संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को रेत और धूल भरी आंधियों से निपटने के लिए 2025 से 2034 तक संयुक्त राष्ट्र दशक की घोषणा की है। जिसमें बताया गया है कि मध्य अफ्रीका से उत्तरी चीन तक बदलते मौसम की घटनाएं स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्थाओं को खतरे में डाल रही हैं।
युगांडा के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत गॉडफ्रे क्वोबा, जिन्होंने 77 समूह की तरफ से प्रस्ताव पेश किया। जो कि 134 विकासशील देशों और चीन के शक्तिशाली संयुक्त राष्ट्र समूह है। इस दौरान 193 सदस्यों को बताया गया कि इस पहल का उद्देश्य रेत और धूल के नकारात्मक प्रभावों को रोकना और कम करना है। यूएन में सदन के सदस्यों के समर्थन से अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस द्वारा जोरदार ध्वनि के साथ प्रस्ताव को पास किया।
2022 की एक रिपोर्ट के आधार पर मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन ने कहा कि हाल के वर्षों में रेत और धूल भरी आंधियों की आवृत्ति में तेजी से वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तूफान सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं। फसलों और पशुओं को मार सकते हैं और मरुस्थलीकरण को बढ़ा सकते हैं। सम्मेलन का अनुमान है कि 2 ट्रिलियन टन रेत और धूल सालाना वायुमंडल में प्रवेश करती है
रेत और धूल के तूफान से निपटने के अंतरराष्ट्रीय दिवस से दो दिन पहले की घोषणा
इस प्रस्ताव को 12 जुलाई को रेत और धूल के तूफान से निपटने के अंतर्राष्ट्रीय दिवस से दो दिन पहले अपनाया गया है। जिसे महासभा ने पिछले साल घोषित किया था और 2024 में यह पहली बार मनाया जाएगा।