BBC Documentary: ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के प्रवक्ता ने बुधवार को डाउनिंग स्ट्रीट में पत्रकारों के साथ बातचीत में इस सप्ताह के शुरू में संसद में विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली द्वारा दिए गए बयान को दोहराया। संसद में कहा गया था कि ब्रिटेन सरकार भारत के साथ अपने संबंधों में निवेश करना जारी रखेगी।
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ प्रवासी भारतीय समुदाय के लोग विरोध कर रहे हैं। इसके मद्देनजर ब्रिटेन सरकार ने मीडिया प्रतिष्ठान के तौर पर बीबीसी का बचाव किया है। उनका कहना है कि बीबीसी एक स्वतंत्र मीडिया प्रतिष्ठान है।
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के प्रवक्ता ने बुधवार को डाउनिंग स्ट्रीट में पत्रकारों के साथ बातचीत में इस सप्ताह के शुरू में संसद में विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली द्वारा दिए गए बयान को दोहराया। संसद में कहा गया था कि ब्रिटेन सरकार भारत के साथ अपने संबंधों में निवेश करना जारी रखेगी।
डॉक्यूमेंट्री 'इंडिया: द मोदी क्वेश्चन' को लेकर भारत की निंदा के बारे में एक सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि बीबीसी अपने काम में स्वतंत्र है। हम इस बात पर भी जोर देंगे कि हम भारत को एक अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदार के रूप में मानते हैं। हम आने वाले दशकों में भारत के साथ अपने संबंधों में भारी निवेश करेंगे तथा हमें विश्वास है कि यह और मजबूत होता जाएगा।
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डॉक्यूमेंट्री में क्या है, जिस पर विवाद हो रहा है?
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर बीबीसी ने India: The Modi Question शीर्षक से दो पार्ट में एक नई सीरीज बनाई है। इसका पहला पार्ट मगंलवार को जारी किया गया है। इस सीरीज में पीएम मोदी के शुरुआती दौर के राजनीतिक सफर पर बातें की गईं हैं। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ उनके जुड़ाव, भाजपा में बढ़ते कद और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति की चर्चा भी इसमें की गई है। मोदी के मुख्यमंत्री रहते गुजरात में हुए दंगों का भी इसमें जिक्र है। इस हिस्से में गुजरात दंगों में पीएम मोदी की कथित भूमिका की बात कही गई है। इसी को लेकर विवाद हो रहा है।