ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ग्रांट शाप्स ने बुधवार को घोषणा की कि उनकी हिंद महासागर क्षेत्र में इस साल के अंत में अपने 'लिटोरल रिस्पॉन्स ग्रुप' को भेजने की योजना है। इसके अलावा, 'कैरियर स्ट्राइक ग्रुप' के 2025 में हिंद महासागर के दौरे पर जाने की भी योजना है। ये दोनों भारतीय बलों के साथ काम करेंगे और प्रशिक्षण लेंगे।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दो दिवसीय ब्रिटेन यात्रा के दौरान आज दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया। यह 20 से अधिक वर्षों में किसी भारतीय रक्षामंत्री की पहली ब्रिटेन यात्रा है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, रक्षामंत्री ग्रांट शाप्स ने अपने समकक्ष का देश में स्वागत किया। दोनों नेताओं ने संयुक्त अभ्यास से लेकर ज्ञान साझा करने और प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान और रक्षा क्षेत्र में भविष्य के सहयोग पर भी चर्चा की। इसमें आगे कहा गया, ये कदम 2021 में घोषित 2030 भारत-ब्रिटेन रोडमैप में परिकल्पित व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।
ग्रांट शाप्स ने कहा, भारत और ब्रिटेन की सेनाएं आने वाले वर्षों में और अधिक जटिल अभ्यास शुरू करेंगी, जो 2030 के ऐतिहासिक संयुक्त अभ्यास की आधारशिला रखेंगे। उन्होंने आगे कहा, इसमें कोई शक नहीं है कि दुनिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसलिए, यह जरूरी है कि हम भारत जैसे प्रमुख साझेदारों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाना जारी रखें। हम मिलकर एक जैसी चुनौतियों का सामना करने और एक स्वतंत्र व समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शाप्स ने कहा, यह सबंध मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें उन खतरों और चुनौतियों को देखते हुए वैश्विक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए, जो हमें अस्थिर करना चाहते हैं और नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि रणनीतिक रक्षा साझेदारी में औद्योगिक क्षेत्र में सहयोग भी महत्वपूर्ण है और दोनों देश विद्युत प्रणोदन प्रणालियों पर एकसाथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह भविष्य में हमारे बेडे़ को शक्ति प्रदान करेंगे और जटिल हथियारों के विकास में सहयोग करेंगे। वहीं, उनके भारतीय समकक्ष ने कहा कि भारत और ब्रिटेन दोनों मजबूत रणनीतिक संबंध चाहते हैं और इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'भारत और ब्रिटेन दोनों मजबूत रणनीतिक संबंध चाहते हैं। हम व्यापक रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना चाहते हैं।'
इससे पहले मंगलवार को राजनाथ सिंह ने लंदन में बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर का दौरा किया। यह यूरोप का पहला प्रामाणिक और पारंपरिक रूप से निर्मित हिंदू मंदिर है। सूत्रों के अनुसार राजनाथ सिंह ने मंदिर में पूजा की।
डेविड कैमरन के साथ राजनाथ सिंह की बैठक
राजनाथ सिंह ने आज ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरन से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने व दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने पर उनके साथ विचार-विमर्श किया। रक्षा मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड कैमरन के साथ भारत-ब्रिटेन संबंधों को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच सहयोग को गहरा करने पर गहन विचार-विमर्श हुआ।'
इससे पहले राजनाथ सिंह ने अपने ब्रिटिश समकक्ष शाप्स के साथ ब्रिटेन-भारत रक्षा उद्योग सीईओ गोलमेज बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक में ब्रिटेन के रक्षा उद्योग के कई मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों, ब्रिटेन-भारत व्यापार परिषद (यूकेआईबीसी) और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बातचीत में प्रतिनिधित्व करने वाली कुछ प्रमुख रक्षा कंपनियों में बीएई सिस्टम्स, जीई वर्नोवा, जेम्स फिशर डिफेंस, लियोनार्डो एसपीए, मार्टिन बेकर एयरक्राफ्ट कंपनी लिमिटेड, एसएएबी यूके, थेल्स यूके, अल्ट्रा-मैरीटाइम रोल्स-रॉयस, एडीएस ग्रुप और एमबीडीए यूके शामिल थे। राजनाथ सिंह अपनी यात्रा के समापन पर एक सामुदायिक स्वागत समारोह में प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत करेंगे।