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Twitter Controversy: व्हिसलब्लोअर को चुप रहने के लिए दिए गए थे 70 लाख डॉलर, मस्क के वकील ने लगाए गंभीर आरोप

Fri, 09 Sep 2022 10:47 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

Twitter Controversy News in Hindi: व्हिसलब्लोअर पीटर जाटको ने कंपनी पर अमेरिकी नियामकों को फर्जी खातों व हैकरों के खिलाफ सुरक्षा को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। पीटर ने 84 पन्नों की शिकायत में कहा, ट्विटर ने यूजर्स की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था का जो दावा किया था, वह झूठा था।
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ट्विटर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एलन मस्क और ट्विटर के बीच 44 अरब डॉलर की डील टूटने के बाद दोनों के बीच कानूनी जंग जारी है। इस बीच मस्क के वकील ने सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। मस्क के वकील ने दावा किया है कि ट्विटर ने एक व्हिसलब्लोअर को मुंह बंद रखने के लिए 70 लाख डॉलर का भुगतान किया था। इस व्हिसलब्लोअर ने ट्विटर की परिचालन समस्याओं को लेकर सवाल खड़े किए थे। 

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दरअसल, 44 अरब डॉलर की डील मामले में छह सितंबर को कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान मस्क के वकील एलेक्स स्पिरो ने कहा, एक व्हिसलब्लोअर पीटर जाटको को शांत रहने के लिए 70 लाख डॉलर का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा, मामले से परिचित लोगों ने पुष्टि की है कि वह पैसा जाटको को देने के लिए ही था। 

ट्विटर ने खारिज किया दावा 
उधर, ट्विटर ने मस्क के वकील के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्होंने कंपनी के पूर्व सुरक्षा अधिकारी जाटको को कोई भुगतान किया है। दरअसल, वॉल स्ट्रीट जर्नल में गुरुवार को इस लेने-देन के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जाटको के ट्विटर छोड़ने के बाद उसे मुआवजे से संबंधित जो रकम दी गई, वह एक समझौते का हिस्सा थी। इस सौदे  ने जाटको को सार्वजनिक रूप से बोलने नहीं दिया। हालांकि, सरकारी व्हिसलब्लोअर के रूप में उसने ट्विटर के खिलाफ शिकायत की। 
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जाटको का क्या था आरोप?
ट्विटर के पूर्व सुरक्षा अधिकारी व व्हिसलब्लोअर पीटर जाटको ने कंपनी पर अमेरिकी नियामकों को फर्जी खातों व हैकरों के खिलाफ सुरक्षा को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। पीटर ने 84 पन्नों की शिकायत में कहा, ट्विटर ने यूजर्स की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था का जो दावा किया था, वह झूठा था। बीते माह अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग, संघीय व्यापार आयोग और न्याय विभाग में दर्ज कराई शिकायत में जाटको ने ट्विटर पर स्वचालित बॉट्स की संख्या कम बताने का आरोप मढ़ा और कहा कि कंपनी फर्जी खातों व बॉट्स से निपटने के मुकाबले यूजर्स बढ़ाने को प्राथमिकता देती है। सुरक्षा जोखिम में लापरवाही बरतते हुए यूजर्स की संख्या बढ़ाकर ट्विटर अधिकारी लाखों डॉलर का बोनस कमाते हैं।

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