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नेपाल: नेशनल असेंबली के चुनाव में यूएमएल को लगेगा तगड़ा झटका

Tue, 04 Jan 2022 07:46 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

नेशनल असेंबली के 19 सदस्यों का चुनाव प्रांतीय मतदाता करेंगे। नेपाल में कुल सात प्रांत हैं। 26 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 2,225 मतदाता हैं। निर्वाचक मंडल में प्रांतीय असेंबली के सदस्यों के अलावा प्रांत में स्थानीय निकायों के अध्यक्ष या मेयर और उपाध्यक्ष या डिप्टी मेयर भी बतौर मतदाता शामिल होते हैँ...
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नेपाल नेशनल असेंबली - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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नेपाल में संसद के ऊपरी सदन नेशनल असेंबली का चुनाव राजनीतिक गठबंधनों के बीच जोर-आजमाईश का मौका बन गया है। इन चुनावों के लिए सभी बड़े राजनीतिक दलों ने अपने ज्यादातर उम्मीदवार तय कर लिए हैं। नेशनल असेंबली की 20 सीटों के लिए मतदान 26 जनवरी को होगा। नेशनल असेंबली के 20 सदस्य अगले चार मार्च को रिटायर्ड हो जाएंगे। ये वे सदस्य हैं, जिनका निर्वाचन 2018 में हुआ था।

निर्वाचक मंडल में कुल 2,225 मतदाता

नेशनल असेंबली के 19 सदस्यों का चुनाव प्रांतीय मतदाता करेंगे। नेपाल में कुल सात प्रांत हैं। 26 जनवरी को होने वाले चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में कुल 2,225 मतदाता हैं। निर्वाचक मंडल में प्रांतीय असेंबली के सदस्यों के अलावा प्रांत में स्थानीय निकायों के अध्यक्ष या मेयर और उपाध्यक्ष या डिप्टी मेयर भी बतौर मतदाता शामिल होते हैँ। नेशनल असेंबली में एक सदस्य मनोनीत भी किया जाता है। ये मनोनयन राष्ट्रपति के जरिए होता है।

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इस बार नेशनल असेंबली का चुनाव इसलिए बहुचर्चित हो गया है, क्योंकि देश में राजनीतिक पार्टियों आमने-सामने खड़ी हैं। एक तरफ सत्ताधारी गठबंधन है, जिसमें पांच पार्टियां शामिल हैं। सत्ताधारी गठबंधन ने सोमवार को अपने उम्मीदवार घोषित किए। गठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के हुए बंटवारे के मुताबिक नेपाली कांग्रेस को छह, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओईस्ट सेंटर) को पांच, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनाइटेड सोशलिस्ट) को पांच, जनता समाजवादी पार्टी को दो और राष्ट्रीय जनमोर्चा को एक सीट मिली है।

जो सदस्य रिटायर हो रहे हैं, उनमें सबसे ज्यादा विपक्षी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के हैं। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली ये पार्टी का अभी तक नेशनल असेंबली में सबसे बड़ा दल है। लेकिन अब देश में सियासी समीकरण बदल चुके हैं। इसलिए इस बार के चुनाव में यूएमएल को ज्यादा सफलता मिलने की उम्मीद नहीं है। पार्टी के नेता विष्णु रिमाल ने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा है- ‘हमारे वोट दूसरी पार्टियों ने चुरा लिए हैं। हमारी पार्टी में हुए विभाजन का भारी नुकसान हमें होगा।’

यूएमएल अभी भी सबसे बड़ा दल

यूएमएल में पिछले अगस्त में विभाजन हो गया था। तब उससे निकल कर वरिष्ठ नेता माधव कुमार नेपाल ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनाइफाइड सोशलिस्ट) का गठन किया था। रिमाल ने कहा कि बाकी सभी दल यूएमएल को हराने के लिए एक जुट हो गए हैं। उन्होंने कहा- हम पांच से सात सीटें जीत सकते हैं, लेकिन संभव है कि हमें एक भी सीट ना मिले।

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संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में यूएमएल अभी भी सबसे बड़ा दल है। लेकिन पांच पार्टियों ने मिल कर नेपाली कांग्रेस के नेता शेर बहादुर देउबा के नेतृत्व में पिछले साल सरकार बनाई थी। अब ये सभी पार्टियां मिल कर नेशनल असेंबली का चुनाव लड़ रही हैं। यूएमएल ने सोमवार को सभी 19 सीटों के लिए अपने उम्मीवार तय किए।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों के मुताबिक प्रांत-1 को छोड़ कर बाकी सभी प्रांतों में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टियों के पास यूएमएल से अधिक वोट हैं। ऐसे में उन प्रांतों से यूएमएल को कोई सीट मिलने की आशा नहीं है। नेशनल असेंबली के सदस्य छह साल के लिए चुने जाते हैं। रिटायर हो रहे सदस्यों में यूएमएल के आठ सदस्य हैं। अभी सदन में इस पार्टी के कुल 23 सदस्य हैं।

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