ब्रिटेन सरकार के एक मंत्री ने रविवार को लंदन की सड़कों पर फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनों के दौरान जिहाद के नारे लगाने की निंदा की। इस मामले में दस लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है।
आव्रजन मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने कहा कि यह मुद्दा मेट्रोपोलिटन पुलिस और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) देख रही है। उन्होंने पुष्टि की है कि आतंकवादी कानून के तहत कुछ गिरफ्तारियां की गई हैं।
फलस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए शनिवार को लंदन, बर्मिंघम, कार्डिफ, बेलफास्ट और अन्य शहरों में प्रदर्शन हुए। उसके बाद यह घटना हुई। जेनरिक ने कहा, 'लंदन की सड़कों पर जिहाद का नारा लगाना पूरी तरह से निंदनीय है और मैं इस तरह के नजारे कभी नहीं देखना चाहता।'
उन्होंने कहा, इससे आतंकवादी हिंसा भड़क सकती है और कानून को इससे पूरी तरह से निपटने की जरूरत है। उन्होंने कहा, पुलिस और सीपीएस इस मामले को देख रही है, क्योंकि आतंकवादी कानून के तहत यह गिरफ्तारियां हुई हैं। हम ब्रिटिश यहूदियों की रक्षा के लिए वह सब कुछ करना चाहते हैं, जो हम कर सकते हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि इस देश में इस बात पर आम सहमति होनी चाहिए कि जिहाद जैसी बातें करना पूरी तरह निंदनीय है और गलत है। हम अपने देश में ऐसा कभी नहीं देखना चाहते।
मेट्रोपोलिटन पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रदर्शनों के दौरान नफरत फैलाने वाले भाषणों से कुछ अव्यवस्था हुई और पांच अधिकारियों को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने कहा कि अधिकारियों ने हिज्ब उत-तहरीर प्रदर्शन के एक वीडियो की भी जांच की है, जिसमें एक व्यक्ति को 'जिहाद, जिहाद' के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, 'इस शब्द के कई अर्थ हैं। लेकिन हम जानते हैं कि जनता इसे आतंकवाद से जोड़कर देखेगी।'