रूस और यूक्रेन के बीच बीते 24 फरवरी से जारी भीषण युद्ध अब भी थमा नहीं है। इस बीच अमेरिका ने दो बड़ी परमाणु ताकतों के बीच वार्ता जारी रखने का हवाला देते हुए रूस के दूतावास को बंद करने से इनकार किया है। मास्को स्थित अमेरिकी दूतावास की ओर से एक बयान जारी किया गया है जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन के साथ जंग के कारण खराब हालातों के बाद भी रूस को अपने अमेरिकी दूतावास को बंद नहीं करना चाहिए।
रूस के 12 राजनयित निष्कासित
बता दें कि यूक्रेन पर कार्रवाई के बाद से अमेरिका लगातार रूस पर कार्रवाई की बात कह रहा है। इस क्रम में अमेरिकी विदेश सचिव एंटनी ब्लिंकन और रक्षा प्रमुख लॉयड ऑस्टिन भी कीव का दौरा कर चुके हैं। अमेरिका रूस के खिलाफ कई सख्त प्रतिबंधों को लागू कर चुका है। इसके अलावा रूस के 12 राजनयिकों को भी निष्कासित कर चुका है। रूसी राजनयिकों के निष्कासन के पीछे गैर-राजनयिक गतिविधियों का हवाला दिया गया था।
पश्चिमी देश बोले- नहीं तोड़ना चाहिए राजनीयिक संबंध
दूसरी ओर यूक्रेन और उसके समर्थक यूरोपीय देशों का कहना है कि वह जंग में हार नहीं मानेंगे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में नियुक्त जॉन जे. सुलिवन ने क्रेमलिन को संदेश भेजने के लिए कहा है कि वाशिंगटन और मास्को को अपने राजनयिक संबंधों को नहीं तोड़ना चाहिए।
'पुतिन ने की ऐतिहासिक गलती'
वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन पर हमला करके पुतिन ने ऐतिहासिक गलती की है लेकिन इसके लिए रूस को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का कूटनीतिक प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्धविराम के लिए फ्रांस, रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।
रूस और यूक्रेन के बीच जंग के सौ से ज्यादा दिन बीत चुके हैं। इसी बीच रूसी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि यदि पश्चिमी देश यूक्रेन को लॉन्ग रेंज की मिसाइलें मुहैया कराते हैं तो रूस नए ठिकानों पर हमला करेगा। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन को मिसाइले देने का मतलब होगा कि संघर्श को लंबा करना। अगर ऐसा होता है तो उन लक्ष्यों को निशाना बनाया जाएगा जिन्हें पहले से टारगेट नहीं किया गया।
रूसी हमले में अबतक 113 चर्च नष्ट
उधर यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने दावा किया है कि उन्होंने अबत रूसी सेना के 31 हजार सैनिकों को मार गिराया है। यह आंकड़ा युद्ध शुरू होने यानी 24 फरवरी से 3 जून तक का है। रविवार 5 जून को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देशवासियों को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि वे सब कुछ जलाने और खत्म करने की तैयारी में हैं। वे धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रहे हैं। रूसी हमले में अबतक 113 चर्च नष्ट हो चुके हैं। इनमें से कई चर्च तो सालों पुराने हैं जो दि्तीय विश्वयुद्ध के दौरान भी सलामत बचे रहे।
1040 करोड़ यूक्रेनी नागरिकों ने किया पलायन
रूस के हमले की वजह से अबतक लगभग 1.40 करोड़ यूक्रेनी नागरिकों को अपना घर छोड़कर पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा है। वहीं इस संघर्ष के चलते तीस लाख से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई रुक गई है।