पश्चिम एशिया में इस्राइल और फलस्तीन का मुद्दा बीते लगभग सात महीने से लगातार सुर्खियों में है। हमास और इस्राइली सेना के हिंसक संघर्ष के बीच गाजा की जनता पिस रही है। युद्ध की आंच अमेरिका तक महसूस की जा रही है। लॉस एंजिल्स के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (UCLA) में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस के बलप्रयोग की खबर सामने आई है।
अमेरिका में फलस्तीन के समर्थन में आवाज उठने का सिलसिला जारी है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब दूसरे कैंपस में भी अपना असर दिखा रहा है। लॉस एंजिल्स के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के कथित कब्जे से कैंपस को मुक्त कराने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बैरिकेड्स हटा दिए हैं। फलस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने जब पुलिस के आदेश को मानने से इनकार कर दिया तो 24 घंटे बाद उनके मजबूत कब्जे को हटाने के लिए पुलिस ने बलप्रयोग किया। खबरों के मुताबिक पुलिस को बलप्रयोग का सहारा लेना पड़ा। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लाउडस्पीकर पर चेतावनी दी और कहा कि उन्हें कई घंटों तक हिरासत में रखा जा सकता है।
विज्ञापन
डंडों और सुरक्षा गियर से लैस पुलिसकर्मियों की सख्ती
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन के बलप्रयोग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस के हेलीकॉप्टर कैंपस के ऊपर मंडराते देखे गए। फ्लैश-बैंग्स की तेज आवाजें भी सुनी गईं। इसकी मदद से पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास करती है। अधिकारियों के पास आने पर प्रदर्शनकारियों ने सवाल किया कि पुलिस ने जरूरत के समय कार्रवाई क्यों नहीं की? प्रदर्शनकारियों ने पीछे न हटने का इरादा जाहिर करते हुए दो टूक लहजे में कहा कि प्रशासन शांति चाहता है, लेकिन हम इंसाफ की मांग कर रहे हैं। फेस शील्ड और सुरक्षा जैकेट से लैस पुलिसकर्मियों को डंडों, हेलमेट और गैस मास्क से भी लैस देखा गया।
गाजा में गहराते मानवीय संकट के खिलाफ छात्रों में उबाल
इसके अलावा अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में भी छात्रों के आक्रामक तेवर देखे गए। न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय की एक इमारत पर मंगलवार को दर्जनों प्रदर्शनकारी छात्रों ने कब्जा कर लिया। छात्रों ने प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग कर दी और इस्राइल-हमास युद्ध के विरुद्ध प्रदर्शनों में तेजी लाते हुए एक खिड़की से फलस्तीनी झंडा फहरा दिया। गाजा पर इस्राइली हमलों और इस्राइल को अमेरिकी समर्थन के खिलाफ देश भर के कॉलेज परिसरों में आंदोलन फैल गया है।
विज्ञापन
पेरिस में भी दिखा प्रदर्शनकारियों के बीच आक्रोश
अमेरिका से बाहर भी गाजा के मानवीय संकट का मुद्दा विरोध का प्रमुख कारण बन रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस से भी फलस्तीनियों के समर्थन में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं। सोरबोन विश्वविद्यालय के पास दर्जनों छात्रों ने एकजुट होकर नारेबाजी की। लगभग 100 प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय के पास विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान फलस्तीनी झंडे लहराए गए और फलस्तीनियों के समर्थन में भाषणबाजी की गई।