'हाउस ऑफ कॉमन्स कमिटी ऑन स्टैंडर्ड्स' की जांच गोपनीयता नियमों के संदर्भ में हुई, जो संसदीय मानक आयुक्त की उस जांच पर लागू होती कि क्या सुनक ने हितों की घोषणा से संबंधित मंत्रिस्तरीय संहिता के पैराग्राफ 6 का उल्लंघन किया था।
पिछले महीने संसदीय निगरानी समिति ने निष्कर्ष निकाला था कि सुनक चाइल्डकेयर फर्म कोरू किड्स में अक्षता मूर्ति के शेयरों का संदर्भ देने में विफल रहे, जिसके कारण भ्रम की स्थिति पैदा हुई। यह अनजाने में हुई थी। मानक समिति द्वारा संबंधित जांच इस बात को लेकर शुरू हुई कि क्या उनके डाउनिंग स्ट्रीट प्रवक्ता ने ऐसी जांचों को पूरा होने तक गोपनीयता के नियमों को तोड़ा है।
समिति ने कहा,'यह संहिता का मामूली और अनजाने में हुआ उल्लंघन है। सुनक के स्टाफ को संसदीय मानक आयुक्त की मंजूरी के बिना जांच के तहत मामले के विवरण के बारे में कोई बयान जारी नहीं करना चाहिए था।' आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि इससे उनकी जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। फिर भी, यह एक उल्लंघन है जो नहीं होना चाहिए था।
उन्होंने कहा, 'हालांकि, सुनक मानते हैं कि पीछे मुड़कर देखने पर उन्होंने अलग तरह की कार्रवाई की है। समिति अन्य सांसदों की तरह प्रधानमंत्री और सभी मंत्रियों को याद दिलाएगी कि यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि इस तरह के उल्लंघन न हों।'