ईरान ने यूक्रेन के यात्री विमान को गलती से मिसाइल से गिराने की गलती स्वीकार कर ली है। ईरानी सेना के एक कमांडर ने इस गलती की जिम्मेदारी भी ली है।
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल आमिर अली हाजीजदेह ने शनिवार को अपनी गलती कबूलते हुए कहा, 'जब मुझे विमान को मार गिराए जाने की बात पता चली, तो सुनकर मेरा मन हुआ कि काश मैं मर गया होता। ताकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का गवाह न बनता।' एक सरकारी चैनल पर उनका यह भाषण प्रसारित हुआ है।
इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों के बीच यह हादसा हुआ था, जिसमें विमान में सवार सभी 176 यात्री मारे गए थे। ईरान के सशस्त्र बलों ने कहा कि इराक के दो सैन्य अड्डों पर ईरान द्वारा किए गए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद पनपे तनाव के मद्देनजर उन्होंने यात्री विमान को गलती से खुद के लिए खतरा मान लिया था।
ईरान ने बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में मारे गए अपने शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए इराक के सैन्य अड्डों पर हमला किया था, जहां अमेरिकी सैनिकों की मौजदूगी थी।
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा था, 'मानवीय गलती के कारण गलती से यूक्रेनी विमान को मिसाइल ने निशाना बनाया। इसके कारण विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और 176 लोगों की जान चली गई। इस त्रासदी और अक्षम्य गलती की जांच जारी रहेगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।'
हालांकि ईरान कई दिनों तक अपनी मिसाइल से विमान गिराए जाने की बात नकारता रहा। मगर अमेरिका और कनाडा ने खुफिया जानकारी के हवाले से कहा था कि ईरान ने विमान को गिराया है। विमान ने यू्क्रेन की राजधानी कीव के लिए उड़ान भरी थी। इसमें 167 यात्री और विभिन्न देशों के नौ क्रू सदस्य शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार विमान में 82 ईरानी, लगभग 63 कनाडियन और 11 यूक्रेनियन सवार थे।
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