नीदरलैंड दौरे पर गए विदेश मंत्री डॉ जयशंकर का बयान
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सैन्य कार्रवाई को रोकने को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे बातचीत हुई
नीदरलैंड के प्रसारक ‘एनओएस’ और दैनिक डे वोल्क्सक्रांट को दिए साक्षात्कार में जयशंकर ने कहा कि संघर्ष खत्म करने की व्यवस्था पर भारत और पाकिस्तान दोनों ने मुहर लगाई। जब दो देश संघर्ष में उलझे होते हैं तो यह स्वाभाविक है कि दुनिया के देश एक-दूसरे को फोन कर अपनी चिंता जताने की कोशिश करते हैं लेकिन गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई को रोकने को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि हमने अमेरिका समेत सभी लोगों को एक बात बहुत स्पष्ट कर दी थी कि अगर पाकिस्तानियों को लड़ाई बंद करनी है तो उन्हें हमें बताना होगा। हमें उनसे यह सुनना है। उनके जनरल को हमारे जनरल को फोन करके यह कहना होगा। और यही हुआ।
नीदरलैंड दौरे पर गए विदेश मंत्री डॉ जयशंकर का बयान
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अमेरिका अकेला नहीं, खाड़ी देशों सहित कुछ अन्य देश भी शामिल
पाकिस्तान के साथ समझौते पर अमेरिका की भूमिका पर उन्होंने कहा कि अमेरिका तो अमेरिका में ही था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो ने उनसे और राष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी। वे भारत और पाकिस्तान दोनों पक्षों से संपर्क में थे। इसमें खाड़ी देशों सहित कुछ अन्य देश भी शामिल थे और अमेरिका इस प्रक्रिया में अकेला नहीं था। विदेश मंत्री नीदरलैंड, डेनमार्क और जर्मनी के दौरे के तहत नीदरलैंड के हेग शहर में थे।
डॉ. एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
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आतंकी हमला हुआ तो पाकिस्तान को फिर मिलेगा जवाब...
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत भविष्य में भी पहलगाम जैसे किसी भी आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकवादियों पर फिर से हमला करेगा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है कि यदि ऐसा कोई हमला होता है तो जवाब दिया जाएगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर।
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आतंकवाद और अवैध रूप से कब्जाए कश्मीर पर ही होगी बात...
कश्मीर मसले पर ट्रंप की मध्यस्थता के प्रस्ताव पर जयशंकर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों का जटिल इतिहास रहा है। पाकिस्तान ने हमेशा से कट्टरपंथी धार्मिक एजेंडा चलाया है। कश्मीर द्विपक्षीय मसला है और इस पर केवल द्विपक्षीय तरीके से ही बातचीत होगी। उन्होंने साफ कहा कि भारत पाकिस्तान की ओर से अवैध रूप से कब्जाए गए कश्मीर के हिस्से को वापस करने व आतंकवाद के मुद्दे पर उसके साथ बातचीत करने को तैयार है।
डॉ. एस. जयशंकर, विदेश मंत्री
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संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल सबसे कुख्यात आतंकी सभी पाकिस्तान में
विदेश मंत्री ने कहा कि किसी को इस बयान पर यकीन नहीं करना चाहिए कि पाकिस्तान को नहीं पता है कि उसके देश में क्या चल रहा है। संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल सबसे कुख्यात आतंकवादी सभी पाकिस्तान में हैं और वे वहां के बड़े शहरों में खुलेआम घूम रहे हैं।
जयशंकर
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पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर धार्मिक कट्टरपंथी
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पर तीखा हमला बोला और उन्हें धार्मिक कट्टरपंथी बता दिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला उस कट्टरपंथी सोच का ही नतीजा है। नीदरलैंड के एक समाचार पत्र के साथ बातचीत में डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी किए गए आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया।
आसिम मुनीर
- फोटो : एक्स/डीजी आईएसपीआर
पाकिस्तानी सेना प्रमुख को लेकर क्या बोले एस जयशंकर
पहलगाम आतंकी हमले पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि 'भारतीय क्षेत्र जम्मू कश्मीर में बर्बर आतंकी हमला किया गया, जहां 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई। यह हमला कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर किया गया था क्योंकि कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही आधारित है। हमले के द्वारा धार्मिक भेदभाव को बढ़ाने की कोशिश की गई और लोगों को धर्म पूछकर मारा गया। पाकिस्तान की सेना के जो प्रमुख हैं, वो खुद धार्मिक कट्टरपंथी हैं। पहलगाम में हुआ आतंकी हमला उसी कट्टरपंथी सोच का नतीजा है।'
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विदेश मंत्री जयशंकर
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आतंकी ठिकानों पर किए हमले
विदेश मंत्री ने कहा कि पहलगाम हमले के पीछे टीआरएफ और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठन हैं और टीआरएफ ने हमले की जिम्मेदारी भी ली है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 2023, 2024 में टीआरएफ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। जयशंकर ने कहा कि हमने पहलगाम आतंकी हमला करने वाले लोगों की पहचान की और ये कोई छिपी हुई बात नहीं है और उसके बाद उन्हें निशाना बनाया। साथ ही किसी सैन्य या नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों के समर्थन में भारत पर हमला किया। भारतीय विदेश मंत्री ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भारत औऱ पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम द्विपक्षीय तौर पर हुआ। भारत ने जब 10 मई को पाकिस्तान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की तो पाकिस्तानी सेना ने स्वीकार किया था कि हमें संघर्षविराम करना चाहिए।
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