बीते 28 महीने से जारी संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इसके मुताबिक रूस ने हथियार बनाने वाली कंपनी के प्रमुख की हत्या की साजिश की। हालांकि, समय रहते आगाह किए जाने के बाद साजिश को नाकाम करने में भी कामयाबी मिली है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस साल की शुरुआत में दावा किया था कि प्रमुख जर्मन हथियार निर्माता कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की हत्या की योजना रूस में बन रही है।
राइनमेटल के सीईओ आर्मिन पैपरगर को जान से मारने की साजिश
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना से परिचित कई अमेरिकी और पश्चिमी अधिकारियों ने बताया कि यूक्रेन पर तोप के गोले और सैन्य वाहन से हमला किया गया। यह साजिश यूरोप भर में रक्षा उद्योग के अधिकारियों को निशाना बनाने की एक व्यापक योजना का हिस्सा थी। इसके तहत यूक्रेन की मदद कर रहे लोगों को निशाना बनाया जाना था। रूस ने जर्मन हथियार निर्माता राइनमेटल के सीईओ आर्मिन पैपरगर को जान से मारने की साजिश रची थी। खतरे के बारे में जानने के बाद, अमेरिकी अधिकारियों ने तुरंत अपने जर्मन समकक्षों को सतर्क किया। जर्मन सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर पैपरगर की सुरक्षा सुनिश्चित की जिससे हत्या की साजिश विफल हो गई।
इस्राइली सेना का दावा- सात अक्तूबर को हमास के आतंकियों ने की बंधकों की हत्या
पिछले साल सात अक्तूबर के दिन शुरू हुआ इस्राइल हमास हिंसक संघर्ष बीते नौ महीने से अधिक समय से जारी है। ताजा घटनाक्रम में इस्राइली सेना (IDF) ने कहा है कि 7 अक्तूबर को किबुत्ज़ में हुआ हमला हमास के आतंकियों ने ही किया था। सेना के मुताबिक उसने अपनी जांच में पाया है कि बंधकों की हत्या टैंक की गोलीबारी से नहीं, बल्कि हमास के आतंकियों के हमले में हुई।
पाकिस्तान: आतंकियों के साथ मुठभेड़ में चार सुरक्षाकर्मी मारे गए
वहीं, उत्तर पश्चिम पाकिस्तान के पेशावर में आज आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में देश के दो सैनिकों सहित कम से कम चार सुरक्षाकर्मी मारे गए। सेना ने यह जानकारी दी। सेना की मीडिया शाख इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा कि पेशावर जिले के मतानी हसन इलाके में एक अभियान चलाया गया। सुरक्षा बलों और पुलिस को एक हाई प्रोफाइल आतंकवादी की कथित मौजूदगी के आधार पर संयुक्त खुफिया आधार अभियान (आईबीओ) चलाया गया था। आईएसपीआर ने बताया कि दो सैनिक और दो पुलिस कर्मी मारे गए।
दक्षिण अफ्रीका में हमले के बाद भी खुली रहेगी मस्जिद
दक्षिण अफ्रीका के तटीय शहर डरबन में एक मस्जिद को निशाना बनाते हुए बम विस्फोट का प्रयास किया गया। हालांकि, यह विस्फोट नाकाम हो गया। हालांकि, इसके बावजूद लोगों ने बुधवार को अजान को यह कहते हुए जारी रखने का फैसला किया कि यह हमला मुस्लिम समुदाय को अपनी धार्मिक परंपरा का पालन करने से नहीं रोक सकता। डरबन उत्तर के उपनगर मुसजिदुर रहमान के एक व्यक्ति यूसुफ देसाई ने आज स्थानीय मीडिया को बताया कि सोमवार को पुलिस को तब बुलाया गया, जब मस्जिद का एक सुरक्षा कर्मी एक वाहन से बाहर निकल रहे व्यक्ति के पास पहुंचा, जो मस्जिद में घुस गया था। सुरक्षा कर्मी के पास पहुंचते ही वाहन भाग, लेकिन आदमी ने पहले मस्जिद में कुछ फेंक दिया।
इस्लामाफोबिक आतंकवादी हमला
पुलिस के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जे.नाइकर ने पुष्टि की कि बम रोधी दस्ते के तकनीशियनों ने मस्जिद स्थल पर एक विस्फोटक उपकरण की पहचान की। लेकिन उपकरण को फटने के लिए सेट नहीं किया गया था। देसाई ने मीडिया से कहा कि यह हमला मुस्लिम समुदाय को अपने धर्म का पालन करने और अन्य धर्मों के साथ बातचीत करने से नहीं रोक पाएगा। देश के मुस्लिम संगठनों ने इस प्रयास को इस्लामाफोबिक आतंकवादी हमला करार दिया। देश के जमीयत उलेमा और सुन्नी उलेमा परिषद ने इस बमबारी के प्रयास की निंदा की है।
नेपाल: देउबा और ओली ने की मुलाकात, भविष्य की रणनीति पर चर्चा
नेपाली कांग्रेस (एनसी) के प्रमुख शेर बहादुर देउबा और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी- एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने बुधवार को मुलाकात की। उन्होंने देश के ताजा सियासी घटनाक्रम और दोनों दलों के नई गठबंधन सरकार बनाने पर सहमति के बाद भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के बाद नई गठबंधन सरकार बनाने के लिए पिछले हफ्ते एनसी और सीपीएन-यूएमएल के बीच सहमति बनी थी। दोनों नेताओं ने भविष्य की रणनीति तैयार करने के मकसद से बैठक की।
स्कॉटलैंड के द्वीप में फंसी पायलट व्हेल, कम से कम 65 की गई जान
स्कॉटलैंड के उत्तरी तट से दूर एक द्वीप पर फंसने की वजह से कम 65 लंबे पंख वाली पायलट व्हेल की जान चली गई। ब्रिटिश डाइवर्स मरीन लाइफ चैरिटी रेस्क्यू ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाल के दिनों में ब्रिटेन में सामूहिक रूप से व्हेल के फंसने की यह सबसे बड़ी घटना है। उसके मुताबिक, उसे दिन में पहले ही इस बारे में पता चल गया था। उसने व्हेल को बचाने के लिए ऑर्कनी द्वीपसमूह के स्कॉटिश द्वीप सैंडे के समुद्र तट पर चिकित्सकों को भेजा था। पहुंचने पर चिकित्सकों ने पाया कि समुद्र तट पर लगभग 77 व्हेल थीं। ये पहले से ही कई घंटों से वहां फंसी थीं। दुख की बात है कि उनमें से केवल 12 ही इस वक्त जिंदा थी। व्हेल कई वजहों से किनारे पर फंस सकती हैं, जैसे कि जब वे अपना रास्ता भूल जाती हैं या ज्वार में फंस जाती हैं। हालांकि,वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके पीछे कोई एक निश्चित वजह नहीं है। पायलट व्हेल गहरे सामाजिक बंधन रखने वाली जीव है। यही वजह है कि जब झुंड का एक सदस्य मुश्किल में पड़ जाता है, तो अक्सर दूसरे भी उसका पीछा करते हैं। नतीजन सामूहिक तौर से व्हेल फंस जाती हैं। लगभग एक साल पहले पायलट व्हेल से जुड़ी एक ऐसी ही घटना स्कॉटिश द्वीप लुईस पर हुई थी। तब कम से कम 55 व्हेल मर गई थी। इस साल की शुरुआत में पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में भी सामूहिक रूप से व्हेल के फंसने की घटना हुई थी।