पुतिन ने यूक्रेन के दो और क्षेत्रों की स्वतंत्रता को दी मान्यता
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के दो और क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता दी है। शुक्रवार को यूक्रेन के और अधिक हिस्से पर कब्जा करने की रूसी योजना सात माह की जंग में और तेजी आने के संकेत हैं। पुतिन ने शुक्रवार तड़के खेरसॉन और जपोरिझिया क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता देते हुए आदेश जारी किए।
उन्होंने फरवरी में लुहांस्क और दोनेस्क तथा इससे पहले क्रीमिया के लिए इसी तरह के कदम उठाए थे। रूस ने इन क्षेत्रों की स्वतंत्रता को मान्यता तब दी है जब कुछ दिनों पहले उसने यहां ‘जनमत संग्रह’ कराया था।
माना जा रहा है कि इस घटना के बाद रूस को और अधिक अलग-थलग कर दिया जाएगा। साथ ही उस पर और अधिक अंतरराष्ट्रीय दंड लगाया जाएगा। जबकि यूक्रेन को अमेरिका व नाटो देशों से अतिरिक्त सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दोनबास को मुक्त कराने के लिए चलाया सैन्य अभियान : रूस
उधर, रूसी सेना का कहना है कि पूर्वी यूक्रेन के दोनबास में एक हिस्से को मुक्त कराने के लिए विशेष सैन्य अभियान की खातिर यह कदम उठाया गया है। रूस इस क्षेत्र पर अपना अधिकार होने का दावा करता है।
खारकीव इलाके से सैनिकों को वापस बुलाने और दोनेस्क में फिर से उन्हें तैनात करने के पीछे रूस ने उसी तरह का कारण बताया है, जैसा कि इस साल की शुरुआत में कीव से सैनिक बुलाते समय बताया था।
पुतिन ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूस में शामिल किया, डूमा की भी मंजूरी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को जनमत संग्रह का हवाला दे लाखों निवासियों की इच्छा करार देते हुए यूक्रेन के चार प्रांतों को अलग कर रूस में शामिल की घोषणा कर दी। इसके बाद रूसी संसद (डूमा) ने भी इन प्रांतों को रूस का हिस्सा घोषित कर दिया। इसके लिए हुए कार्यक्रम में पुतिन ने आरोप लगाया कि सोवियत संघ के विघटन के बाद से ही अमेरिका और पश्चिमी देश रूस को छोटे टुकड़ों में बांटने की कोशिश करते रहे हैं, ताकि हम आपस में लड़ते रहें और वे हमें गुलाम बना सकें।
यूक्रेन के दोनास्क, लुहांस्क, जपोरिझिया और खेरसान को रूस में शामिल करने के कार्यक्रम का टीवी पर सीधा प्रसारण किया गया। इन इलाकों के अलगाववादी नेताओं ने भी इन्हें रूस में शामिल करने के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।
पुतिन ने कहा, हमारा इतिहास और भविष्य साझा है। अमेरिका और उसके सहयोगियों को लोकतंत्र की बात करने का अधिकार नहीं है। इस बात के प्रमाण हैं कि पश्चिमी देश वैश्विक खाद्य संकट का समाधान नहीं करना चाहते। रूस एक महान देश और सभ्यता है। यह पश्चिम के छद्म शासन को स्वीकार नहीं करेगा।
पश्चिमी दशों को अहंकारवादी बताते हुए पुतिन ने कहा, अपनी नवउदारवादी संस्कृति को सबसे बेहतर मानकर वह तय करने लगे हैं कि किसे आत्मनिर्णय का अधिकार है और किसे नहीं। 2014 में जनमत संग्रह से क्रीमिया के अलग होने के समय भी पश्चिम ने खूब हाय-तौबा मचाई थी। उन्होंने इसे अवैध भी करार दिया था।
चारों प्रांतों के नेताओं ने भी गाया रूसी राष्ट्रगान
क्रेमलिन के हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पुतिन ने कहा, उन्हें रूस की जरूरत नहीं, लेकिन हमें है। इसके बाद कार्यक्रम में भाग लेने आए लोगों और यूक्रेन से अलग हुए चारों प्रांतों के नेता पुतिन के साथ खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। राष्ट्रगान के अंत में उन्होंने हाथों में हाथ डालकर ऊपर उठाए।
गैस पाइपलाइन लीक का आरोप अमेरिका पर
पुतिन ने नॉर्ड स्ट्रीम पाइपलाइन में 26 सितंबर को हुए लीक के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, रूस को रोकने के लिए प्रतिबंध ही काफी नहीं थे, इसलिए वह धोखा देने पर उतर आए। यकीन करना मुश्किल है, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गैस पाइपलाइन को लीक करने के लिए धमाका कराया। उन्होंने पूरे यूरोप के ऊर्जा ढांचे को नष्ट करने का काम शुरू कर दिया है। यह हर किसी को पता है कि इससे फायदा किसे होगा।
सुरक्षा परिषद में रूस की निंदा के प्रस्ताव पर होगी वोटिंग
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में यूक्रेन के चार इलाकों का विलय करने के लिए रूस की निंदा के प्रस्ताव पर वोटिंग होगी। अमेरिका की ओर से लाए गए इस प्रस्ताव का अल्बानिया ने समर्थन किया है। इस प्रस्ताव में यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराया जाएगा।