यूएई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल
- फोटो : एक्स/भारतीय दूतावास, दुबई
33 देशों की राजधानी भेजे गए प्रतिनिधिमंडल
कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से 33 देशों की राजधानियों को सात प्रतिनिधिमंडल भेजे गए हैं। यह उनमें से एक है। इनका मकसद पाकिस्तानी की नीयत और आतंकवाद पर भारत की प्रतिक्रिया को दुनिया के सामने रखना है।
श्रीकांत शिंदे, अली राशिद अल-नुआइमी
- फोटो : एक्स/भारतीय दूतावास, यूएई।
आतंकवाद मानवाता का दुश्मन: अल-नुआइमी
अल नुआइमी ने जोर देते हुए कहा, आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। समझदार लोगों को इसके खिलाफ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया, हम पहले से ही आतंकवाद से लड़ाई में भारत के साथ सहयोग कर रहे हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा हमारे लिए समझौते का विषय नहीं है। भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है, न केवल सरकार के स्तर पर बल्कि जनता के स्तर पर भी।
बैठक पर श्रीकांत शिंदे ने क्या कहा
श्रीकांत शिंदे ने इस बातचीत को बहुत सार्थक बताया और कहा कि यूएई आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ पूरी तरह खड़ा है। शिंदे ने कहा, हमने रक्षा समिति के अध्यक्ष अली राशिद अल-नुआइमी और सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान से मुलाकात की। यूएई भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है। उन्होंने आगे कहा, यूएई से साफ संदेश मिला है कि किसी भी धर्म के नाम आतंकवाद नहीं फैलना चाहिए। यह हमला केवल भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर है। यूएई जैसे विविधता वाले क्षेत्र में भी शांति और समृद्धि है, जैसे भारत में है। वहां रहने वाले भारतीय खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।
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यूएई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल
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प्रतिनिधि मंडल में अन्य सदस्य कौन हैं
प्रतिनिधिमंडल में अन्य सदस्य मनन कुमार मिश्रा (भाजपा), सस्मित पात्रा (बीजेडी), ई.टी. मोहम्मद बशीर (आईयूएमएल), एस.एस. अहलूवालिया (भाजपा), अतुल गर्ग (भाजपा), बांसुरी स्वराज (भाजपा), पूर्व राजनयिक सुजान आर. चिनॉय, भारत के यूएई में राजदूत संजय सुधीर शामिल हैं।
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