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Ukrain Russia War: काला सागर में जंगी बेड़े पर हमले के बाद अनाज सौदों से हटा रूस

Mon, 31 Oct 2022 06:17 AM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को/कीव/वाशिंगटन।

सार

अमेरिका ने रूस के इस फैसले पर कहा कि रूस भोजन को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। रूस का यह फैसला बेहद लापरवाही भरा और पूरी दुनिया में पहले से जारी खाद्य संकट को और गंभीर बनाने का खतरा पैदा कर रहा है।
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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को अनाज आपूर्ति समझौते में अपनी भागीदारी स्थगित करने का एलान किया। एक बयान जारी कर रक्षा मंत्रालय ने कहा, सेवास्तोपोल के पास काला सागर में तैनात रूसी नौसैनिक बेड़े पर हुए आतंकी हमले के विरोध में रूस अनाज आपूर्ति समझौते में अपनी भागीदारी तुरंत प्रभाव से स्थगित कर रहा है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने नौ ड्रोन से रूसी सैन्य बेड़े के साथ ही वहां मौजूद कई नागरिक नौकाओं को भी निशाना बनाया। इस हमले रूस का एक जंगी जहाज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।

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अमेरिका ने रूस के इस फैसले पर कहा कि रूस भोजन को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है। रूस का यह फैसला बेहद लापरवाही भरा और पूरी दुनिया में पहले से जारी खाद्य संकट को और गंभीर बनाने का खतरा पैदा कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि दूर-दूर तक रूस के पास इस समझौते से भागने का कोई कारण नहीं है। अमेरिका के आरोपों का जवाब देते हुए रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा, पश्चिम देशों की मदद से यूक्रेन इस समझौते की आड़ में रूस पर आतंकी हमले की साजिशें रच रहा है। रूस इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। समझौते की आड़ में दोहरा धोखा दिया जा रहा है। एजेंसी

काला सागर अनाज पहल
रूस ने काला सागर से होने वाले यूक्रेन के व्यापार को अवरुद्ध कर दिया। यूक्रेन से होने वाली अनाज आपूर्ति रुक गई। संयुक्त राष्ट्र और तुर्किये की मध्यस्थता से जुलाई में काला सागर अनाज पहल पर रूस ने हस्ताक्षर किए थे और अनाज ढोने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया था।
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जपोरिझिया में यूक्रेनी बमबारी से कटी बिजली
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शनिवार को जपोरिझिया परमाणु संयंत्र पर यूक्रेन ने बमबारी की थी। बमबारी की वजह से बिजली की लाइनें तबाह हुई हैं, जिन्हें ठीक करने में कई दिन लग सकते हैं।
पोलैंड में परमाणु हथिायारों से क्यूबा संकट की पुनरावृत्ति होगी..रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पोलैंड में अमेरिकी परमाणु मिसाइलों की तैनाती पर कहा, यह क्यूबन संकट की पुनरावृत्ति जैसा है। रूस पश्चिमी से ऐसी लापरवाही नहीं करने की अपेक्षा करता है, जिसका खामियाजा पूरे यूरोप को भुगतना पड़े।

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा, हमले के पीछे ब्रिटेन का हाथ है। यूक्रेन ने हमला ब्रिटिश विशेषज्ञता की मदद से ही किया है। ग्रेन कॉरिडोर की सुरक्षा में लगीं नागरिक नौकाओं को निशाना बनाकर पश्चिम ने साबित कर दिया है कि उन्हें समझौते की परवाह नहीं है। रूस पश्चिम की धोखेबाजी के लिए अपने नागरिक, सैनिकों को दांव पर नहीं लगा सकता।

संयुक्त राष्ट्र व ईयू ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र रूस के साथ संपर्क में है। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश नीति प्रमुख जोसप बोरेल ने कहा कि अनाज और उर्वरकों की आपूर्ति के बिना दुनियाभर में हालात बिगड़ेंगे।

रूसी कृषि मंत्री दिमित्री पेत्रुशेव ने कहा कि रूस दुनिया में खाद्य सकंट जैसी स्थिति नहीं चाहता। इसलिए तुर्किये की भागीदारी से रूस अगले चार महीनों के भीतर सबसे गरीब देशों को 500,000 टन अनाज की मुफ्त आपूर्ति करने को तैयार है।

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