अमेरिका और चीन के वार्ताकारों ने अपने व्यापार संबंधों में तनाव का समाधान निकालने के लिए बुधवार से दो दिन की बैठक शुरू की। इसका मकसद दोनों के बीच छह माह से भी ज्यादा समय से जारी व्यापार युद्ध (ट्रेड वार) का समाधान करना है।
अमेरिका और चीन के बीच जारी इस ट्रेड ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह झकझोर दिया है और उस पर संकट के बादल भी दिख रहे है। विश्लेषकों का मानना है कि अभी के हालात मुताबिक इस हफ्ते की बातचीत से कुछ ठोस या निर्णायक समाधान आने की उम्मीदें कम हैं, क्योंकि दोनों देशों के बीच मतभेद काफी गहरे हैं।
इस कदम में आशाजनक बात यही है कि दोनों पक्ष कम से कम इस मसले पर बातचीत के लिए तैयार तो हुए हैं। अमेरिका चाहता है कि चीन खुद को इलेक्ट्रिक कार और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक शक्ति बनने की अपनी आकांक्षा को कम करे।
अमेरिका के पूर्व व्यापार अधिकारी क्रिस्टोफर एडम्स ने कहा कि दोनों देशों की प्रणाली में बुनियादी बदलाव लाने वाले किसी समग्र समझौते पर सहमति बनने की उन्हें संभावना बहुत कम नजर आती है।