 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा

सार

संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने गाजा पट्टी में हमास के साथ युद्ध के दौरान शारीरिक शोषण, प्रजनन और अन्य लिंग-आधारित हिंसा का व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल किया।
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इस्राइल-हमास (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : ANI
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विस्तार
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इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट सामने आई है। इसमें संयुक्त राष्ट्र समर्थित मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इस्राइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने गाजा पट्टी में हमास के साथ युद्ध के दौरान शारीरिक शोषण, प्रजनन और अन्य लिंग-आधारित हिंसा का व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल किया। बता दें कि रिपोर्ट में यह आरोप 7 अक्टूबर, 2023 को हमास द्वारा इस्राइल पर किए गए हमले के बाद की स्थिति पर आधारित हैं। 
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भारी विस्फोटक इस्तेमाल का भी जिक्र
साथ ही इस्राइल हमास संघर्ष को लेकर जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस्राइल ने गाजा में नागरिक क्षेत्रों में भारी विस्फोटक इस्तेमाल किए, अस्पतालों और स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमले किए, जिससे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा हुई। इसके अलावा रिपोर्ट में इस्राइल सुरक्षा बलों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने फलस्तीनी बंदियों के खिलाफ यौन हिंसा की। हालांकि, इस्राइल ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि यदि कोई उल्लंघन होता है तो वह कार्रवाई करते हैं। 

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इस्राइली पीएम ने रिपोर्ट को बताया विरोधी शो
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मानवाधिकार परिषद के इस रिपोर्ट पर पलटवार किया। उन्होंने इस रिपोर्ट को लेकर कहा कि यह एक इस्राइल विरोधी शो है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परिषद लंबे समय से यहूदी विरोधी है, आतंकवाद का समर्थन करती है और अब अप्रासंगिक हो चुकी है। उन्होंने अपने बयान में परिषद द्वारा किए गए निष्कर्षों पर कोई टिप्पणी नहीं की।

रिपोर्ट के बाद हमास की मांग
इस रिपोर्ट के बाद हमास ने अंतरराष्ट्रीय अदालतों से इस्राइल के नेताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में इस्राइल के हमलों में 48,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस्राइल ने यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं को नष्ट कर दिया, जो एक प्रकार के नरसंहार के रूप में देखा जा सकता है।
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इस्राइल ने रिपोर्ट को बताया निर्थक
हालांकि, इस्राइल ने इस आरोप को पूरी तरह से नकारा किया है और इसे जमीन से बने बिना प्रमाण के आरोप बताया है।  इस्राइल का कहना है कि उनका उद्देश्य नागरिकों को नुकसान पहुंचाए बिना हमास से लड़ना था और वे नागरिक क्षेत्रों में हमास के सैन्य गतिविधियों के कारण हमले कर रहे थे। दूसरी तरफ, हमास ने इस्राइल के नेताओं पर मुकदमा चलाने की मांग की है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप गाजा में भारी मौतें हुईं, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। इस्राइल ने इस युद्ध में लगभग 1,200 नागरिकों की मौत होने का आरोप हमास पर लगाया था।

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