फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Russia Ukraine War: 'सैनिकों की आंखों में आ रहा खून...', यूक्रेन का दावा- रूसी सेना में फैला 'माउस फीवर'

Thu, 21 Dec 2023 07:52 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कीव

सार

यूक्रेनी खुफिया एजेंसी का दावा है कि रूसी सैनिकों में माउस फीवर फैल रहा है लेकिन रूसी सेना के कमांडर इसे अनदेखा कर रहे हैं। 
विज्ञापन
रूसी सैनिकों में माउस फीवर फैलने का दावा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस के सैनिकों में माउस फीवर फैल गया है। इसकी वजह से उन्हें तेज सिरदर्द, उल्टी और कुछ गंभीर मामलों में आंखों में खून आने की समस्या भी हो रही है। यूक्रेन की खुफिया एजेंसी इंटेलीजेंस डायरेक्टोरेट ने ये दावा किया है। यूक्रेन का कहना है कि कुपयांस्क इलाके में तैनात रूसी सैनिकों में माउस फीवर फैला है। हालांकि रूस की तरफ से अभी तक इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है।
विज्ञापन


क्या होता है माउस फीवर
बता दें कि माउस फीवर, स्ट्रेपटोकॉकल संक्रमण से होने वाली बीमारी है, जो इंसानों में चूहों के संपर्क में आने या फिर चूहों के मल की दुर्गंध के संपर्क में आने से फैल सकती है। माउस फीवर में संक्रमित व्यक्ति को तेज सिरदर्द, तेज बुखार, त्वचा पर लाल चकते होना, ब्लड प्रेशन कम होना, आंखों में हैमरेज होना, जुकाम और उल्टियां होती हैं। यूक्रेनी खुफिया एजेंसी का दावा है कि रूसी सैनिकों में माउस फीवर फैल रहा है लेकिन रूसी सेना के कमांडर इसे अनदेखा कर रहे हैं। 

'रूसी कमांडर कर रहे अनदेखा'
यूक्रेन का दावा है कि रूसी कमांडर इसे सैनिकों का बहाना मान रहे हैं, उन्हें लगता है कि सैनिक लड़ाई से बचने के लिए ऐसा बहाना बना रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यूक्रेनी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी गई है। जहां एक तरफ यूक्रेन रूसी सैनिकों में माउस फीवर फैलने की बात कह रहा है, वहीं रूसी सेना का साफ कहना है कि जब तक उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक वह युद्धविराम नहीं करेंगे। रूस ने उसके सैनिकों में माउस फीवर फैलने को लेकर कई बयान भी नहीं दिया है। 
विज्ञापन


रूस ने युद्ध रोकने के लिए बातचीत से किया इनकार
रूस यूक्रेन युद्ध को 22 महीने का लंबा वक्त बीत गया है लेकिन रूस ने युद्ध रोकने के लिए बातचीत करने से साफ मना कर दिया है और कहा है कि उनके पास युद्ध रोकने के लिए बातचीत करने का कोई आधार नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें