अगस्त माह में एशिया कप मैच में 28 अगस्त को पाकिस्तान की हार के बाद ब्रिटेन के लिस्टर में हुई हिंसक वारदातों के बारे में वहां के एक थिंक टैंक ने नया दावा किया है। हेनरी जैक्सन सोसायटी नामक इस थिंक टैंक ने कई सर्वे करने के बाद उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि इन हिंसक घटनाओं के पीछे दक्षिणपंथी समूहों जैसे आरएसएस और कुछ अन्य हिंदू समूहों का योगदान है।
हेनरी जैक्सन सोसायटी के एक रिसर्च फेलो चार्लोट लिटिलवुड ने इस हिंसा को लेकर लिस्टर के मुस्लिम और हिंदू दोनों निवासियों के बीच जाकर विभिन्न माध्यमों से सर्वे करने के बाद ये खुलासा किया है। लिटिलवुड ने इसके लिए लिस्टर के लोगों से ना केवल बातचीत की बल्कि सोशल मीडिया साक्ष्य, वीडियो साक्ष्य, पुलिस रिपोर्ट और बयानों का भी विश्लेषण किया।
हिंसा को लेकर लिटिलवुड ने कहा कि जांच में हिंदुत्व समूहों को लिस्टर में सक्रिय नहीं पाया गया। बल्कि कुछ लोगों द्वारा समुदायों के बीच हिंसा के मुद्दे को गलत तरीके से वहां संगठित हिंदुत्व समूहों पर आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा कि इसके कारण दोनों समुदायों के बीच विवाद बढ़ाने और उनकी एकता को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, यूके में सक्रिय आरएसएस और हिंदुत्व संगठनों पर लगाए गए गलत आरोपों के कारण वहां हिंदू समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर नफरत, बर्बरता और हमले के बड़े खतरे को पैदा कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लिस्टर में हिंदू-मुस्लिमों के बीच तनाव की शुरुआत एशिया कप मैच में 28 अगस्त को पाकिस्तान की हार से हुई थी। इसके बाद छह सितंबर को लीसेस्टर में गुस्साए पाकिस्तानी मुसलमानों ने हिंदुओं को निशाना बनाया था। इसी दौरान एक समुदाय ने दूसरे के समुदाय के एक धर्मस्थल का झंडा उखाड़ दिया था। इसके बाद इसी तरह की एक अन्य घटना में 20 सितंबर को बर्मिंघम में यूनाइटेड किंगडम के स्मेथविक में दुर्गा भवन मंदिर के बाहर भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन किया था। जिसके बाद हिंसक झड़प की आशंका पैदा हो गई।
लिस्टर पुलिस ने हिंसा के मामले में अब तक 55 लोगों को गिरफ्तार किया है और शांति की अपील की, लेकिन तनाव कायम है। ब्रिटेन के इस शहर में अशांति और गड़बड़ी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। सोशल मीडिया में जारी रिपोर्टों में दावा किया गया कि ताजा हिंसा एक विरोध मार्च के कारण फैली। इसके वीडियो फुटेज में पुलिस को भीड़ को लोगों को रोकने की कोशिश करते हुए दिखाया गया है। इसी दौरान कांच की बोतलें फेंकी गईं और कुछ लोगों लाठियां और डंडों लेकर सड़क पर नजर आए।
गौरतलब है कि इस सांप्रदायिक हिंसा के बाद ब्रिटेन की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने लिस्टर शहर का दौरा भी किया था। उन्होंने अपने दौरे के दौरान वहां के पुलिस अधिकारियों, हिंदू व मुस्लिम समुदाय के नेताओं से बात की थी। गृहमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि इन हिंसक झड़पों के पीछे के दोषियों को कानूनों का सामना करना पड़ेगा।